बिलासपुर के खेलो इंडिया सेंटर से टीम इंडिया तक पहुंचीं छत्तीसगढ़ की बेटियों का हॉकी में जलवा: कांसाबेल की मधु सिदार और बोड़ला की गीता यादव भारतीय जूनियर टीम में चयनित

चीन में होने वाले जूनियर एशिया कप में देश का प्रतिनिधित्व करेंगी दोनों खिलाड़ी, बिलासपुर के खेलो इंडिया सेंटर में कर रहीं तैयारी; उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वीडियो कॉल पर दी बधाई

रायपुर, 6 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ की बेटियां अब देश की हॉकी टीम में अपनी प्रतिभा का दम दिखाने के लिए तैयार हैं। राज्य के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि सामने आई है। जशपुर जिले के कांसाबेल की मधु सिदार और कबीरधाम जिले के बोड़ला की गीता यादव का चयन भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम में हुआ है।

दोनों खिलाड़ी चीन के मोकी में 30 अगस्त से 13 सितंबर 2026 तक आयोजित होने वाले जूनियर एशिया कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करेंगी। खास बात यह है कि दोनों खिलाड़ी बिलासपुर स्थित खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रशिक्षण ले रही हैं और छत्तीसगढ़ की आवासीय खेल अकादमी से निकलकर राष्ट्रीय टीम तक पहुंची हैं।

दोनों खिलाड़ियों के चयन से छत्तीसगढ़ के खेल प्रेमियों में उत्साह है। उनके परिवार और प्रशिक्षकों के बीच भी खुशी का माहौल है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वीडियो कॉल पर दी बधाई

उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम में चयन के लिए मधु सिदार और गीता यादव को बधाई दी।

उन्होंने दोनों खिलाड़ियों से वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत कर उनकी तैयारियों की जानकारी ली। उप मुख्यमंत्री ने जूनियर एशिया कप में बेहतर प्रदर्शन के लिए दोनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राष्ट्रीय टीम में उनका चयन छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार और संचालक तनुजा सलाम ने भी दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

बिलासपुर के खेलो इंडिया सेंटर से टीम इंडिया तक पहुंचीं दोनों खिलाड़ी

मधु और गीता वर्तमान में बिलासपुर के खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में हॉकी का प्रशिक्षण ले रही हैं।

दोनों खिलाड़ियों को वरिष्ठ प्रशिक्षक राकेश टोप्पो और मुख्य प्रशिक्षक अजीत लकड़ा प्रशिक्षण दे रहे हैं। यह वही प्रशिक्षण व्यवस्था है जिसने राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर उपलब्ध कराया है।

दोनों खिलाड़ियों की सफलता से यह भी साबित हुआ है कि छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों की प्रतिभाओं को यदि सही प्रशिक्षण, संसाधन और मंच मिले तो वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकती हैं।

गांव की पगडंडी से भारतीय टीम की जर्सी तक पहुंचीं मधु सिदार

कांसाबेल के छोटे से गांव पोंगरो की रहने वाली हैं मधु

मधु सिदार की कहानी बेहद प्रेरक है। वह जशपुर जिले के कांसाबेल क्षेत्र के छोटे से गांव पोंगरो की रहने वाली हैं। उनके माता-पिता किसान हैं।

ग्रामीण और कृषि परिवार से आने वाली मधु ने हॉकी को अपना लक्ष्य बनाया और लगातार मेहनत करते हुए राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई।

उन्होंने सब-जूनियर नेशनल चैंपियनशिप 2024-25, स्कूल नेशनल 2024-25 और हरियाणा में आयोजित सब-जूनियर इंटर जोन चैंपियनशिप-2025 में भाग लिया है।

इसके अलावा आंध्र प्रदेश में 1 से 12 अगस्त 2025 तक आयोजित हॉकी इंडिया नेशनल चैंपियनशिप में उनकी टीम ने चौथा स्थान हासिल किया था।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भी दिखाया दम

मधु सिदार ने छत्तीसगढ़ में मार्च-अप्रैल 2026 में आयोजित देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में भी हिस्सा लिया।

इस प्रतियोगिता ने आदिवासी क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच दिया। मधु ने भी इस अवसर का लाभ उठाया और अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया।

उनकी मेहनत का अगला बड़ा पड़ाव भारतीय जूनियर टीम में चयन के रूप में सामने आया।

अप्रैल 2026 से बेंगलुरु में भारतीय टीम के साथ प्रशिक्षण

मधु की राष्ट्रीय टीम तक पहुंचने की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव अप्रैल 2026 में आया। वह अप्रैल से बेंगलुरु में भारतीय टीम के साथ प्रशिक्षण ले रही हैं।

