परिवहन विभाग सख्त : टोल पार करने वाले वाहन फिटनेस, बीमा में फंस रहे, 40 हजार को कोर्ट से चालान

रायपुर। परिवहन विभाग अब नियमों का उल्लंघन कर वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ जुर्माना की राशि नहीं पटाने वालों के खिलाफ कोर्ट के माध्यम से चालान भेज कर जुर्माना वसूल रहा है। जिन्हें ऑनलाइन जुर्माने की जुर्माने की राशि जमा नहीं करने वाले अब तक 40 हजार वाहन मालिकों को कोर्ट के माध्यम से चालान भेजा गया है। कई ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें ऑनलाइन जुर्माने की राशि जमा करना नहीं आता। ऐसे लोगों के लिए परिवहन विभाग ने सभी जिलों के परिवहन कार्यालय में हेल्प डेस्क खोला है। बावजूद इसके जो जुर्माने की राशि जमा नहीं कर रहे, उनको कोर्ट के माध्यम से चालान भेजा जा रहा है। परिवहन विभाग का यह डेटा जनवरी से लेकर 31 मार्च तक का है।

अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर के अनुसार परिवहन विभाग राज्य के सभी टोल प्लाजा में स्वचलित नंबर प्लेट (एएनपीआर) पहचान कैमरा लगाए हुए है। जिन गाड़ियों की पीयूसी, फिटनेस तथा बीमा की राशि जमा नहीं हुई रहती, एएनपीआर कैमरा ऐसी गाड़ियों की पहचान कर तत्काल जुर्माना काट कर वाहन मालिक को मैसेज भेज देता है। एएनपीआर कैमरा की जद में आने के 15 मिनट के भीतर गाड़ी मालिक को जुर्माना की जानकारी मिल जाती है। मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन कर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने हर जगह ट्रैफिक पुलिस के साथ परिवहन विभाग के कर्मचारियों की तैनाती नहीं की जा सकती। इसीलिए राज्य के पौने दो सौ स्थानों में परिवहन विभाग ने अलग से कैमरा लगाए हैं। इसके साथ ही आगामी तीन माह के भीतर 320 स्थानों पर और कैमरा लगाने की तैयारी अंतिम चरण पर है।

विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक पिछले वर्ष राज्य में सड़क दुर्घटना में छह हजार से ज्यादा लोगों की मौतें हुई थी। इस लिहाज से राज्य में हर दिन सड़क दुर्घटना में औसतन 16 से 17 लोगों की मौतें हो रही हैं। हादसे का कारण अनफिट गाड़ियों के साथ लापरवाही पूर्वक वाहन चलाना है। हादसों पर अंकुश लगाने कैमरा लगाए जा रहे हैं। इससे रफ्तार पर अंकुश लगेगा।एनएपीआर के साथ परिवहन विभाग लेडर बेस्ड स्पीड कैमरा लगा रहा है। रायपुर के तेलीबांधा, वीआईपी रोड स्थित राम मंदिर तथा मंदिर हसौद थाना के सामने इसी सप्ताह लेडर बेस्ड स्पीड कैमरा इंस्टाल किया गया है। इस कैमरे की मदद से पांच सौ मीटर दूर से गाड़ी के नंबर के साथ स्पीड रिकार्ड हो जाता है।

परिवहन विभाग के अफसरों के अनुसार सात दिनों के भीतर मंदिर हसौद में ओवर स्पीड के पांच सौ से ज्यादा केस रजिस्टर्ड किए जा चुके हैं। इनमें ज्यादातर ट्रक है। गाड़ी नंबर के आधार पर संबंधितों को ऑनलाइन चलान भेजे जा रहे हैं।ट्रैफिक पुलिस तथा परिवहन विभाग द्वारा लगाए गए कैमरे में ओवर स्पीड के जो डेटा मिले हैं, उसके मुताबिक ओवर स्पीड के ज्यादा प्रकरण मंदिर हसौद के साथ नवा रायपुर में सामने आए हैं। इन मार्गों पर अधिकतम गति सीमा 110 से 120 की रही है। नेशनल हाईवे में अधिकतम गति सीमा 80 से 100 के बीच होना चाहिए। शहर के अंदर जीई रोड पर अधिकतम गति सीमा 70 रिकार्ड की गई है।

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Author: cg24x7

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