वन मंडल से लेकर लघु वनोपज संघ तक बदली जिम्मेदारियां, विभाग ने जारी किया नई पदस्थापना का आदेश
रायपुर। छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में बड़े पैमाने पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। विभाग ने 60 से अधिक सहायक वन संरक्षक (ACF) अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। लंबे समय से अलग-अलग जिम्मेदारियां संभाल रहे अधिकारियों को नई जगह पदस्थ किया गया है। इस फेरबदल के बाद प्रदेश के कई वन मंडलों और वन विभाग से जुड़ी संस्थाओं में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल गई हैं।
विभागीय स्तर पर किए गए इस व्यापक प्रशासनिक बदलाव को वन प्रबंधन और विभागीय कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है। नई पदस्थापना के तहत अधिकारियों को अलग-अलग वन मंडलों, उप वनमंडलों और वन विभाग से संबद्ध संस्थाओं में जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
60 से अधिक ACF अधिकारियों की नई पदस्थापना
वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से जारी आदेश में 60 से अधिक सहायक वन संरक्षक अधिकारियों की पदस्थापना बदली गई है। तबादले के बाद अधिकारियों को उनके नए कार्यस्थल पर जिम्मेदारी संभालने के निर्देश दिए गए हैं।
ACF स्तर के अधिकारियों की भूमिका वन प्रशासन में महत्वपूर्ण होती है। वन क्षेत्रों के प्रबंधन, संरक्षण, विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन और अधीनस्थ अमले के कामकाज की निगरानी जैसी जिम्मेदारियां उनके कार्यक्षेत्र में शामिल रहती हैं। ऐसे में बड़े पैमाने पर हुए तबादलों का असर विभाग के मैदानी कामकाज पर भी देखने को मिल सकता है।
वन मंडल और उप वनमंडल में बदली जिम्मेदारियां
तबादला सूची में वन मंडल और उप वनमंडल से जुड़े पदों को भी शामिल किया गया है। नई पदस्थापना के बाद कई अधिकारियों को अलग-अलग वन क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है।
वन मंडलों में अधिकारियों की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि मैदानी स्तर पर वन संरक्षण, अवैध कटाई पर नियंत्रण, वन्यजीव संरक्षण, पौधरोपण, वन संसाधनों के प्रबंधन और विभागीय योजनाओं की निगरानी जैसे कार्य इन्हीं प्रशासनिक व्यवस्थाओं के माध्यम से संचालित होते हैं।
नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में विभागीय कार्यों को गति देने और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की उम्मीद की जा रही है।
राज्य वन विकास निगम में भी पदस्थापना
तबादला आदेश में राज्य वन विकास निगम से जुड़े पद भी शामिल हैं। कुछ अधिकारियों की नई जिम्मेदारी निगम से संबंधित कार्यों में लगाई गई है।
राज्य वन विकास निगम के माध्यम से वनों के वैज्ञानिक प्रबंधन और विभिन्न वन आधारित गतिविधियों से जुड़े कार्य संचालित किए जाते हैं। ऐसे में अनुभवी वन अधिकारियों की नई पदस्थापना से इन कार्यों के प्रशासनिक संचालन में बदलाव देखने को मिल सकता है।
लघु वनोपज संघ और जिला यूनियन में भी बदले अधिकारी
तबादलों का दायरा केवल वन मंडलों तक सीमित नहीं है। लघु वनोपज संघ और जिला यूनियन से जुड़े पदों पर भी अधिकारियों की नई पदस्थापना की गई है।
छत्तीसगढ़ में लघु वनोपज का ग्रामीण और आदिवासी अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान है। तेंदूपत्ता सहित विभिन्न लघु वनोपज के संग्रहण, प्रसंस्करण, विपणन और उससे जुड़े हितग्राहियों के कार्यों में विभागीय संस्थाओं की अहम भूमिका रहती है। ऐसे में इन पदों पर अधिकारियों के बदलाव का असर संबंधित जिलों में लघु वनोपज से जुड़े प्रशासनिक कार्यों पर पड़ सकता है।
प्रशासनिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा फेरबदल
वन विभाग में एक साथ 60 से अधिक ACF अधिकारियों की नई पदस्थापना को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपे जाने से विभिन्न क्षेत्रों में विभागीय कामकाज की नई व्यवस्था लागू होगी।
तबादलों के बाद अब संबंधित अधिकारियों को नई पदस्थापना वाले स्थानों पर कार्यभार संभालना होगा। माना जा रहा है कि नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारियों का फोकस वन संरक्षण, विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मैदानी स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा।
वन संरक्षण और विकास कार्यों पर रहेगा असर
छत्तीसगढ़ का बड़ा भू-भाग वन क्षेत्र से घिरा हुआ है और राज्य में वन संरक्षण के साथ वन आधारित आजीविका को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाता है। ऐसे में वन विभाग के मैदानी अधिकारियों की पदस्थापना का सीधा संबंध वन प्रशासन की कार्यक्षमता से होता है।
नई पदस्थापना के बाद अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा, पौधरोपण, वन संसाधनों के प्रबंधन तथा विभागीय योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने की चुनौती होगी।
व्यापक स्तर पर बदली प्रशासनिक जिम्मेदारियां
कुल मिलाकर, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग का यह तबादला आदेश प्रदेश के वन प्रशासन में व्यापक बदलाव लेकर आया है। 60 से अधिक ACF अधिकारियों की नई पदस्थापना के साथ वन मंडल, उप वनमंडल, राज्य वन विकास निगम, लघु वनोपज संघ और जिला यूनियन से जुड़े कई पदों की जिम्मेदारियां बदली हैं।
अब नई पदस्थापना के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अधिकारी अपने नए कार्यक्षेत्र में किस तरह विभागीय योजनाओं को आगे बढ़ाते हैं और वन संरक्षण तथा वन आधारित विकास के कार्यों को किस गति से लागू करते हैं।
Author: cg24x7




