
रायपुर, 20 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार की ‘वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना (Short Term Credit Against Salary)’ सरकारी कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत का प्रभावी माध्यम बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल के जरिए कर्मचारी आकस्मिक वित्तीय जरूरतों के समय बिना ब्याज अल्पकालिक ऋण डिजिटल माध्यम से प्राप्त कर रहे हैं। योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को निजी साहूकारों और महंगे पर्सनल लोन के विकल्प से बचाते हुए त्वरित, पारदर्शी और सम्मानजनक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
कर्मचारी कल्याण और डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 8 जुलाई 2026 को मंत्रालय महानदी भवन में इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया था। इस अवसर पर योजना का ब्रोशर भी जारी किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना आकस्मिक परिस्थितियों में सरकारी कर्मचारियों को शीघ्र वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और आधुनिक तकनीक के माध्यम से पारदर्शी तथा सरल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद पूरे प्रदेश में लागू हुई योजना
इस योजना को राज्य मंत्रिपरिषद ने 30 सितंबर 2025 को मंजूरी दी थी। इसके बाद वित्त विभाग ने आवश्यक नियमावली तैयार की, तकनीकी व्यवस्था विकसित की तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कराया। सभी तैयारियां पूरी होने के बाद 16 मार्च 2026 से इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया गया।
वर्तमान में विभिन्न विभागों के हजारों कर्मचारी इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।
ई-कोष पोर्टल से कुछ ही मिनटों में मिल रहा ऋण
योजना को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस बनाया गया है। इसके संचालन के लिए वित्त विभाग ने Refyne Tech Private Limited को तकनीकी सेवा प्रदाता नियुक्त किया है।
पूरी प्रक्रिया राज्य सरकार के ई-कोष (eKosh Online) पोर्टल के Employee Corner के माध्यम से संचालित होती है। कर्मचारी अपने लॉगिन से आवेदन करते हैं, ई-केवाईसी और डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी करते हैं, जिसके बाद स्वीकृत राशि सीधे उनके बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
इस व्यवस्था के कारण कर्मचारियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने या लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया से गुजरने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
दो महीनों में हजारों कर्मचारियों ने उठाया लाभ
योजना के शुरुआती दो महीनों में ही इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिला है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार—
- 73 हजार से अधिक कर्मचारियों ने ई-कोष पोर्टल पर पंजीकरण कराया।
- 27 हजार से अधिक कर्मचारियों ने ब्याज-मुक्त अल्पकालिक ऋण सुविधा का लाभ प्राप्त किया।
वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी के अनुसार यह फिनटेक आधारित मॉडल इस प्रकार विकसित किया गया है कि कर्मचारियों को तत्काल आर्थिक सहायता मिले, जबकि राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी न पड़े।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
योजना को कर्मचारियों की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं—
- आकस्मिक जरूरतों के लिए बिना ब्याज अल्पकालिक ऋण।
- पूरी तरह ऑनलाइन और पेपरलेस आवेदन प्रक्रिया।
- ई-कोष पोर्टल के माध्यम से आवेदन की सुविधा।
- ई-केवाईसी और डिजिटल हस्ताक्षर के बाद सीधे बैंक खाते में राशि।
- किसी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जाने की आवश्यकता नहीं।
- ऋण की मासिक किस्त वेतन से स्वतः कटने की सुविधा।
- प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध।
अधिक राशि की जरूरत पर 5 वर्ष तक का ऋण भी उपलब्ध
सरकार ने केवल अल्पकालिक ऋण तक ही योजना को सीमित नहीं रखा है। यदि किसी कर्मचारी को अधिक राशि की आवश्यकता होती है, तो उसके वेतनमान और पात्रता के आधार पर अधिकतम 60 माह (5 वर्ष) तक की अवधि का ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है।
यह ऋण सामान्य पर्सनल लोन की तुलना में लगभग 1.5 से 2 प्रतिशत कम ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है तथा इसकी मासिक किस्तें स्वतः वेतन से कटती रहती हैं।
निजी ऋण के विकल्प के रूप में उभर रही योजना
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि यह योजना कर्मचारियों को निजी साहूकारों, ऊंची ब्याज दर वाले पर्सनल लोन और अनौपचारिक कर्ज व्यवस्था से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। डिजिटल प्रक्रिया के कारण ऋण स्वीकृति में पारदर्शिता आई है और समय की भी बचत हो रही है।
सुशासन और कर्मचारी हित का मॉडल
छत्तीसगढ़ सरकार का मानना है कि आर्थिक रूप से सुरक्षित कर्मचारी अपने शासकीय दायित्वों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकते हैं। इसी सोच के साथ शुरू की गई वेतन के विरुद्ध अल्पावधि ऋण योजना को कर्मचारी कल्याण, डिजिटल गवर्नेंस और वित्तीय पारदर्शिता का एक महत्वपूर्ण मॉडल माना जा रहा है।
सरकार को उम्मीद है कि आने वाले समय में इस योजना का लाभ और अधिक कर्मचारियों तक पहुंचेगा तथा यह राज्य की कर्मचारी हितैषी पहलों में एक प्रमुख उपलब्धि के रूप में स्थापित होगी।
Author: cg24x7




