स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बड़ा संदेश: विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ बस्तर से एआई मिशन तक विकास का रोडमैप

रायपुर। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ध्वजारोहण कर प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों और अमर शहीदों को नमन करते हुए विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प दोहराया।

मुख्यमंत्री के संबोधन में बस्तर में शांति और विकास, किसानों की समृद्धि, सिंचाई विस्तार, गरीब परिवारों के पक्के मकान, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के रोजगार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, उद्योग, ऊर्जा, सड़क-रेल कनेक्टिविटी, सुशासन, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण जैसे मुद्दे प्रमुखता से शामिल रहे।

बस्तर में शांति के बाद विकास की नई सुबह

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से नक्सलवाद के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी हिंसा और भय का वातावरण था, वहां अब तिरंगा यात्राओं के जरिए स्वतंत्रता का उत्सव मनाया जा रहा है और शांति, विश्वास तथा विकास की नई सुबह दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि बस्तर की सर्वांगीण प्रगति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत सेचुरेशन सुनिश्चित करते हुए बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

नक्सल हिंसा के कारण बंद हुए स्कूलों को फिर से शुरू किया गया है और 36 नए स्कूलों को मंजूरी दी गई है। ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है। सुरक्षा कैंपों को सेवा और विकास के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

461 गांवों को ग्रिड बिजली से जोड़ने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में सड़क, बिजली, परिवहन और संचार के क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। सौर ऊर्जा से ऊर्जीकृत 461 गांवों को ग्रिड आधारित बिजली व्यवस्था से जोड़ने और 234 अंदरूनी बसाहटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का काम किया जा रहा है।

‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ के जरिए बस्तर और सरगुजा संभाग के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल रही है।

किसानों को 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी

मुख्यमंत्री ने किसानों को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि प्रदेश में किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान खरीदा जा रहा है। ‘कृषक उन्नति योजना’ की राशि का एकमुश्त भुगतान होली से पहले किया गया।

सरकार फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहित कर रही है। धान की जगह दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलें लेने वाले किसानों को ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है।

प्रदेश के 2,028 पैक्स का कंप्यूटरीकरण पूरा हो चुका है, जबकि 1,988 पैक्स कॉमन सर्विस सेंटर के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।

सिंचाई परियोजनाओं के लिए 11 हजार करोड़ से ज्यादा

सिंचाई सुविधाओं के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना’ के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है।

इंद्रावती नदी पर लगभग 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे। इनसे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक और ‘चरण पादुका योजना’ को फिर शुरू करने की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।

24.50 लाख पक्के मकानों को मंजूरी

‘मोदी की गारंटी’ के अनुरूप जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति के बाद अब तक प्रदेश में 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। राज्य में रोजाना औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

महतारी वंदन से महिलाओं के खातों में 19,444 करोड़ रुपए

महिला सशक्तीकरण को सरकार की प्रमुख प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत अब तक 19,444 करोड़ रुपए महिलाओं के खातों में अंतरित किए जा चुके हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से 56 हजार से अधिक पीवीटीजी परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। वहीं 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ का लाभ पहुंचाया जा रहा है।

युवाओं के लिए भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार, शिक्षा, कौशल, खेल और नवाचार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर सरकार का जोर है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए ‘छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल’ बनाया गया है तथा नकल और अनुचित साधनों को रोकने के लिए सख्त कानून पारित किया गया है।

पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक एवं सहायक शिक्षक के 3,946 पदों और बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू की जाएगी। वहीं चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।

500 करोड़ का एआई मिशन, 100 डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए छत्तीसगढ़ को तैयार करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ को मंजूरी दी है।

इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण देने की योजना है।

‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति’ के तहत 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया गया है। पीएम सेतु के अंतर्गत 30 आईटीआई का उन्नयन किया जा रहा है। गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच मेडिकल कॉलेज इसी सत्र से शुरू किए जा रहे हैं।

खेल प्रतिभाओं के लिए ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन’ शुरू करने की घोषणा की। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ की बेटी ज्ञानेश्वरी यादव को डीएसपी पद पर पदोन्नत करने और 30 लाख रुपए की सम्मान राशि देने का निर्णय लिया गया है।

राज्य के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए शासकीय सेवा के अवसर भी खोले गए हैं। अगले वर्ष भी छत्तीसगढ़ में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स आयोजित किए जाएंगे।

8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 1.74 लाख रोजगार की संभावना

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के जरिए कोर सेक्टर के साथ-साथ नए और उभरते क्षेत्रों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। देश-दुनिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे करीब 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल से 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित किया जाएगा। प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे हैं।

ऊर्जा और कनेक्टिविटी पर बड़ा फोकस

भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए उत्पादन, पारेषण और वितरण के क्षेत्र में दीर्घकालिक रणनीति के साथ काम करने की बात मुख्यमंत्री ने कही। एनर्जी समिट में 3.50 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी दी गई।

‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ के जरिए 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया गया है। 90 हजार से अधिक उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ ले रहे हैं।

भारत माला परियोजना, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क को प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

7,524 पंचायतों में डिजिटल सुविधा केंद्र

सुशासन में तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि पारदर्शी ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है। ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ के माध्यम से 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है और ‘सेवा सेतु पोर्टल’ पर 700 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

प्रदेश की 7,524 ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र’ स्थापित किए गए हैं, जहां ग्रामीणों को डिजिटल और बैंकिंग सेवाएं मिल रही हैं।

‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।

इसके साथ ही ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ के तहत 6,524 गांवों में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय बनाए जाने की जानकारी दी गई।

साइबर अपराध से निपटने के लिए नौ नए साइबर थाने

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को सुशासन की पहली शर्त बताते हुए कहा कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ साइबर अपराध से मुकाबले के लिए राज्य में नौ नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं। डायल-112 सेवा पूरे प्रदेश में लागू है।

चित्रकोट बनेगा ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन

पर्यटन और लोक-संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए ‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन’ के माध्यम से बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।

चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करते हुए वहां टेंट सिटी बनाई जाएगी। सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना है।

छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पद्मविभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की विरासत को सहेजने के लिए ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ शुरू किया जाएगा। वहीं छत्तीसगढ़ी सिनेमा के विकास के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है।

पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि अधोसंरचना और आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश में अब तक सात करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।

‘रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के माध्यम से 49 हजार से अधिक और ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ के जरिए 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराए गए हैं।

एकजुट होकर विकसित छत्तीसगढ़ बनाने का आह्वान

अपने संबोधन के समापन में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ प्रदेशवासियों का सामूहिक लक्ष्य है। उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र—“संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्”—का उल्लेख करते हुए सभी से एकजुट होकर प्रदेश और देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के अमृत मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए, अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि रखकर और ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास’ की भावना के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के माध्यम से विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जाएगा।

cg24x7
Author: cg24x7

Spread the love