रायपुर। छत्तीसगढ़ के हृदय रोगियों के लिए राहत भरी खबर है। रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (मेकाहारा) के एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट (एसीआई) में अब बायपास सर्जरी, हार्ट वॉल्व रिप्लेसमेंट और वैस्कुलर सर्जरी नियमित रूप से शुरू हो गई हैं। आवश्यक विशेषज्ञों की नियुक्ति और ऑपरेशन में उपयोग होने वाले इम्प्लांट व अन्य सामग्री की नियमित उपलब्धता के बाद अस्पताल में हृदय रोगियों को फिर से पूर्ण उपचार मिलने लगा है।
करीब नौ महीने तक बाधित रही कार्डियक सर्जरी सेवाओं के दोबारा नियमित होने से प्रदेश के सैकड़ों मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब अधिकांश मरीजों को इलाज के लिए दूसरे संस्थानों, विशेषकर एम्स रायपुर, रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
नियमित कार्डियक टीम बनने से मिली नई गति
एसीआई के कार्डियो थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग में पहले से कार्यरत दो नियमित कार्डियक सर्जनों के साथ अब छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) के माध्यम से चयनित नियमित कार्डियक एनेस्थेटिस्ट ने भी कार्यभार संभाल लिया है।
इसके अलावा ऑपरेशन के दौरान उपयोग होने वाले वाल्व, ग्राफ्ट, इम्प्लांट और अन्य आवश्यक चिकित्सा सामग्री की आपूर्ति के लिए पहले ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, जिससे अब सर्जरी में किसी प्रकार की बाधा नहीं आ रही है।
नौ महीने तक प्रभावित रही थीं सेवाएं
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, आवश्यक सर्जिकल सामग्री उपलब्ध नहीं होने के कारण पिछले वर्ष जुलाई से इस वर्ष अप्रैल तक बायपास और अन्य ओपन हार्ट सर्जरी लगभग बंद रही थीं। इस दौरान गंभीर मरीजों को मजबूरी में एम्स रायपुर सहित अन्य संस्थानों में रेफर करना पड़ रहा था।
अब सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी होने के बाद कार्डियक सर्जरी सेवाएं पूरी क्षमता के साथ फिर से संचालित की जा रही हैं।
हर महीने 90 से 100 सर्जरी की क्षमता
सीटीवीएस विभाग में सामान्य परिस्थितियों में हर माह लगभग 90 से 100 सर्जरी की जाती हैं। इनमें मुख्य रूप से—
- कोरोनरी आर्टरी बायपास सर्जरी (CABG)
- हार्ट वॉल्व रिप्लेसमेंट
- वैस्कुलर सर्जरी
शामिल हैं।
इनमें बड़ी संख्या में मरीज आयुष्मान भारत योजना के तहत कैशलेस उपचार प्राप्त करते हैं, जिससे उन्हें उपचार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं उठाना पड़ता।
500 से अधिक मरीजों की प्रतीक्षा सूची खत्म करने की तैयारी
सर्जरी सेवाएं बंद रहने के दौरान 500 से अधिक मरीजों की वेटिंग हो गई थी। अब विभाग प्राथमिकता के आधार पर गंभीर मरीजों का पहले ऑपरेशन कर रहा है, ताकि उन्हें इलाज में और देरी का सामना न करना पड़े।
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नियमित सर्जरी शुरू होने से लंबित मामलों का तेजी से निस्तारण किया जाएगा।
जल्द शुरू होगी बच्चों के हार्ट ऑपरेशन की सुविधा
एसीआई में भविष्य में बच्चों की हृदय सर्जरी (पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी) शुरू करने की भी तैयारी चल रही है।
वर्तमान में जन्मजात हृदय रोगों के कुछ मामलों का उपचार कार्डियोलॉजी विभाग में इंटरवेंशनल प्रक्रिया के माध्यम से किया जाता है, जबकि जटिल मामलों में सर्जरी की आवश्यकता होती है।
इसके लिए अस्पताल में अलग ऑपरेशन थिएटर (OT) तैयार किया जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद बच्चों की ओपन हार्ट सर्जरी भी शुरू किए जाने की योजना है।
विशेषज्ञ बोले— अब नियमित होंगी सभी प्रमुख कार्डियक सर्जरी
सीटीवीएस विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू के अनुसार,
“नियमित कार्डियक एनेस्थेटिस्ट की नियुक्ति और पहले से उपलब्ध दो नियमित कार्डियक सर्जनों की टीम के कारण अब बायपास, वॉल्व रिप्लेसमेंट और वैस्कुलर सर्जरी नियमित रूप से की जा रही हैं। आने वाले समय में बच्चों की हृदय सर्जरी भी शुरू करने की तैयारी है।”
प्रदेश के मरीजों को मिलेगा बड़ा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि एसीआई में नियमित रूप से कार्डियक सर्जरी शुरू होने से प्रदेश के हजारों मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा। इससे न केवल गंभीर मरीजों की प्रतीक्षा अवधि कम होगी, बल्कि उन्हें दूसरे राज्यों या निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने की आवश्यकता भी कम पड़ेगी। यह व्यवस्था विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित होगी, क्योंकि आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं के तहत अधिकांश सर्जरी कैशलेस सुविधा में उपलब्ध हैं।
Author: cg24x7




