लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर पर मिली सफलता, असम में आयोजित प्रतियोगिता में दिखाएंगी दमखम
कोंडागांव/केशकाल। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के केशकाल की होनहार बेटी मुक्ति डडसेना ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और मेहनत का लोहा मनवाते हुए राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता के लिए चयनित होकर पूरे जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनका चयन नवोदय विद्यालय संगठन की ओर से आयोजित राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता के लिए भुवनेश्वर जोन से किया गया है। लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जगह बनाना उनकी लगन, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण का प्रमाण माना जा रहा है।
मुक्ति की इस उपलब्धि से केशकाल, कोंडागांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी की लहर है। खेल प्रेमियों, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
असम में राष्ट्रीय प्रतियोगिता, पहले ओडिशा में होगा विशेष प्रशिक्षण
वर्तमान में मुक्ति डडसेना जवाहर नवोदय विद्यालय, बोरई (दुर्ग) में कक्षा 11वीं (गणित संकाय) की छात्रा हैं। राष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारियों के तहत उनका 13 अगस्त से ओडिशा में 10 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में भुवनेश्वर जोन से चयनित सभी खिलाड़ी भाग लेंगे और विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में तकनीकी एवं प्रतिस्पर्धात्मक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे।
प्रशिक्षण शिविर पूरा होने के बाद 25 अगस्त से असम में आयोजित राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में मुक्ति भुवनेश्वर जोन का प्रतिनिधित्व करेंगी। उनसे एक बार फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर दिखा चुकी हैं प्रतिभा
यह पहला अवसर नहीं है जब मुक्ति ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई हो। इससे पहले उन्होंने जवाहर नवोदय विद्यालय, द्वारिका (गुजरात) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता में अंबाला में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर कोंडागांव जिले और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया था।
लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयनित होना इस बात का संकेत है कि वे निरंतर अपने खेल में निखार ला रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत दावेदारी पेश कर रही हैं।
केशकाल से राष्ट्रीय मंच तक का सफर
मूल रूप से केशकाल की रहने वाली मुक्ति डडसेना ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, कोंडागांव से प्राप्त की। वर्तमान में वे बोरई (दुर्ग) स्थित नवोदय विद्यालय में अध्ययनरत हैं, जहां वे पढ़ाई के साथ-साथ बैडमिंटन में भी लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं।
शैक्षणिक और खेल दोनों क्षेत्रों में उनका संतुलित प्रदर्शन अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का विषय बन गया है।
परिजनों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल
मुक्ति, मनोज कुमार डडसेना और अंजू डडसेना की सुपुत्री हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार में खुशी का माहौल है। क्षेत्र के नागरिकों, शिक्षकों, खेल प्रेमियों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि वे असम में शानदार प्रदर्शन कर छत्तीसगढ़ और भुवनेश्वर जोन का नाम पूरे देश में गौरवान्वित करेंगी।
कई लोगों ने इसे ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतिभा और मेहनत के बल पर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा जा सकता है।
ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए बनी प्रेरणास्रोत
मुक्ति डडसेना की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अंचल के उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो खेलों में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रतिभा के साथ निरंतर मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प हो, तो छोटे शहरों और गांवों से निकलकर भी राष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है।
उनकी उपलब्धि यह संदेश भी देती है कि शिक्षा और खेल एक-दूसरे के पूरक हैं। उचित मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग और नियमित अभ्यास किसी भी खिलाड़ी को सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
अब पूरे छत्तीसगढ़ की निगाहें असम में होने वाली राष्ट्रीय बैडमिंटन प्रतियोगिता पर हैं, जहां केशकाल की यह होनहार बेटी एक बार फिर अपने खेल से प्रदेश का मान बढ़ाने के लिए कोर्ट पर उतरेंगी।
Author: cg24x7




