रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रायपुर में कलेक्टर कांफ्रेंस 2025 हुई। इस दौरान सीएम साय ने शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा की। वहीं आगामी धान खरीदी को लेकर सभी जिलों के कलेक्टर को आवश्यक निर्देश दिए साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि, खरीदी में अनियमितता होने पर कलेक्टर जिम्मेदार होंगे।
सीएम विष्णुदेव साय ने शिक्षा विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा- राज्य में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान चलेगा। इसके लिए 10वीं- 12वीं के परीक्षा परिमाण सुधार के लिए जिला स्तर पर कलेक्टर्स योजना बनाये। वहीं शिक्षा के क्षेत्र में रायगढ़ जिले में नवाचार की प्रशंसा करते हुए सीएम साय ने कहा- ऐसे विद्यार्थियों की नियमित मंथली टेस्ट, कमजोर बच्चों के लिए एक्स्ट्रा क्लासेज चलाई गई। वहीं GPM जिले ने भी अच्छा किया, हॉस्टल्स में एक्स्ट्रा क्लासेज और टेस्ट लिए गए हैं।
बच्चों की स्कूलों में शत- प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के उपाय कर शाला विकास समितियों, पालकों को सक्रिय करें। सीएम साय ने निर्देश देते हुए कहा कि, स्कूलों में आउट ड्राप कम करना है इसके लिए सकल नामांकन अनुपात (Gross Enrolment Ratio) को बढ़ाकर 100 प्रतिशत करना है। महिला बाल विकास और स्कूल शिक्षा विभाग समन्वय कर बाल वाडियों को सक्रिय करें। बच्चों के लिए दी गई शिक्षण सामग्रीय अलमारियों में बंद ना रह जाए उनका समुचित उपयोग बच्चों को पढ़ाने में हो।
कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सीएम साय ने निर्देश देते हुए कहा कि, विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के पंजीयन की सुगम व्यवस्था की जाए ताकि उन्हें परेशानी न हो। साथ ही कलेक्टरों को विशेष शिविरों के माध्यम से शत प्रतिशत पंजीयन करने के भी निर्देश दिए गए हैं। वहीं सीएम साय ने कलेक्टर्स को चेतावनी देते हुए कहा कि, अगर धान खरीदी में अनियमितता पर कलेक्टर जिम्मेदार होंगे।
सीएम विष्णु देव साय ने निर्देश देते हुए कहा- कलेक्टर स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की नियमित समीक्षा करें और कार्यक्रमों की प्रगति पर निगरानी हो। राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्वस्थ छत्तीसगढ़ से ‘सशक्त और समृद्ध छत्तीसगढ़’ का सपना साकार होगा। आगे कहा- मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में प्रभावी कमी लाने शत-प्रतिशत अस्पतालों में प्रसव सुनिश्चित कराएं।
सीएम साय ने कहा- गर्भवती माताओं और बच्चों के टीकाकरण सत्र निर्धारित तिथि पर अनिवार्य रूप से आयोजित हों और फील्ड वेरिफिकेशन द्वारा इसकी निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। मैटरनल डेथ ऑडिट प्रत्येक प्रकरण में किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस रणनीति बनाई जा सके।
सीएम साय ने कहा- एनआरसी सेंटरों का संचालन प्रभावी और सतत हो, माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए। वेलनेस सेंटरों के माध्यम से गैर संचारी रोग (NCDs) के प्रति लोगों में जागरूकता का व्यापक अभियान चलाया जाए। बस्तर संभाग के जिलों में मलेरिया के हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाया जाए ताकि प्रदेश को मलेरिया-मुक्त बनाने के लक्ष्य की दिशा में ठोस प्रगति हो। प्रधानमंत्री वय वंदना योजना अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों का पंजीयन और कार्ड निर्माण प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए।
Author: cg24x7




