आज से धान की खरीदी शुरू, सीएम साय ने किया पोस्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर राज्य के किसानों से धान की खरीदी शुरू हुईं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया के जरिए धान खरीदी केंद्रों में की गई व्यवस्थाओं का हवाला देते हुए कहा कि, छत्तीसगढ़ की समृद्धि का यह सफर आज फिर एक नई उम्मीद और किसानों के अटूट विश्वास की रोशनी के साथ आगे बढ़ रहा है।

छत्तीसगढ़ सरकार 15 नवंबर से 31 जनवरी 2026 तक धान की खरीदी करेगी। धान खरीदी के लिए किसानों को पिछली बार की तरह इस बार भी प्रति क्विंटल 3100 रुपये के दाम मिलेंगे। धान खरीदी के लिए प्रदेशभर में 2739 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। सरकार ने इस बार समर्थन मूल्य पर 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है।

धान खरीदी के लिए प्रदेश भर में बनाए गए 2739 खरीदी केंद्र
धान खरीदी के लिए किसानों को पिछली बार की तरह इस बार भी प्रति क्विंटल 3100 रुपये के दाम मिलेंगे। धान खरीदी के लिए प्रदेश भर में 2739 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। सरकार ने इस बारसमर्थन मूल्य पर 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है।

Chief Minister Vishnu Deo Sai twitter post

धान अवैध बिक्री पर रोक
प्रदेश में धान के अवैध परिवहन को रोकने के लिए सरकार ने निर्देश दिए हैं। अन्य राज्यों की सीमा में चेक पोस्ट बनाकर कड़ी निगरानी की जा रही है। धान की सुरक्षा के लिए खरीदी केन्द्रों में ड्रेनेज और तारपोलिन आदि की व्यवस्था की गई है। सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। सरकार के निर्देश के अनुसार अगर कोई अवैध परिवहन या बिक्री करते पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

किसान घर बैठे ले सकते हैं टोकन
रजिस्टर्ड किसानों को धान बेचने के लिए तुंहर एप से टोकन लेना पड़ता है। टोकन के लिए एप लॉन्च किया गया है। जिसकी मदद से हर किसान को निर्धारित तिथि पर संबंधित खरीदी केंद्र में धान बेचने के लिए टोकन ले सकते हैं। किसान घर बैठे टोकन ले सकते हैं, जो किसान ऑनलाइन टोकन नहीं ले पा रहे हैं उसने लिए मंडी में टोकन की व्यवस्था की गई है। मंडी में किसानों के लिए भी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं। तुंहर टोकन मोबाइल ऐप के जरिए किसान हर दिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ऑनलाइन टोकन ले सकते हैं। 2 एकड़ या उससे कम जमीन वाले किसानों को अधिकतम एक टोकन मिलेगा। 2 से 10 एकड़ जमीन वाले छोटे किसानों को दो टोकन और 10 एकड़ से ज़्यादा जमीन वाले बड़े किसानों को अधिकतम तीन टोकन दिए जाएंगे।

 

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Author: cg24x7

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