लगातार राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के बीच प्रशिक्षण लेने से उनके खेल में निखार आया और अब वह जूनियर एशिया कप में भारत की जर्सी पहनने के लिए तैयार हैं।

बोड़ला की गीता यादव ने कम उम्र में बनाया अंतरराष्ट्रीय पहचान

अगर मधु की कहानी ग्रामीण संघर्ष और मेहनत की मिसाल है, तो कबीरधाम जिले के बोड़ला की गीता यादव की कहानी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बढ़ते कदमों की है।

गीता ने हॉकी का प्रारंभिक प्रशिक्षण कोच शिवा चौहान से प्राप्त किया। खेल के प्रति उनकी प्रतिभा और समर्पण ने उन्हें जल्द ही राष्ट्रीय टीम के दरवाजे तक पहुंचा दिया।

उनका अंतरराष्ट्रीय सफर वर्ष 2024 में शुरू हुआ।

नीदरलैंड और बेल्जियम दौरे से शुरू हुआ सफर

गीता ने 12 से 21 नवंबर 2024 तक नीदरलैंड और बेल्जियम दौरे में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया।

यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत थी। इसके बाद उन्हें लगातार भारतीय टीम के साथ खेलने और विदेशों में अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिले।

उन्होंने 15 मई से 2 जून 2025 तक अर्जेंटीना दौरे में भी भारतीय टीम का हिस्सा बनकर खेला।

इसके बाद 5 से 14 जुलाई 2026 तक इंग्लैंड और स्कॉटलैंड दौरे में भी वह भारतीय टीम के साथ रहीं।

लगातार अंतरराष्ट्रीय दौरों का अनुभव अब उन्हें जूनियर एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में मदद करेगा।

दोनों खिलाड़ियों के लिए जूनियर एशिया कप बड़ा मंच

चीन के मोकी में 30 अगस्त से 13 सितंबर तक होने वाला जूनियर एशिया कप दोनों खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण प्रतियोगिता होगी।

यहां एशिया की मजबूत जूनियर हॉकी टीमों के खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा। भारतीय टीम में छत्तीसगढ़ की दो खिलाड़ियों का शामिल होना राज्य के लिए विशेष उपलब्धि है।

दोनों खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में अपने प्रदर्शन के जरिए न केवल भारतीय टीम को मजबूत करने की कोशिश करेंगी, बल्कि आगे के अंतरराष्ट्रीय अवसरों के लिए भी अपनी दावेदारी मजबूत करेंगी।

छत्तीसगढ़ की खेल प्रतिभाओं के लिए बड़ी उम्मीद

मधु सिदार और गीता यादव की सफलता केवल दो खिलाड़ियों की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह छत्तीसगढ़ के उन ग्रामीण और आदिवासी इलाकों के खिलाड़ियों के लिए भी उम्मीद की किरण है, जहां प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें उचित प्रशिक्षण और संसाधनों की आवश्यकता होती है।

एक खिलाड़ी किसान परिवार से निकलकर राष्ट्रीय टीम तक पहुंची है, जबकि दूसरी खिलाड़ी ने छोटे शहर से शुरुआत कर अंतरराष्ट्रीय दौरों का अनुभव हासिल किया है।

बिलासपुर का खेलो इंडिया सेंटर इन दोनों प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर की तैयारी का मंच दे रहा है। प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और आधुनिक प्रशिक्षण व्यवस्था के बीच दोनों खिलाड़ी अब चीन में भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी कर रही हैं।

छत्तीसगढ़ की बेटियों से अब पदक की उम्मीद

मधु सिदार और गीता यादव के चयन ने छत्तीसगढ़ के हॉकी प्रेमियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। दोनों खिलाड़ियों ने जिस तरह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी जगह बनाई है, उससे अब नजरें जूनियर एशिया कप पर टिक गई हैं।

कांसाबेल के पोंगरो गांव से लेकर बोड़ला तक और वहां से बिलासपुर के प्रशिक्षण केंद्र तक का यह सफर बताता है कि प्रतिभा अगर मेहनत और सही मार्गदर्शन से जुड़ जाए तो गांव की खिलाड़ी भी देश की जर्सी पहन सकती है।

अब दोनों खिलाड़ियों के सामने अगली चुनौती चीन में होने वाला जूनियर एशिया कप है। छत्तीसगढ़ के खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि मधु और गीता भारतीय टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करेंगी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।

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Author: cg24x7

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