रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर जोर पकड़ता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। खासकर उत्तर छत्तीसगढ़ में अगले 72 घंटे मौसम के लिहाज से चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले चार दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं उत्तर छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में बारिश की तीव्रता अधिक रहने की संभावना है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है।
बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र
छत्तीसगढ़ में मौसम के इस बदलाव की प्रमुख वजह उत्तर बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र है। इसके साथ एक चक्रवाती परिसंचरण भी सक्रिय है, जो समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है।
मौसम विभाग के मुताबिक यह मौसम प्रणाली अगले कुछ घंटों में और अधिक स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में बदल सकती है। इसके बाद इसके अवदाब में तब्दील होने तथा उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इस सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
उत्तर छत्तीसगढ़ पर सबसे ज्यादा असर
मौसम प्रणाली का प्रभाव प्रदेश के उत्तर छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा दिखाई देने की संभावना है। अगले तीन दिनों के दौरान यहां कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद भी अगले चार दिनों तक मध्यम से भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इन इलाकों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। उत्तर छत्तीसगढ़ में ओड़गी, वाड्रफनगर और डौरा कोचली में 7-7 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
इसके अलावा रघुनाथनगर, चलगली और कुसमी में 5-5 सेंटीमीटर, जबकि तमनार और चांदो में 4-4 सेंटीमीटर बारिश हुई। अजगरबहार, मोहला और शंकरगढ़ में 3-3 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई।
इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय है और आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधि और बढ़ सकती है।
रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी रायपुर में भी मौसम अगले कुछ दिनों तक बदला हुआ रहने की संभावना है। 13 अगस्त को शहर में आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। इस दौरान एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में अगले चार दिनों तक मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
वज्रपात वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी जरूरी
बारिश के साथ वज्रपात की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। आंधी-गरज के दौरान खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या जलाशयों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है। बिजली चमकने और तेज गरज के समय सुरक्षित भवन में रहना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की भी सलाह दी गई है।
अगले 72 घंटे क्यों अहम?
बंगाल की खाड़ी में सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के कारण छत्तीसगढ़ में बारिश का नया दौर मजबूत होने की संभावना है। अगले 72 घंटे विशेष रूप से उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए अहम हैं, जहां भारी से बहुत भारी बारिश के साथ वज्रपात का खतरा भी बना रह सकता है।
ऐसे में मानसून की इस सक्रियता से किसानों को जहां बारिश से राहत मिल सकती है, वहीं अत्यधिक बारिश वाले इलाकों में जलभराव, कच्चे रास्तों और नदी-नालों के उफान जैसी परिस्थितियों को लेकर सतर्क रहना जरूरी होगा।
मौसम विभाग का संदेश साफ है—बारिश से राहत की उम्मीद के साथ अगले तीन दिन सावधानी भी जरूरी है।
Author: cg24x7




