बिहार चुनाव 2025: 6 नवम्बर को होगा पहले चरण का मतदान

Bihar Assembly Elections 2025

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का पहला चरण अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। कल यानी गुरुवार को प्रदेश के 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान होगा। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के कई दिग्गज उम्मीदवार मैदान में हैं जिनमें तेजस्वी यादव, तेजप्रताप यादव, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, मैथिली ठाकुर और अनंत सिंह जैसे नाम खास चर्चा में हैं।

पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में इन 121 सीटों पर महागठबंधन को 61 और NDA को 59 सीटें मिली थीं। इस बार समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। LJP अब NDA के साथ है, जबकि VIP ने महागठबंधन का साथ पकड़ लिया है। ऐसे में पहले चरण की यह लड़ाई केवल जीत की नहीं, बल्कि विरोधी दल के मजबूत गढ़ में सेंध लगाने की रणनीति का भी इम्तिहान है।

तारापुर- यहां उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी मैदान में हैं। JDU ने सिटिंग विधायक राजीव सिंह को टिकट नहीं दिया। RJD ने अरुण साह पर भरोसा जताया है, जबकि JSP से डॉ. संतोष कुमार सिंह भी दौड़ में हैं।

अलीनगर- भाजपा ने लोकगायिका मैथिली ठाकुर को टिकट देकर मुकाबले को रोचक बना दिया है। उनके सामने RJD के विनोद मिश्र और JSP के विप्लव चौधरी हैं।

लखीसराय- यहां मुकाबला उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और कांग्रेस के अमरेश अनीश के बीच सीधा माना जा रहा है। JSP प्रत्याशी सूरज कुमार ने मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।

महुआ- तेजप्रताप यादव के लिए यह सीट प्रतिष्ठा की बन गई है। उन्हें LJP के संजय सिंह, RJD के डॉ. मुकेश रौशन और निर्दलीय डॉ. आसमां परवीन से कड़ी चुनौती मिल रही है।

राघोपुर- RJD नेता तेजस्वी यादव का सीधा मुकाबला NDA के सतीश यादव से है। JSP और जनशक्ति जनता दल के प्रत्याशी भी मैदान में हैं।

साहेबगंज- मंत्री राजू सिंह लगातार चौथी जीत के प्रयास में हैं। यहां यादव और राजपूत वोटरों का संतुलन परिणाम तय कर सकता है।

बोचहां- SC आरक्षित इस सीट पर अमर पासवान और भाजपा की बागी बेबी कुमारी के बीच कड़ी टक्कर की उम्मीद है।

नालंदा- यहां मंत्री श्रवण कुमार और कांग्रेस के कौशलेंद्र उर्फ छोटे मुखिया के बीच मुकाबला दिलचस्प है। युवाओं का रुझान चुनाव की दिशा तय करेगा

छपरा- भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव के मैदान में उतरने से यह सीट चर्चा में है। मुकाबला अब त्रिकोणीय हो चुका है।

हरनौत- JDU के 84 वर्षीय हरिनारायण सिंह लगातार दसवीं जीत के लिए प्रयासरत हैं।

अस्थावां- पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह की बेटी लता सिंह इस बार मैदान में हैं। उनकी जीत या हार से पिता का राजनीतिक भविष्य भी प्रभावित होगा। पहले चरण के मतदान के नतीजे यह संकेत देंगे कि जनता इस बार बदलाव चाहती है या फिर सत्ता पक्ष पर भरोसा बनाए रखेगी। वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी।

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Author: cg24x7

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