छत्तीसगढ़ में गोवर्धन पूजा पर सार्वजनिक अवकाश घोषित, 9 नवंबर को बंद रहेंगे सरकारी कार्यालय; पहले था ऐच्छिक अवकाश

रायपुर, 26 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने दीपावली के अवसर पर प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए गोवर्धन पूजा के दिन सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित कर दिया है। राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, इस वर्ष 9 नवंबर 2026, सोमवार को गोवर्धन पूजा के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इससे पहले यह दिन ऐच्छिक अवकाश की सूची में शामिल था, लेकिन अब शासन ने इसे सामान्य अवकाश में परिवर्तित कर दिया है।

राज्य सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों को दीपावली के पर्व पर अपने परिवार के साथ धार्मिक और पारंपरिक आयोजनों में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

पहले ऐच्छिक अवकाश की सूची में शामिल था गोवर्धन पूजा पर्व

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य शासन ने 6 नवंबर 2025 को वर्ष 2026 के लिए घोषित अवकाशों की सूची में गोवर्धन पूजा को ऐच्छिक अवकाश के रूप में शामिल किया था। इस सूची में गोवर्धन पूजा का उल्लेख सरल क्रमांक 50 पर किया गया था। इसके अंतर्गत 9 नवंबर 2026, सोमवार को कर्मचारियों के लिए ऐच्छिक अवकाश का प्रावधान था। अब राज्य शासन ने पूर्व में जारी अधिसूचना में संशोधन करते हुए गोवर्धन पूजा को सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश घोषित कर दिया है।

9 नवंबर को सरकारी कार्यालयों में रहेगा अवकाश

शासन के इस निर्णय के बाद 9 नवंबर को राज्य के संबंधित शासकीय कार्यालयों और संस्थानों में सामान्य अवकाश रहेगा। ऐच्छिक अवकाश और सामान्य अवकाश के बीच महत्वपूर्ण अंतर होता है। ऐच्छिक अवकाश के अंतर्गत कर्मचारी निर्धारित नियमों के अनुसार अपनी पसंद के त्योहार पर छुट्टी ले सकते हैं, जबकि सामान्य अवकाश घोषित होने पर संबंधित शासकीय कार्यालयों में नियमित कामकाज बंद रहता है। हालांकि अस्पतालों, आपातकालीन सेवाओं और अन्य अत्यावश्यक सेवाओं का संचालन संबंधित विभागीय व्यवस्थाओं और नियमों के अनुसार जारी रह सकता है।

दीपावली के त्योहारी अवकाश में कर्मचारियों को मिलेगी राहत

छत्तीसगढ़ में दीपावली का पर्व धार्मिक आस्था, पारिवारिक परंपराओं और सामाजिक उत्सवों के साथ मनाया जाता है। गोवर्धन पूजा भी इस उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य शासन द्वारा गोवर्धन पूजा को सामान्य अवकाश घोषित किए जाने से उन कर्मचारियों को विशेष सुविधा मिलेगी, जिन्हें पहले इस अवसर पर छुट्टी लेने के लिए ऐच्छिक अवकाश का उपयोग करना पड़ता था। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में गोवर्धन पूजा से जुड़ी परंपराओं और सामुदायिक आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं। ऐसे में सार्वजनिक अवकाश घोषित किए जाने को सांस्कृतिक और पारिवारिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

छत्तीसगढ़ में गोवर्धन पूजा की विशेष सांस्कृतिक पहचान

छत्तीसगढ़ में गोवर्धन पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की कृषि प्रधान संस्कृति, पशुधन के प्रति सम्मान और ग्रामीण जीवन की परंपराओं से भी जुड़ा हुआ पर्व है। प्रदेश के अनेक ग्रामीण अंचलों में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौवंश की पूजा-अर्चना की जाती है। पशुओं को सजाया जाता है और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। विभिन्न क्षेत्रों में इस पर्व के साथ स्थानीय रीति-रिवाज और सामुदायिक आयोजन भी जुड़े हुए हैं। छत्तीसगढ़ में दीपावली के बाद मनाए जाने वाले गौरा-गौरी पूजा और अन्य लोकपर्व भी प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी की संशोधित अधिसूचना

राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक GENS 2101/3340/2026/GAD/5 के माध्यम से गोवर्धन पूजा के अवकाश संबंधी पूर्व व्यवस्था में संशोधन किया गया है। अधिसूचना के अनुसार 9 नवंबर 2026 को घोषित ऐच्छिक अवकाश अब सार्वजनिक एवं सामान्य अवकाश के रूप में मान्य होगा। इस निर्णय के बाद प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों के लिए दीपावली पर्व के दौरान अवकाश की व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव हो गया है। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ सरकार के इस फैसले से गोवर्धन पूजा को राज्य की सामान्य अवकाश सूची में स्थान मिल गया है। इससे कर्मचारियों को त्योहारी आयोजन में शामिल होने की सुविधा मिलने के साथ ही प्रदेश की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं को भी महत्व मिलेगा।

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Author: cg24x7

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