भिलाई। भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) प्रबंधन द्वारा टाउनशिप के कई आवासों को खाली करने के लिए नोटिस जारी किए जाने के बाद मामला अब राजनीतिक रूप लेता जा रहा है। नोटिस मिलने से चिंतित रहवासियों के समर्थन में भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव सड़क पर उतर आए हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी बसाहट को किसी भी कीमत पर उजड़ने नहीं दिया जाएगा।
मंगलवार को विधायक देवेंद्र यादव ने सेक्टर-2 से जनसमर्थन अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने उन परिवारों से घर-घर जाकर मुलाकात की, जिन्हें बीएसपी की ओर से मकान खाली करने का नोटिस मिला है। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और टाउनशिप के रहवासी भी इस अभियान में शामिल हुए और विधायक के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।
प्रभावित परिवारों से लिया समर्थन
देवेंद्र यादव ने कहा कि बीएसपी द्वारा जारी किए गए नोटिसों से हजारों परिवार असमंजस और भय की स्थिति में हैं। कई लोग वर्षों से टाउनशिप में रह रहे हैं और उनका पूरा जीवन, रोजगार तथा बच्चों की शिक्षा इसी क्षेत्र से जुड़ी हुई है। ऐसे में बिना समुचित समाधान के लोगों को आवास खाली करने के लिए कहना उचित नहीं है।
उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों से लिखित समर्थन पत्र लिए जाएंगे। इन दस्तावेजों के आधार पर प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय इस्पात मंत्री के समक्ष पूरे मामले को प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि रहवासियों को राहत मिल सके।
“सुनियोजित तरीके से खत्म की जा रही है टाउनशिप की बसाहट”
विधायक ने आरोप लगाया कि भिलाई टाउनशिप की वर्षों पुरानी बसाहट को योजनाबद्ध तरीके से समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले रिटेंशन स्कीम के नाम पर लोगों से मकान खाली कराने का प्रयास हुआ और अब लीजधारकों तथा लाइसेंसधारकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह केवल मकानों का मामला नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य और उनके जीवन से जुड़ा मुद्दा है। यदि इस प्रक्रिया को नहीं रोका गया तो बड़ी संख्या में लोगों को अपना आशियाना छोड़ना पड़ सकता है।
10 हजार से अधिक परिवारों पर पड़ सकता है असर
देवेंद्र यादव ने दावा किया कि इस कार्रवाई से 10 हजार से अधिक परिवार प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में टाउनशिप के बड़े हिस्से को खाली कर निजी संस्थाओं या बिल्डरों को सौंपने की योजना हो सकती है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा हुआ तो यह भिलाई की ऐतिहासिक पहचान और सामाजिक संरचना पर बड़ा आघात होगा।
प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री से करेंगे मुलाकात
विधायक ने कहा कि प्रभावित परिवारों से प्राप्त समर्थन पत्रों के साथ वे जल्द ही प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय इस्पात मंत्री से मुलाकात करेंगे। यदि आवश्यक हुआ तो इस मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि रहवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक और गांधीवादी तरीके से आंदोलन किया जाएगा। उनका उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना है।
“भिलाई केवल स्टील सिटी नहीं, साझा संस्कृति की पहचान”
देवेंद्र यादव ने कहा कि भिलाई केवल एक औद्योगिक नगर नहीं है, बल्कि यह देश के विभिन्न राज्यों से आए लोगों की साझा संस्कृति, सामाजिक एकता और दशकों पुरानी बसाहट का प्रतीक है। यहां रहने वाले हजारों परिवारों ने वर्षों की मेहनत से अपना जीवन बसाया है।
उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक पहचान को समाप्त होने नहीं दिया जाएगा और टाउनशिप के रहवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए वे अंतिम दम तक संघर्ष करते रहेंगे।
Author: cg24x7




