रायपुर। छत्तीसगढ़ में होने वाली विशेष खेल प्रतियोगिता बस्तर ओलिंपिक का आज से आगाज होने वाला है। बस्तर ओलिंपिक में कुल 11 खेल खेले जाएंगे। इसमें तीरंदाजी, एथलेटिक्स, फुटबॉल, बैडमिंटन, हॉकी समेत कई अन्य खेल शामिल है। बस्तर ओलिंपिक में बलॉक स्तर से लेकर संंभाग स्तर तक की प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। वहीं इनमें जीतने वाले विजेता प्रतियोगियों को सीधा राज्य स्तरीय खेल अकादमी में भर्ती दी जाएगी। 25 अक्टूबर से शुरू होने वाले इस बस्तर ओलिंपिक का समापन 30 नवंंबर को होगा। बस्तर ओलंपिक में कुल 11 खेलों का आयोजन होना है। इसमें तीरंदाजी, कबड्डी, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कराटे, वेटलिफ्टिंग, खो खो, वॉलीबॉल और रस्साकशी जैसे गेम शामिल हैं।
इस साल बस्तर ओलिंपिक का आयोजन ब्लॉक स्तर, जिला स्तर और संभाग स्तर पर किया जाएगा। बात करें बस्तर ओलंपिक की टाइमलाइन की तो इस साल इसकी शुरुआत ब्लॉक स्तर से होगी। प्रतियोगिता 25 अक्टूबर को ब्लॉक स्तर से शुरू होकर 5 नवंबर तक चलेगा। बस्तर संभाग के सभी ब्लॉक मुख्यालय में इसका आयोजन होगा। वहीं इसकी प्रत्येक ब्लॉक के लिए समय सारिणी भी निर्धारित कर ली गई है। जिला स्तर पर बस्तर ओलंपिक का आयोजन 6 नवंबर से 15 नवंबर तक होगा। इसमें ब्लॉक स्तर पर जीतने वाले सारे खिलाड़ी जिला स्तर पर अपने खेल का प्रदर्शन करेंगे। वहीं संभाग स्तर पर 24 नवंबर से 30 नवंबर तक इसका आयोजन किया जाएगा। इसमें 7 जिलों के विजेता खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे. सात जिलों में बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, बीजापुर, दंतेवाड़ा, सुकमा और नारायणपुर जिले शामिल हैं।
ब्लॉक स्तरीय आयोजन में 7 जिलों के 32 विकासखंड में 62 से अधिक खेल मैदानों में इन खेलों का आयोजन किया होगा। इस आयोजन में खेल नियमों के जानकार, रेफरी और खेल संघ के तकनीकी ऑफिशियल्स को शामिल किया गया है। 32 विकासखंड के 11 खेलों के लिए 2000 से अधिक तकनीकी ऑफिशियल्स की सेवाएं ली जाएगी।डिप्टी सीएम और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने बताया कि 2024 के बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था । इस साल इसमें हिस्सा लेने वाले युवाओं की संख्या बढ़कर 3 लाख 91 हजार 297 हो गई है। जिसमें 1 लाख 63 हजार 668 पुरुष खिलाड़ी है। वहीं 2 लाख 27 हजार 629 महिला खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। ये एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड है ।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि, बस्तर ओलंपिक केवल खेल नहीं बल्कि बस्तर क्षेत्र के युवाओं को मुख्य धारा में लाने का एक प्रयास है। ऐसा प्रयास है कि वे नक्सल विचारधारा को त्याग कर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें।बस्तर ओलंपिक में सरेंडर नक्सली भी हिस्सा लेंगे।सरेंडर कर चुके नक्सलियों को बस्तर ओलंपिक में युवा बाट नाम दिया गया है, जो इस आयोजन में खेल प्रतिभागी के रूप में शामिल होते हैं।साल 2024 की तरह इस साल भी नक्सल हिंसा से प्रभावित दिव्यांग लोग इसमें शामिल होंगे। इस पहल से बस्तर ओलंपिक शांति, समरसता और समान अवसर का प्रतीक बन गया है।
Author: cg24x7




