नक्सल मुक्त इलाकों में विकास की नई पहल: 151 सुरक्षा कैंप बनेंगे ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’, ग्रामीणों को एक ही स्थान पर मिलेंगी सरकारी सुविधाएं

 

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों में विकास और सुशासन को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करने जा रही है। जिन सुरक्षा कैंपों की स्थापना कभी नक्सली गतिविधियों पर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए की गई थी, उन्हें अब चरणबद्ध तरीके से ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जा रही है। इन सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग, स्वास्थ्य, प्रमाण-पत्र, पेंशन, राशन और विभिन्न शासकीय योजनाओं सहित कई नागरिक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि दूरस्थ और नक्सल मुक्त हो चुके गांवों तक शासन-प्रशासन की सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है।

151 सुरक्षा कैंपों का किया गया चयन

सरकारी सूत्रों के अनुसार, नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में स्थापित 151 सुरक्षा कैंपों का चयन इस योजना के लिए किया गया है। इन कैंपों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप बहुउद्देशीय जनसेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

इस संबंध में प्रारंभिक कार्ययोजना तैयार कर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को सौंप दी गई है। विभाग ने इन सेवा केंद्रों के संचालन के लिए प्रारूप गाइडलाइन भी तैयार कर ली है। अंतिम दिशा-निर्देश जारी होने के बाद विभिन्न विभागों की सेवाओं को इन केंद्रों से जोड़ा जाएगा।

केंद्रीय गृह मंत्रालय से लिया जा रहा मार्गदर्शन

जानकारी के अनुसार, इस योजना के कुछ तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं पर केंद्रीय गृह मंत्रालय से भी मार्गदर्शन लिया जा रहा है। आवश्यक सुझाव मिलने के बाद राज्य सरकार विस्तृत संचालन गाइडलाइन जारी करेगी।

साथ ही संबंधित जिलों के कलेक्टरों द्वारा तैयार की गई कार्ययोजनाओं को सभी विभागों के साथ साझा करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि विभिन्न विभागों की सेवाओं का समन्वित संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

सुरक्षा से आगे बढ़कर विकास पर फोकस

राज्य सरकार का मानना है कि जिन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद सामान्य स्थिति लौट रही है, वहां अब विकास कार्यों को तेज करने की आवश्यकता है। इसी सोच के तहत सुरक्षा कैंपों को जनसेवा केंद्रों में बदलने की योजना तैयार की गई है।

इस पहल का उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना तथा गांव के निकट ही आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।

क्या है ‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ की अवधारणा?

शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा‘ छत्तीसगढ़ सरकार की एक नई अवधारणा है। इसका नाम बस्तर के महान आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी वीर गुंडाधुर के सम्मान में रखा गया है।

इस योजना के तहत नक्सलवाद से मुक्त या सामान्य स्थिति में लौट रहे क्षेत्रों के सुरक्षा कैंपों को केवल सुरक्षा केंद्र के रूप में नहीं, बल्कि बहु-सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां विभिन्न विभागों की सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

एक ही स्थान पर मिलेंगी कई सरकारी सेवाएं

प्रस्तावित सेवा डेरों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—

  • बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाएं
  • आधार कार्ड एवं अन्य पहचान संबंधी सेवाएं
  • आय, जाति और निवास प्रमाण-पत्र से जुड़ी सहायता
  • राशन कार्ड, पेंशन एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी
  • विभिन्न सरकारी योजनाओं का पंजीयन एवं लाभ
  • स्वास्थ्य सेवाएं एवं नियमित चिकित्सा शिविर
  • शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार संबंधी परामर्श
  • प्रशासनिक विभागों की जनसेवा गतिविधियां

इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीणों को एकीकृत नागरिक सेवा उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को मिलेगी नई दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षा के साथ-साथ विकास और प्रशासनिक पहुंच बढ़ाना नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बैंकिंग और प्रशासनिक सेवाओं की उपलब्धता से स्थानीय लोगों का शासन पर विश्वास मजबूत होगा तथा विकास की गति भी तेज होगी।

सरकार का उद्देश्य: गांव तक पहुंचे शासन

राज्य सरकार का कहना है कि इस पहल का मूल उद्देश्य “सरकार को गांव के दरवाजे तक पहुंचाना” है। जिन क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने लंबे संघर्ष के बाद सामान्य स्थिति स्थापित की है, वहां अब विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाना प्राथमिकता होगी।

‘शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा’ योजना को इसी व्यापक सोच का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके माध्यम से नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों को मुख्यधारा के विकास से जोड़ने और ग्रामीणों को बेहतर प्रशासनिक एवं सामाजिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।

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Author: cg24x7

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