मैत्रीबाग की शान व्हाइट टाइगर ‘जया’ नहीं रही

भिलाई। मैत्रीबाग की शान व्हाइट टाइगर जया की दहाड़ अब केज और इसके आसपास सुनाई नहीं देगी। सोमवार की तड़के करीब साढ़े 6 बजे उसकी मौत हो गई। दोपहर को वेटनरी कॉलेज के दो चिकित्सकों डॉ. जसप्रीत, डॉ. आरके गुप्ता की टीम ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के पास रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।

मिली जानकारी के मुताबिक, केयर टेकर ने रविवार की शाम जया को खाना खिलाया। तब तक जया पूरी तरह स्वस्थ थी। सुबह जब केज खोला गया, तो उसकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों की मानें तो उसका लीवर डैमेज हो गया था। स्टमक में भी प्राब्लम नजर आया है। संभव है कि जीडीवी गैस्टिक डिसीज से वह ग्रसित हुई। खाना खाने के बाद उसने उछल-कूद किया। इस वजह से उसकी सडनली डेथ हुई। ऐसी कोई पहले से बीमारी नहीं थी। मैत्री बाग में इस समय कुल 5 व्हाइट टाइगर हैं, जिसमें 3 नर और 2 मादा शामिल हैं। सभी पांचों स्वस्थ हैं।

दुर्ग डीएफओ दीपेश कपिल ने बताया कि, व्हाइट टाइगर की अचानक मौत हुई है। शाम को वह पूरी तरह से स्वस्थ थी। डॉक्टरों और मैत्री बाग प्रबंधन के बताए अनुसार संभवतः उसे गैस्टिक प्रॉब्लम हुआ। इस बीच उसने उछल-कूद किया होगा, जिसके बाद लिवर और स्टमक को नुकसान पहुंचा। बहरहाल मामले में जांच की जा रही है।

इससे पहले मैत्री बाग में व्हाइट टाइगर के कुनबे में रक्षा और सुल्तान ने तीन नए शावक को जन्म दिया था। इससे पहले पहले रोमा और सुल्तान से एक शावक पैदा हुआ था। बता दें कि 1997 में नंदन कानन जू ओडिशा से व्हाइट टाइगर का पहला जोड़ा तरुण और तापसी को मैत्री बाग लाया गया था। उसके बाद से जू में 18 शावक पैदा हो चुके हैं। इनमें से 12 देशभर के विभिन्न जू में भेजे गए हैं।

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Author: cg24x7

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