
कहा- आपदा की इस कठिन घड़ी में पूरा भारत नेपाल के पीड़ितों के साथ एकजुटता से खड़ा है, पशुपतिनाथ से की दिवंगत आत्माओं की शांति की प्रार्थना
रायपुर, 26 अगस्त 2026। नेपाल में भीषण बाढ़ और भूस्खलन से हुई जनहानि ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। प्राकृतिक आपदा से बड़ी संख्या में लोगों के प्रभावित होने की खबरों के बीच छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस त्रासदी पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए इस कठिन समय में नेपाल के साथ एकजुटता व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में पूरा भारत नेपाल के पीड़ितों के साथ खड़ा है। उन्होंने नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण हुई जनहानि को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
दिवंगतों के परिजनों के प्रति जताई संवेदना
मुख्यमंत्री ने आपदा में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्राकृतिक आपदा से उत्पन्न पीड़ा और अपनों को खोने का दुःख अत्यंत असहनीय होता है।
उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति मिलने की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत की संवेदनाएं नेपाल की जनता के साथ हैं।
लापता लोगों की सकुशल वापसी के लिए प्रार्थना
बाढ़ और भूस्खलन के बाद कई लोगों के लापता होने की स्थिति को लेकर भी मुख्यमंत्री श्री साय ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने लापता लोगों के सकुशल होने और उनके जल्द अपने परिवारों के बीच लौटने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत और बचाव कार्यों के बीच लापता लोगों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद बनी हुई है। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए भी धैर्य और हिम्मत की कामना की।
भगवान पशुपतिनाथ से की प्रार्थना
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान पशुपतिनाथ से नेपाल में प्राकृतिक आपदा में दिवंगत लोगों की आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय से उबरने की शक्ति प्रदान करने तथा आपदा में लापता लोगों के सकुशल होने की कामना की।
नेपाल और भारत के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध रहे हैं। ऐसे में नेपाल में आई इस प्राकृतिक त्रासदी पर मुख्यमंत्री की संवेदना ने दोनों देशों के बीच मानवीय और भावनात्मक जुड़ाव को भी रेखांकित किया है।
आपदा की घड़ी में नेपाल के साथ भारत की एकजुटता
मुख्यमंत्री श्री साय का संदेश केवल संवेदना तक सीमित नहीं है, बल्कि प्राकृतिक आपदा के समय पड़ोसी देश के लोगों के साथ भारत की मानवीय एकजुटता को भी सामने रखता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट की इस घड़ी में नेपाल के पीड़ितों को अकेला नहीं समझना चाहिए और भारत उनके साथ खड़ा है।
बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएं अचानक बड़े पैमाने पर जनजीवन को प्रभावित करती हैं। ऐसे समय में राहत, बचाव और पुनर्वास के साथ मानवीय संवेदनाएं प्रभावित लोगों के लिए संबल का काम करती हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने नेपाल की जनता के प्रति अपनी संवेदना दोहराते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति, प्रभावित परिवारों को दुःख सहने की शक्ति और लापता लोगों के सुरक्षित लौटने की प्रार्थना की है।
Author: cg24x7



