
रायपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार ने कहा है कि भारत में जबरन धर्मांतरण (मतांतरण) के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने धर्मांतरण करा चुके लोगों से अपने मूल धर्म सनातन में वापस लौटने की अपील करते हुए कहा कि भारत सभी धर्मों और आस्थाओं का सम्मान करने वाला देश है, लेकिन किसी भी प्रकार का जबरन या प्रलोभन देकर कराया जाने वाला मतांतरण भारतीय संस्कृति और संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है।
इंद्रेश कुमार सोमवार को रायपुर में आयोजित आपातकाल विषयक एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में देश के विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर अपनी राय रखी।
जबरन मतांतरण स्वीकार्य नहीं
धर्मांतरण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत की पहचान विविधता, सहिष्णुता और सभी धर्मों के सम्मान से है। ऐसे में किसी भी व्यक्ति पर दबाव, भय, लालच या प्रलोभन के माध्यम से धर्म परिवर्तन कराना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो लोग किसी कारणवश मतांतरित हो चुके हैं, वे स्वेच्छा से अपने मूल धर्म सनातन में वापस लौटें।
उन्होंने कहा कि भारतीय समाज की मूल भावना सभी आस्थाओं का सम्मान करना है और इसी सांस्कृतिक परंपरा को मजबूत करने की आवश्यकता है।
राम मंदिर से जुड़े सवाल पर दिया जवाब
राम मंदिर से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में इंद्रेश कुमार ने कहा कि किसी भी विषय पर अंतिम निर्णय का धैर्यपूर्वक इंतजार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था पर सभी को पूरा भरोसा रखना चाहिए और प्रत्येक निर्णय न्यायपूर्ण होगा।
उन्होंने कहा, “प्रतीक्षा करने में भी आनंद है। चाहे कोई डियररेस्ट (सबसे प्रिय) हो या नियररेस्ट (सबसे करीबी), न्याय सभी के लिए समान होगा।”
गोरखनाथ मठ को लेकर चल रही चर्चाओं पर प्रतिक्रिया
राम मंदिर और गोरखनाथ मठ को लेकर चल रही चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि ऐसी अटकलों का कोई आधार नहीं है। उनके अनुसार, गोरखनाथ मठ का भगवान राम की परंपरा और आस्था से पुराना संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि यह संबंध पहले भी था, आज भी है और भविष्य में भी बना रहेगा।
कांग्रेस की राजनीति पर भी साधा निशाना
मीडिया से बातचीत के दौरान इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस की राजनीति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देशहित और समाजहित को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए तथा राजनीतिक दलों को भी उसी दिशा में कार्य करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस की कार्यशैली की आलोचना करते हुए कहा कि देश की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने वाली सोच को आगे बढ़ाना समय की आवश्यकता है।
Author: cg24x7




