रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। 30 जून तक मानसून ने प्रदेश के सभी हिस्सों को कवर कर लिया है। इसके साथ ही मौसम विभाग (आईएमडी) ने अगले पांच दिनों तक प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना जताई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव के क्षेत्र और सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं लगातार बारिश के चलते प्रदेश के कई इलाकों में तापमान में भी गिरावट दर्ज होने की संभावना है।
1 जुलाई को अधिकांश जिलों में होगी बारिश
भारत के
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 1 जुलाई को छत्तीसगढ़ के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने अथवा गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ अंधड़ चल सकता है, जबकि एक-दो क्षेत्रों में वज्रपात और भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है।
राजधानी रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कोरबा, अंबिकापुर, जगदलपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा।
3 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में बनेगा निम्न दबाव का क्षेत्र
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे लगे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर 1.5 से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसी प्रणाली के प्रभाव से 3 जुलाई के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
इस मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के बाद मध्य भारत सहित छत्तीसगढ़ में वर्षा की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले तीन दिनों के दौरान प्रदेश के मध्य भागों में हल्की से मध्यम वर्षा के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
द्रोणिका और चक्रवाती परिसंचरण से बढ़ेगी बारिश
मौसम विभाग ने बताया कि एक मौसमी द्रोणिका (सीजनल ट्रफ) पंजाब से लेकर उत्तर बंगाल की खाड़ी तक लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर विस्तारित है। इसके अलावा पूर्वी बिहार और आसपास के क्षेत्रों में भी 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय बना हुआ है।
इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से छत्तीसगढ़ में व्यापक वर्षा की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। यही वजह है कि प्रदेशभर में अगले कई दिनों तक रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
तापमान में आएगी गिरावट
लगातार बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में भी गिरावट आने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश के चलते लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी, हालांकि कई स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति भी बन सकती है।
किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्क रहने की सलाह
मानसून की सक्रियता को खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल माना जा रहा है। लगातार हो रही बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी, जिससे धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलने की उम्मीद है।
हालांकि मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज-चमक और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। तेज बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से भी परहेज करने की सलाह दी गई है।
अगले पांच दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों तक छत्तीसगढ़ के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कई स्थानों पर तेज बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और कुछ इलाकों में भारी वर्षा की स्थिति बन सकती है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से बारिश की तीव्रता में और बढ़ोतरी होने की संभावना है।
Author: cg24x7




