रायपुर। नवरात्रि के आठवें दिन 30 सितंबर को मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा होगी । महागौरी की पूजा से स्वास्थ्य और समृद्धि का आशीष मिलता है। आज कन्या पूजन भी होगा। मां महागौरी कथा , देवी भागवत पुराण में मां महागौरी स्वरूप दिव्य और तेजवान है। इन्हें भगवान शिव की अर्धांगिनी के रूप में पूजा जाता है. महागौरी की पूजा से उपासक को सभी सिद्धियों की प्राप्ति होती है।
पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार हिमालय की पुत्री पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने का निश्चय कर लिया और इसके लिए कठोर तपस्या शुरू कर दी. पार्वती ने वर्षों तक तप किया. इस दौरान न भोजन ग्रहण किया और न जल पिया. पार्वती की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरदान देने का वचन दिया. वर्षों तक तपस्या करते-करते पार्वती का शरीर काला और कृश पड़ गया. तब भगवान शिव ने गंगा जी को आदेश दिया कि वे पार्वती का स्नान कराएं. पवित्र गंगा जल से स्नान करने के बाद पार्वती का शरीर गौरवर्ण हो गया और वो ‘महागौरी’ के नाम से प्रसिद्ध हुईं।
कन्या पूजन का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार , अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन का बड़ा महत्व है। कहा जाता है कि इससे घर में समृद्धि आती है और परिवार पर मां दुर्गा की कृपा बनी रहती है। इस दिन मां की विधिवत पूजा, मंत्र-आरती करने और उन्हें विशेष भोग लगाने से साधक को संपूर्ण फल की प्राप्ति होती है।
महाअष्टमी 2025 शुभ मुहूर्त
इस साल अष्टमी तिथि का प्रारम्भ 29 सितंबर को शाम 04:31 बजे शुरू होगी और इसके समापन 30 सितंबर को शाम 06:06 बजे होगा। ऐसे में महाअष्टमी का पर्व 30 सितंबर 2025 को मनाया जाएगा।
दुर्गा अष्टमी का पूजन मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:37 से 5:25 बजे तक (स्नान व ध्यान के लिए उत्तम) अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:47 से 12:35 बजे तक कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त: प्रातः 10:40 से 12:10 बजे मां महागौरी की पूजा विधि: इस दिन प्रातः स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को गंगाजल से पवित्र करें और मां महागौरी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। घी का दीपक जलाएं और मां को रोली, चंदन, अक्षत, धूप व पीले फूल अर्पित करें। नारियल, पूड़ी, काले चने और हलवे का भोग लगाएं। दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और मां का मंत्र जाप और आरती करें।
मां महागौरी का प्रिय भोग
मां महागौरी को नारियल से बने व्यंजन विशेष रूप से प्रिय हैं। आप चाहें तो घर पर नारियल आधारित पकवान जैसे नारियल लड्डू, नारियल की बर्फी आदि बनाकर देवी को भोग लगा सकते हैं। यह सरल होने के साथ-साथ देवी को प्रसन्न करने का उत्तम माध्यम है।
मां महागौरी की आरती
जय महागौरी जगत की माया ।
जय उमा भवानी जय महामाया ॥
हरिद्वार कनखल के पासा ।
महागौरी तेरा वहा निवास ॥
चंदेर्काली और ममता अम्बे जय शक्ति जय जय मां जगदम्बे ॥
भीमा देवी विमला माता कोशकी देवी जग विखियाता ॥
हिमाचल के घर गोरी रूप तेरा महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा ॥
सती ‘सत’ हवं कुंड मै था जलाया उसी धुएं ने रूप काली बनाया ॥
बना धर्म सिंह जो सवारी मै आया तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया ॥
तभी मां ने महागौरी नाम पाया शरण आने वाले का संकट मिटाया ॥
शनिवार को तेरी पूजा जो करता माँ बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता ॥
‘चमन’ बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो महागौरी माँ तेरी हरदम ही जय हो ॥
Author: cg24x7




