रायपुर पुलिस का मेगा कॉम्बिंग ऑपरेशन: पश्चिम जोन में 110 पुलिसकर्मियों की एक साथ दबिश, 83 आदतन बदमाशों की जांच; ई-मालखाना और CCTNS सुधार पर भी जोर

रायपुर। राजधानी रायपुर में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नरेट ने पश्चिम जोन में व्यापक कॉम्बिंग गश्त अभियान चलाया। पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) रॉबिन्सन गुरिया के निर्देशन में संचालित इस विशेष अभियान में 110 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। अभियान के दौरान पुलिस ने 54 गुंडा बदमाशों और 29 निगरानीशुदा बदमाशों के घरों पर एक साथ दबिश दी तथा कई संदिग्ध गतिविधियों की जांच की।

अपराध प्रभावित क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान

पुलिस की अलग-अलग टीमों ने पश्चिम जोन के संवेदनशील एवं अपराध प्रभावित इलाकों, बीएसयूपी और आरडीए कॉलोनियों, सार्वजनिक स्थलों, सुनसान क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों, होटल-ढाबों तथा अन्य संदिग्ध ठिकानों पर सघन जांच अभियान चलाया।

अभियान का उद्देश्य आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी रखना, फरार आरोपियों की तलाश करना और अपराधियों में कानून का भय स्थापित करना था।

83 बदमाशों की गतिविधियों की जांच

कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने:

  • 54 गुंडा बदमाशों के घरों पर दबिश दी।
  • 29 निगरानीशुदा बदमाशों का सत्यापन किया।
  • 4 व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की।
  • 20 चाकूबाजों का सत्यापन कर उन्हें भविष्य में आपराधिक गतिविधियों से दूर रहने की कड़ी चेतावनी दी।
  • 8 स्थायी वारंट एवं 5 गिरफ्तारी वारंट तामील किए।
  • 3 अवैध शराब कारोबारियों को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार ऐसे अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेंगे ताकि अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा जा सके।

मुख्य सचिव ने CCTNS की समीक्षा की

इधर मंत्रालय में मुख्य सचिव विकास शील ने गृह विभाग एवं पुलिस अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (CCTNS) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की।

बैठक में उन्होंने राज्य के पुलिस थानों की डिजिटल कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने तथा एनसीआरबी (NCRB) के मानकों के अनुरूप CCTNS डैशबोर्ड स्कोर में सुधार के निर्देश दिए।

अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो द्वारा जारी स्कोरकार्ड में छत्तीसगढ़ को 100 में 64.97 अंक प्राप्त हुए हैं। मुख्य सचिव ने कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों और थानों में डेटा एंट्री तथा रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए।

बैठक में डीजीपी अरुण देव गौतम, गृह विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, गृह विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मौदहापारा थाने में शुरू हुआ ई-मालखाना

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के मध्य जोन अंतर्गत थाना मौदहापारा में ई-मालखाना प्रणाली का शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अमित कांबले ने किया।

इससे पहले कमिश्नरेट में थाना कोतवाली में भी ई-मालखाना व्यवस्था शुरू की जा चुकी है।

नई प्रणाली के माध्यम से अपराधों में जब्त संपत्तियों एवं माल-मशरूका का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जिससे उनकी सुरक्षा, पारदर्शिता और वैज्ञानिक प्रबंधन सुनिश्चित होगा। साथ ही ‘चेन ऑफ कस्टडी’ मजबूत होगी और न्यायालयीन प्रक्रिया में भी सुविधा मिलेगी।

कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त (मध्य) तारकेश्वर पटेल, थाना प्रभारी शक्ति सिंह तथा अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

अपराध नियंत्रण के लिए बहुआयामी रणनीति

राजधानी में चलाए गए इस मेगा कॉम्बिंग अभियान, CCTNS प्रणाली में सुधार की पहल और ई-मालखाना जैसी डिजिटल व्यवस्था से स्पष्ट है कि रायपुर पुलिस अपराध नियंत्रण के साथ-साथ पुलिसिंग को तकनीक आधारित और अधिक पारदर्शी बनाने पर भी जोर दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान जारी रहेंगे ताकि कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

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Author: cg24x7

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