दुर्ग। दुर्ग जिले के खम्हरिया स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में पिछले कुछ दिनों से छात्राओं के अचानक बीमार पड़ने की घटनाओं ने अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। कक्षा 9वीं और 11वीं की कई छात्राएं अचानक चीखने-चिल्लाने, हाथ-पैर अकड़ने, घबराहट और बेहोशी जैसी स्थिति का शिकार हुईं। लगातार सामने आई इन घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने तत्काल स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम को स्कूल भेजकर जांच कराई है।
प्राथमिक चिकित्सकीय जांच में किसी गंभीर शारीरिक बीमारी के संकेत नहीं मिले हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने इसे ‘मास साइकोजेनिक इलनेस (Mass Psychogenic Illness-MPI)’ यानी सामूहिक मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया से जुड़ी स्थिति होने की संभावना जताई है। हालांकि प्रशासन ने छात्राओं के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी और विस्तृत परामर्श (काउंसिलिंग) कराने का निर्णय लिया है।
एक के बाद एक कई छात्राएं हुईं प्रभावित
जानकारी के अनुसार, सोमवार को मामला तब चर्चा में आया जब स्कूल में तीन छात्राएं अचानक असामान्य व्यवहार करने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार छात्राएं जोर-जोर से चीखने लगीं, उनके हाथ-पैर अकड़ गए और कुछ ही देर में वे बेहोश होकर गिर पड़ीं।
स्कूल प्रबंधन ने तत्काल सभी छात्राओं को निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार और कुछ घंटों की निगरानी के बाद उनकी स्थिति सामान्य हो गई। चिकित्सकीय परीक्षण में किसी गंभीर शारीरिक बीमारी की पुष्टि नहीं हुई।
स्कूल प्रशासन के अनुसार इससे पहले भी 9 जुलाई को पांच छात्राएं और 11 जुलाई को तीन छात्राएं इसी प्रकार के लक्षणों से प्रभावित हुई थीं।
कलेक्टर के निर्देश पर विशेषज्ञ डॉक्टर पहुंचे स्कूल
घटनाओं की पुनरावृत्ति को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लिया। कलेक्टर के निर्देश पर जिला अस्पताल दुर्ग से विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम स्कूल भेजी गई।
विशेषज्ञ डॉक्टर डॉ. बालमुकुंद नेताम और डॉ. रानू नायडू ने छात्राओं का चिकित्सकीय परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच के बाद उन्होंने बताया कि उपलब्ध लक्षण मास साइकोजेनिक इलनेस तथा शारीरिक कमजोरी से जुड़े हो सकते हैं।
हालांकि डॉक्टरों ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्राओं की निगरानी जारी रहेगी और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी चिकित्सकीय परीक्षण किए जाएंगे।
स्कूल प्रबंधन ने कहा- छात्राओं की स्थिति सामान्य
विद्यालय की प्राचार्य सुषमा दीवान ने बताया कि प्रभावित छात्राओं के स्वास्थ्य में फिलहाल सुधार है और अधिकांश छात्राएं सामान्य स्थिति में हैं। उन्होंने कहा कि लगातार ऐसी घटनाएं सामने आने के कारण स्कूल प्रबंधन पूरी सतर्कता बरत रहा है तथा स्वास्थ्य विभाग के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है।
शिक्षा विभाग ने काउंसिलिंग के दिए निर्देश
घटनाओं के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय ने भी मामले को गंभीरता से लिया है। शिक्षा विभाग ने छात्राओं की चिकित्सकीय जांच के साथ-साथ उनकी मनोवैज्ञानिक काउंसिलिंग कराने के निर्देश दिए हैं।
फिलहाल विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ मनोवैज्ञानिकों की भी मदद ली जाएगी, ताकि छात्राओं में किसी प्रकार का मानसिक तनाव या भय हो तो उसका समय रहते समाधान किया जा सके।
क्या होती है मास साइकोजेनिक इलनेस?
चिकित्सा विज्ञान में Mass Psychogenic Illness (MPI) या मास साइकोजेनिक इलनेस ऐसी स्थिति को कहा जाता है, जिसमें किसी समूह के लोगों में बिना किसी स्पष्ट जैविक या संक्रामक बीमारी के समान प्रकार के शारीरिक लक्षण दिखाई देने लगते हैं। यह स्थिति अक्सर तनाव, भय, भावनात्मक दबाव या मनोवैज्ञानिक प्रभाव के कारण उत्पन्न होती है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक मनोवैज्ञानिक रूप से फैल सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार किशोरावस्था के विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं में यह स्थिति अपेक्षाकृत अधिक देखी जाती है। इसके सामान्य लक्षणों में—
- अचानक घबराहट,
- चक्कर आना,
- सांस लेने में तकलीफ,
- हाथ-पैर अकड़ना,
- बेहोशी,
- अत्यधिक रोना या भावनात्मक प्रतिक्रिया
जैसी समस्याएं शामिल हो सकती हैं, जबकि अधिकांश मामलों में चिकित्सकीय जांच में कोई गंभीर जैविक बीमारी सामने नहीं आती।
विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में अफवाहों से बचना, विद्यार्थियों को मानसिक रूप से आश्वस्त करना, शांत वातावरण बनाए रखना और आवश्यकता अनुसार मनोवैज्ञानिक परामर्श उपलब्ध कराना सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है।
फिलहाल जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। यदि भविष्य में भी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं तो विस्तृत चिकित्सकीय एवं मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन कराया जाएगा, ताकि वास्तविक कारणों की पहचान कर छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके।
Author: cg24x7





