ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पीएम मोदी ने दिए भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी को नई गति के संकेत, 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के निवेश का हुआ ऐलान

PM addressing the Press Statement between India and Australia in Melbourne, Australia on July 09, 2026.

मेलबर्न। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक, रणनीतिक और निवेश संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण संदेश दिया है। गुरुवार को मेलबर्न में आयोजित ‘इंडिया-ऑस्ट्रेलिया CEO फोरम’ और ‘इकोनॉमिक रोडमैप बिजनेस रिसेप्शन’ में प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के शीर्ष उद्योगपतियों, निवेशकों और नीति निर्माताओं को संबोधित करते हुए व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, रक्षा और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को और व्यापक बनाने पर जोर दिया।

इस दौरान ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े पेंशन फंड ऑस्ट्रेलियनसुपर ने भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 500 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर निवेश करने की घोषणा की। इसे भारत की विकास यात्रा में वैश्विक निवेशकों के बढ़ते विश्वास का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

भारत में बढ़ा वैश्विक निवेशकों का भरोसा

कार्यक्रम के दौरान हुई इस निवेश घोषणा का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि यह निवेश भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था, तेज़ी से हो रहे आर्थिक सुधारों और निवेश-अनुकूल नीतियों पर वैश्विक भरोसे का प्रमाण है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सरकार द्वारा किए गए संरचनात्मक सुधारों ने विदेशी निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियनसुपर का यह निवेश दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

भारत-ऑस्ट्रेलिया साझेदारी समय की जरूरत : मोदी

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने कहा कि दुनिया आज सप्लाई चेन में व्यवधान, ऊर्जा सुरक्षा, भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है।

ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे लोकतांत्रिक और भरोसेमंद देशों का सहयोग वैश्विक स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने दोनों देशों को “स्वाभाविक और विश्वसनीय साझेदार” बताते हुए आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने का आह्वान किया।

व्यापार, रक्षा और तकनीक में बढ़ेगा सहयोग

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, शिक्षा, रक्षा, प्रौद्योगिकी, कौशल विकास और नवाचार जैसे क्षेत्रों में मजबूत सहयोग का ढांचा तैयार किया है।

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में दोनों देशों के कारोबारी संबंध और अधिक मजबूत होंगे तथा मुक्त व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बढ़ाई दोनों देशों की नजदीकियां

मेलबर्न पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस अवसर पर भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझा सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने वाले कई रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किए गए।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब रहा, जब भारतीय तबले और ऑस्ट्रेलिया के पारंपरिक वाद्ययंत्र डिजेरिडू की संयुक्त संगीत प्रस्तुति दी गई। प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री Anthony Albanese ने इस अनूठी प्रस्तुति का आनंद लिया और कलाकारों की सराहना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि संस्कृति लोगों को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है और ऐसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाते हैं।

कई अहम मुद्दों पर होगी उच्चस्तरीय चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी के ऑस्ट्रेलिया प्रवास के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, व्यापार एवं निवेश, शिक्षा, कौशल विकास, महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, तकनीकी सहयोग, खेल और लोगों के बीच संपर्क (People-to-People Connect) जैसे विषयों पर कई दौर की उच्चस्तरीय वार्ताएं प्रस्तावित हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इन चर्चाओं से दोनों देशों के व्यापक रणनीतिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग का दायरा भी विस्तृत होगा।

न्यूजीलैंड दौरे के लिए होंगे रवाना

ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेश दौरे के अगले चरण में न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे। वहां भी उनके कई द्विपक्षीय कार्यक्रम निर्धारित हैं, जिनमें व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बढ़ते आर्थिक एवं रणनीतिक संबंधों के बीच यह दौरा दोनों देशों की व्यापक साझेदारी को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, निवेश, रक्षा, तकनीक और व्यापार के क्षेत्रों में हुए समझौते आने वाले वर्षों में दोनों देशों के संबंधों को और अधिक मजबूत आधार प्रदान करेंगे।

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Author: cg24x7

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