नईदुनिया फोरम 2026 में बोले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय- कांग्रेस सरकार में नहीं थी माओवादियों से लड़ने की राजनीतिक इच्छाशक्ति, भाजपा सरकार आते ही प्रदेश में खेती, किसानी और उद्योग की तस्वीर पूरी तरह से बदली 

रायपुर। जागरण समूह के प्रतिष्ठित अखबार नईदुनिया द्वारा मंगलवार को आयोजित नईदुनिया फोरम 2026 में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर माओवादी हिंसा, विकास योजनाओं और किसान हितों के मुद्दे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति सबसे महत्वपूर्ण होती है और यही इच्छाशक्ति पिछली कांग्रेस सरकार में नहीं थी। ‘नईदुनिया फोरम’ प्रसिद्ध हिंदी समाचार पत्र ‘नईदुनिया’ (जागरण प्रकाशन लिमिटेड समूह) द्वारा आयोजित किया जाने वाला एक प्रमुख वैचारिक और संवाद मंच (कॉन्क्लेव) है। इस मंच पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति के कारण माओवादी हिंसा पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सका है। मुख्यमंत्री ने यह आरोप भाी लगाया कि पुरानी सरकारों के समय साहूकारों और भारी ब्याज दर के चंगुल में फंसे किसानों को अब आधुनिक योजनाओं का लाभ मिल रहा है, जबकि उनकी सरकार के

2024 की समीक्षा बैठक का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनवरी 2024 में रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में यह तथ्य सामने आया था कि देशभर में होने वाली कुल माओवादी हिंसा की लगभग 76 प्रतिशत घटनाएं अकेले छत्तीसगढ़ में दर्ज हो रही थीं। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा बताता है कि उस समय राज्य में नक्सलवाद की चुनौती कितनी गंभीर थी। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछली सरकार ने यदि माओवादियों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई की होती तो राज्य को लंबे समय तक इस समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने केंद्र के सहयोग से सुरक्षा रणनीति को मजबूत किया है और इसी का परिणाम है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

‘राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी’

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी बड़ी चुनौती से निपटने के लिए केवल योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उन्हें लागू करने के लिए मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति भी जरूरी होती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में माओवादियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने का राजनीतिक संकल्प दिखाई नहीं दिया। यही कारण रहा कि प्रदेश लंबे समय तक माओवादी हिंसा से जूझता रहा।

साय ने कहा कि वर्तमान सरकार का लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करना है और इस दिशा में लगातार प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है।

गोठान योजना पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार की महत्वाकांक्षी ‘नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी’ योजना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना केवल कागजों तक सीमित रही और धरातल पर अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी।

उन्होंने कहा कि गोठान योजना के नाम पर प्रदेश की जनता को गुमराह किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं चार गोठानों का निरीक्षण किया था, जहां पशुओं के लिए न तो पर्याप्त पानी की व्यवस्था थी और न ही चारे तथा अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध थीं।

उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने गो-संवर्धन की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं और वर्तमान में प्रदेश में 29 सुरभि गोधाम सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं।

सुरभि गोधाम मॉडल का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री ने बताया कि सुरभि गोधामों में निराश्रित गोवंश के संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि इन गोधामों में कार्यरत चरवाहों को प्रतिमाह 10 हजार से 15 हजार रुपये तक का मानदेय दिया जा रहा है। सरकार इस मॉडल को आगे भी विस्तार देने की दिशा में काम कर रही है।

किसानों के हितों को सरकार की प्राथमिकता बताया

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद राज्य में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता प्रभावित नहीं होने दी गई।

उन्होंने कहा कि किसानों को रासायनिक उर्वरकों की कमी से बचाने के लिए सरकार ने नैनो डीएपी और नैनो यूरिया के उपयोग को बढ़ावा दिया है। इससे न केवल किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो रही है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में भी मदद मिल रही है।

विकास और सुरक्षा साथ-साथ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीति केवल सुरक्षा अभियान तक सीमित नहीं है, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कर लोगों का विश्वास जीतने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जब सुरक्षा और विकास दोनों साथ-साथ आगे बढ़ते हैं, तभी स्थायी शांति स्थापित होती है और यही राज्य सरकार की कार्ययोजना का प्रमुख आधार है।

विपक्ष पर राजनीतिक हमला

अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश की जनता अब विकास और सुशासन की राजनीति चाहती है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता, जवाबदेही और जनकल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए काम कर रही है तथा नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जारी रहेगी।

(संवाद एवं फोटो साभार नईदुनिया)

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Author: cg24x7

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