छत्तीसगढ़ को मिला ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, GeM के माध्यम से सरकारी खरीदी दोगुनी होकर ₹3,935 करोड़ पहुंची, सरकार ने बचाए ₹130 करोड़

छत्तीसगढ़ को ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’, सरकारी खरीदी दोगुनी होकर ₹3,935 करोड़ पहुंची

GeM के माध्यम से शासकीय खरीदी में एक साल में 113% की छलांग, MSEs को मिले ₹1,800 करोड़ के ऑर्डर; प्रतिस्पर्धी निविदाओं से सरकार ने बचाए ₹130 करोड़

रायपुर, 10 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ ने सरकारी खरीदी में पारदर्शिता, प्रतिस्पर्धा और डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की गरिमामयी उपस्थिति में छत्तीसगढ़ को यह सम्मान प्रदान किया गया।

GeM के एक दशक पूरे होने के अवसर पर आयोजित समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रखी गई थी। राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स – स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी में छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार GeM के प्रभावी उपयोग और इसके माध्यम से सरकारी खरीदी के मूल्य तथा मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए दिया गया है।

एक साल में 113 प्रतिशत बढ़ी सरकारी खरीदी

छत्तीसगढ़ में GeM के माध्यम से होने वाली सरकारी खरीदी में बीते एक वर्ष में उल्लेखनीय उछाल आया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में GeM के माध्यम से राज्य की शासकीय खरीदी ₹3,935 करोड़ तक पहुंच गई। यह वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 113 प्रतिशत की वृद्धि है।

राज्य सरकार के अनुसार, विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीदी को साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए किए गए सुनियोजित प्रयासों का परिणाम अब सामने आया है। अधिकाधिक सरकारी खरीदी को GeM के दायरे में लाने से खरीद प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और वस्तुओं एवं सेवाओं के लिए बाजार आधारित दरें प्राप्त करने में मदद मिली है।

इस डिजिटल व्यवस्था के चलते सरकारी खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ निविदाओं, आपूर्तिकर्ताओं और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की सुविधा भी मिली है।

प्रतिस्पर्धी निविदा से एक साल में ₹130 करोड़ की बचत

GeM के जरिए प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी निविदा प्रक्रिया का सीधा वित्तीय लाभ भी राज्य सरकार को मिला है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ शासन ने करीब ₹130 करोड़ की बचत की।

यह बचत विभागों द्वारा किसी वस्तु या सेवा की खरीदी के लिए निर्धारित अनुमानित लागत और खुली प्रतिस्पर्धी बोली के बाद प्राप्त वास्तविक बाजार मूल्य के बीच के अंतर से हुई।

सरकार के अनुसार, GeM की खुली बोली प्रक्रिया, मानकीकृत तकनीकी विनिर्देश और प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल एवं ऑडिट योग्य रिकॉर्ड सरकारी खरीदी में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करता है।

पिछले तीन वित्तीय वर्षों को मिलाकर प्रतिस्पर्धी खरीदी के माध्यम से राज्य सरकार को कुल ₹235 करोड़ की बचत होने का दावा किया गया है।

खरीदी प्रक्रिया में जांच और निगरानी पर जोर

सरकारी खरीदी में केवल कम कीमत प्राप्त करना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि गुणवत्ता और आवश्यकताओं के अनुरूप वस्तुओं एवं सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से खरीदी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में निर्धारित जांच और निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।

निविदाओं की शर्तों और तकनीकी विनिर्देशों की नियमित समीक्षा की जाती है। इससे एक ओर खरीदी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिलती है, वहीं दूसरी ओर बदलती जरूरतों के अनुसार नए उत्पादों और सेवाओं को सरकारी बाजार में शामिल करने का रास्ता भी खुलता है।

छोटे कारोबारियों के लिए बड़ा सरकारी बाजार खुला

GeM के बढ़ते उपयोग का एक महत्वपूर्ण असर राज्य के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (MSEs) पर भी पड़ा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन उद्यमों से सरकारी खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर ₹1,800 करोड़ हो गई।

यह आंकड़ा सरकार द्वारा निर्धारित 25 प्रतिशत MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है। इसका मतलब है कि सरकारी खरीद में छोटे कारोबारियों और स्थानीय उद्यमों की हिस्सेदारी लगातार मजबूत हो रही है।

GeM जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म ने छोटे उद्यमियों के लिए सरकारी बाजार तक पहुंच को अपेक्षाकृत आसान बनाया है। उन्हें पारंपरिक खरीद व्यवस्था में मौजूद मध्यस्थों पर निर्भर रहने के बजाय सीधे सरकारी खरीदारों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है।

महिला उद्यमियों की खरीदी में 97%, SC-ST उद्यमियों में 108% वृद्धि

GeM के माध्यम से सरकारी खरीदी में प्राथमिकता वाले उद्यमी वर्गों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है।

वित्तीय वर्ष 2025-26 में—

  • महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत वृद्धि हुई।
  • अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीदी में 108 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
  • स्टार्टअप से सरकारी खरीदी में 178 प्रतिशत की सर्वाधिक वृद्धि हुई।
  • MSEs से खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर ₹1,800 करोड़ पहुंची।

इन आंकड़ों को सरकारी खरीदी में समावेशी भागीदारी बढ़ने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। खासकर स्टार्टअप और छोटे उद्यमों के लिए सरकारी बाजार में बढ़ती भागीदारी नए कारोबारी अवसर पैदा कर सकती है।

मुख्यमंत्री साय ने बताया पारदर्शी व्यवस्था की सफलता

इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि GeM ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे सरकारी मांग और बाजार से जुड़ने का सशक्त माध्यम उपलब्ध कराया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों और स्टार्टअप की भागीदारी में हुई उल्लेखनीय वृद्धि इस पारदर्शी व्यवस्था की सफलता को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस प्रत्येक उद्यमी को समान अवसर प्रदान करता है। राज्य सरकार का प्रयास है कि इस व्यवस्था का लाभ प्रदेश के अधिक से अधिक सूक्ष्म एवं लघु उद्यमियों, महिला उद्यमियों, अनुसूचित जाति-जनजाति के उद्यमियों और स्टार्टअप तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, पारदर्शी सरकारी खरीदी के साथ स्थानीय उद्यमिता को सशक्त बनाना विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

सरकारी खरीदी में डिजिटल बदलाव का बढ़ता असर

छत्तीसगढ़ में GeM के आंकड़े बताते हैं कि सरकारी खरीद व्यवस्था अब पारंपरिक प्रक्रियाओं से आगे बढ़कर डिजिटल और प्रतिस्पर्धी मॉडल की ओर तेजी से बढ़ रही है। ₹3,935 करोड़ की खरीदी और ₹130 करोड़ की एक साल की बचत इस बदलाव के वित्तीय प्रभाव को भी सामने रखती है।

वहीं, MSEs, महिला उद्यमियों, SC-ST उद्यमियों और स्टार्टअप की बढ़ती भागीदारी यह संकेत देती है कि GeM केवल सरकारी विभागों के लिए खरीद का डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं रह गया है, बल्कि छोटे और नए कारोबारियों के लिए भी सरकारी बाजार में प्रवेश का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है।

छत्तीसगढ़ को मिला ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ इसी व्यापक बदलाव और डिजिटल सरकारी खरीदी व्यवस्था के प्रभावी उपयोग की राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।

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Author: cg24x7

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