दिल्ली दौरे पर मुख्यमंत्री, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर रेल परियोजनाओं पर की चर्चा, सांसदों के साथ डिनर मीटिंग में विकास एजेंडे पर किया मंथन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी होगी भेंट

रायपुर/नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिल्ली दौरे के दौरान राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर लगातार उच्चस्तरीय बैठकें हो रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रस्तावित मुलाकात से पहले मुख्यमंत्री ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से नई दिल्ली में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क के विस्तार, नई रेल परियोजनाओं, वर्षों से लंबित रेल लाइनों तथा सर्वे कार्यों की प्रगति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में राज्य की कनेक्टिविटी मजबूत करने और औद्योगिक एवं आदिवासी क्षेत्रों तक रेल सुविधाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास के लिए इन परियोजनाओं को प्राथमिकता देते हुए इनके शीघ्र क्रियान्वयन का आग्रह किया।

कटघोरा-डोंगरगढ़ रेल लाइन परियोजना पर बनी सहमति

मुख्यमंत्री और रेल मंत्री के बीच हुई बैठक में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा कटघोरा-डोंगरगढ़ (लगभग 295 किलोमीटर) प्रस्तावित रेल लाइन को लेकर हुई। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) मॉडल के माध्यम से विकसित करने पर विस्तार से विचार किया गया।

यह रेल लाइन राज्य के कई औद्योगिक, खनिज और कृषि क्षेत्रों को जोड़ने के साथ-साथ उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ के बीच बेहतर रेल संपर्क स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकती है। परियोजना पूरी होने से यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन को जल्द पूरा करने पर जोर

बैठक में मुख्यमंत्री ने लंबे समय से प्रतीक्षित रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना के निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। यह परियोजना बस्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।

रावघाट क्षेत्र में लौह अयस्क सहित खनिज संसाधनों की उपलब्धता को देखते हुए इस रेल लाइन के पूरा होने से औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बस्तर के दूरस्थ इलाकों को भी बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

दो नई रणनीतिक रेल परियोजनाओं के सर्वे पर भी हुई चर्चा

बैठक के दौरान दो अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के सर्वे कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इनमें—

  • किरंदुल–कोत्तागुडेम रेल लाइन
  • गढ़चिरौली–बीजापुर–किरंदुल (बचेली) रेल लाइन

शामिल हैं।

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से छत्तीसगढ़, तेलंगाना और महाराष्ट्र के बीच रेल संपर्क मजबूत होगा। साथ ही खनिज संपदा से समृद्ध क्षेत्रों में उद्योग, व्यापार और परिवहन को नई गति मिलने की संभावना है।

रेल नेटवर्क विस्तार से बदलेगी प्रदेश की तस्वीर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बैठक में कहा कि रेलवे नेटवर्क का विस्तार केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के आर्थिक विकास, औद्योगिक निवेश, पर्यटन, कृषि और रोजगार सृजन से भी सीधे जुड़ा हुआ है।

उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में रेल संपर्क बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी और स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य तथा रोजगार तक आसान पहुंच मिलेगी।

दिल्ली दौरे में विकास एजेंडे पर लगातार बैठकें

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का दिल्ली दौरा विकास परियोजनाओं को लेकर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संसद के मानसून सत्र के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के साथ भी डिनर बैठक की, जिसमें राज्य के विकास, केंद्र-राज्य समन्वय और लंबित परियोजनाओं पर व्यापक चर्चा हुई।

बैठक में सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, औद्योगिक निवेश और केंद्रीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषयों पर विस्तार से मंथन किया गया। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे संसद और केंद्र सरकार के स्तर पर छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाएं।

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी अहम मुलाकात

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिल्ली दौरे का सबसे अहम कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रस्तावित मुलाकात है। माना जा रहा है कि इस बैठक में रेलवे परियोजनाओं के अलावा राज्य की आधारभूत संरचना, राष्ट्रीय राजमार्ग, औद्योगिक निवेश, जनजातीय विकास, कृषि, ऊर्जा और केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी।

सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री के समक्ष छत्तीसगढ़ की कई प्राथमिक विकास परियोजनाओं को भी रख सकते हैं, जिनके लिए केंद्र सरकार से सहयोग अपेक्षित है।

केंद्र-राज्य समन्वय से विकास को मिलेगी नई रफ्तार

राजनीतिक और प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह दिल्ली दौरा केवल औपचारिक मुलाकातों तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के दीर्घकालिक विकास की रणनीति तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। लगातार केंद्रीय मंत्रियों से हो रही बैठकों के जरिए राज्य की अधोसंरचना परियोजनाओं को गति देने और निवेश आकर्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।

विशेष रूप से रेलवे परियोजनाओं पर हुई चर्चा से यह संकेत मिला है कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क विस्तार को नई गति मिल सकती है। यदि प्रस्तावित परियोजनाएं समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ती हैं, तो इससे न केवल औद्योगिक विकास को बल मिलेगा बल्कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी भी पहले की तुलना में काफी मजबूत होगी।

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Author: cg24x7

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