पखांजूर। महाराष्ट्र के सूरजागढ़ लौह अयस्क माइंस से जुड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाए जाने के बाद रोजगार प्रभावित होने का मुद्दा अब सड़क पर उतर आया है। परिवहन व्यवस्था बाधित होने से बेरोजगार हुए युवाओं, वाहन चालकों और इस काम से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों ने पखांजूर में विशाल रैली निकालकर प्रदर्शन किया। रोजगार बचाओ परिवार सुरक्षा मंच के आह्वान पर आयोजित इस रैली में बड़ी संख्या में युवा, चालक और प्रभावित परिवारों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सूरजागढ़ माइंस से संबंधित लौह अयस्क के परिवहन में लगे वाहनों की आवाजाही रुकने से बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका प्रभावित हुई है। परिवहन कार्य बंद होने का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े अन्य काम-धंधों और परिवारों पर भी इसका आर्थिक प्रभाव पड़ रहा है।
रोजगार बचाने सड़क पर उतरे युवा और चालक
रोजगार बचाओ परिवार सुरक्षा मंच के आह्वान पर आयोजित रैली में युवाओं और वाहन चालकों ने अपनी समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि परिवहन व्यवस्था रुकने से कई लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। लंबे समय तक वाहनों का संचालन बंद रहने की स्थिति में परिवारों के सामने आर्थिक परेशानियां बढ़ने की आशंका है। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की। उनका कहना है कि सड़क की स्थिति में सुधार कराकर परिवहन व्यवस्था को फिर से शुरू किया जाना चाहिए, ताकि प्रभावित लोगों को दोबारा रोजगार मिल सके।
सड़क सुधार की मांग
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग सड़क का जल्द से जल्द सुधार कराना है। उनका कहना है कि यदि सड़क की स्थिति के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है तो संबंधित विभाग और प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई करते हुए सड़क को आवागमन के अनुकूल बनाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से इस मामले में जल्द पहल करने और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर समाधान निकालने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवहन शुरू होने से बड़ी संख्या में लोगों को दोबारा काम मिल सकेगा और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
परिवहन बंद होने से जुड़े कारोबार भी प्रभावित
सूरजागढ़ लौह अयस्क माइंस से जुड़े परिवहन कार्य में बड़ी संख्या में वाहन और चालक प्रत्यक्ष रूप से जुड़े रहते हैं। इसके अलावा वाहनों की मरम्मत, स्पेयर पार्ट्स, ढाबे, होटल, पेट्रोल-डीजल और अन्य छोटे कारोबार भी परिवहन गतिविधियों से जुड़े होते हैं। ऐसे में परिवहन व्यवस्था बाधित होने का असर व्यापक स्तर पर पड़ने की बात प्रदर्शनकारियों की ओर से कही गई है। उनका कहना है कि रोजगार का यह संकट केवल वाहन चालकों का मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे कई परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है।
प्रशासन से जल्द समाधान की मांग
विशाल रैली के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन का ध्यान अपनी समस्याओं की ओर आकर्षित किया। उन्होंने मांग की कि सड़क सुधार का काम प्राथमिकता से कराया जाए और सूरजागढ़ माइंस से जुड़े वाहनों की आवाजाही जल्द बहाल की जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक परिवहन व्यवस्था दोबारा शुरू नहीं होती, तब तक प्रभावित परिवारों के सामने रोजगार और आय का संकट बना रहेगा। इसलिए प्रशासन को संबंधित विभागों और हितधारकों के साथ समन्वय कर इस मामले का जल्द समाधान निकालना चाहिए। पखांजूर में निकाली गई यह रैली परिवहन व्यवस्था से जुड़े लोगों के बीच बढ़ती चिंता और रोजगार के मुद्दे को सामने लाती है। अब प्रदर्शनकारियों की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर है।
Author: cg24x7



