लगातार बारिश से जिले के प्रमुख जलाशय लबालब, गंगरेल 97.40% और मुरुमसिल्ली 98.61% भरा; प्रशासन ने 24 घंटे निगरानी बढ़ाई, निचले इलाकों में मुनादी
रायपुर, 3 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में लगातार हो रही बारिश के बीच धमतरी जिले में नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। मूसलाधार बारिश और कैचमेंट एरिया से जलाशयों में लगातार हो रही पानी की भारी आवक ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जिले के प्रमुख जलाशय लगभग लबालब हो चुके हैं। स्थिति को देखते हुए गंगरेल बांध (रविशंकर सागर जलाशय) के तीन गेट खोल दिए गए हैं।
गंगरेल से पानी छोड़े जाने के साथ ही महानदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने महानदी के तटीय और निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया है। संवेदनशील गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। प्रशासन ने ग्रामीणों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा उफनती नदी या नाले को पार करने का जोखिम नहीं उठाने की अपील की है।
गंगरेल के तीन गेट खुले, महानदी में बढ़ा जलप्रवाह
कैचमेंट एरिया से लगातार पानी की आवक को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर गंगरेल बांध के तीन गेट खोले गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बांध से पानी छोड़े जाने के बाद इसका एक हिस्सा सीधे महानदी में और दूसरा हिस्सा रुद्री बैराज के रास्ते मुख्य नहर में प्रवाहित किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य बांध में लगातार बढ़ रहे जलस्तर और पानी के दबाव को नियंत्रित करना है। लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में जलाशय में और पानी आने की संभावना है, इसलिए जलप्रवाह को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।
नोट: उपलब्ध सूचना में कुल जलप्रवाह 4,670 क्यूसेक बताया गया है, जबकि महानदी में 3,360 और मुख्य नहर में 1,410 क्यूसेक की मात्रा दी गई है। इन दोनों आंकड़ों का योग 4,770 क्यूसेक होता है। इसलिए कुल आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।
मुरुमसिल्ली 98 प्रतिशत से ज्यादा भरा
धमतरी जिले के जलाशयों में पानी का स्तर तेजी से बढ़ा है। सबसे चिंताजनक स्थिति मुरुमसिल्ली जलाशय की है, जो अपनी कुल क्षमता का 98.61 प्रतिशत भर चुका है। इसमें लगातार करीब 362 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है।
वहीं गंगरेल जलाशय 97.40 प्रतिशत भर चुका है और इसमें करीब 3,365 क्यूसेक पानी की आवक दर्ज की जा रही है। जलाशय के लगातार भरने के कारण ही पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए गंगरेल के गेट खोले गए हैं।
इसके अलावा जिले के अन्य प्रमुख जलाशयों में भी पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
प्रमुख जलाशयों की स्थिति
| जलाशय | भंडारण स्थिति | पानी की आवक |
|---|---|---|
| मुरुमसिल्ली | 98.61% | 362 क्यूसेक |
| गंगरेल | 97.40% | 3,365 क्यूसेक |
| दुधावा | 86.86% | 437 क्यूसेक |
| सोंढूर | 69.25% | 167 क्यूसेक |
आंकड़े बताते हैं कि जिले के जलाशयों में बारिश के पानी की लगातार आवक हो रही है। यदि आगामी दिनों में बारिश का दौर जारी रहता है तो जलाशयों में जलस्तर और बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने फिर बारिश की संभावना जताई
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती जलाशयों में बढ़ते जलस्तर के साथ-साथ महानदी और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर पर नजर बनाए रखने की है।
बारिश और कैचमेंट एरिया से आने वाले पानी का सीधा असर नदियों के जलप्रवाह पर पड़ता है। गंगरेल से छोड़ा जा रहा पानी भी महानदी के जलस्तर को प्रभावित करेगा। इसी वजह से नदी के किनारे बसे गांवों को पहले से ही अलर्ट किया गया है।
तटीय गांवों में हाई अलर्ट, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
बाढ़ की आशंका को देखते हुए धमतरी जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। कलेक्टर ने अधिकारियों और मैदानी अमले को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।
अधिकारियों को नदी-नालों, जलाशयों और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। जलस्तर में किसी भी तरह की अप्रत्याशित बढ़ोतरी होने पर तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने और जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गांवों में मुनादी, लोगों को सुरक्षित रहने की अपील
महानदी के तटीय गांवों में प्रशासन द्वारा मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। ग्रामीणों को नदी और नालों के किनारे नहीं जाने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने विशेष रूप से लोगों से कहा है कि उफनती नदी या नाले को पार करने का प्रयास न करें। बारिश के दौरान पानी का बहाव अचानक तेज हो सकता है और ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों को आवश्यकता पड़ने पर समय रहते ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर बनाए गए राहत केंद्रों में पहुंचाने की तैयारी भी रखी गई है।
अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक सूचना पर करें भरोसा
बारिश और बाढ़ की स्थिति के बीच सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना पुष्टि वाली सूचनाओं पर भरोसा न करें।
जलाशयों से पानी छोड़े जाने, नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति से जुड़ी जानकारी के लिए केवल प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं को ही आधार बनाने की सलाह दी गई है।
बांधों पर बढ़ते दबाव के बीच चुनौती बड़ी
धमतरी में मौजूदा स्थिति को देखते हुए आने वाले कुछ दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। एक ओर जहां जिले के प्रमुख जलाशय अपनी क्षमता के करीब पहुंच चुके हैं, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने बारिश की संभावना जताई है।
मुरुमसिल्ली और गंगरेल जैसे बड़े जलाशयों का 97 से 98 प्रतिशत से अधिक भर जाना बताता है कि जल प्रबंधन और जलप्रवाह को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को लगातार सतर्क रहना होगा।
गंगरेल के गेट खोलकर पानी का नियंत्रित प्रवाह सुनिश्चित करना इसी जल प्रबंधन प्रक्रिया का हिस्सा है। अब प्रशासन की नजर बारिश की तीव्रता, कैचमेंट एरिया से आने वाले पानी और महानदी के जलस्तर पर बनी रहेगी।
धमतरी में फिलहाल सबसे जरूरी सावधानियां
- नदी और नालों के किनारे जाने से बचें।
- उफनती नदी या पुल-पुलिया को पार करने की कोशिश न करें।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में बच्चों को अकेले न जाने दें।
- तटीय और निचले इलाकों में प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लें।
- जरूरत पड़ने पर राहत केंद्रों में जाने में सहयोग करें।
- सोशल मीडिया की अफवाहों के बजाय प्रशासन की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।
लगातार बारिश के बीच धमतरी में फिलहाल स्थिति पर प्रशासन की पैनी नजर है। जलाशयों के तेजी से भरने और महानदी में बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए तटीय गांवों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। आने वाले दिनों में बारिश का रुख ही तय करेगा कि जलाशयों से पानी छोड़ने की मात्रा बढ़ानी पड़ेगी या मौजूदा प्रवाह से स्थिति नियंत्रित रह सकेगी।
Author: cg24x7




