विभागों ने योजनाओं की राशि 34 करोड़ रुपए बरसों से दबाए रखी, अब फिर जाएगी सरकार के खजाने में

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कई विभागों ने सरकारी योजनाओं की राशि करीब 34 करोड़ रुपए सिविल जमा में ट्रांसफर कर बरसों तक निर्षक्रय के डिपॉजिट खातों में जमा रखी थी। अब सरकार ने इन खातों की राशि को सरकारी खजाने राज्य की संचित निधि में ट्रांसफर करने का आदेश जारी किया है। इस मामले को लेकर राज्य सरकार के वित्त विभाग ने प्रदेश के सभी भारसाधक सचिवों के लिए आदेश जारी कर दिया है।

आदेश में कहा गया है कि विभिन्न विभाग द्वारा योजनाओं की राशि लोक लेखा शीर्ष सिविल जमा में ट्रांसफर करके विगत कई वर्षों से जमा रखी है। कोषालय संहिता के अनुसार तीन साल से अधिक समय तक निर्षक्रय के- डिपॉजिट खातों की राशि राज्य की संचित निधि में वापस जमा की जानी चाहिए। राज्य के विभिन्न कोषालयों में कई विभागों, कार्यालयों के निर्षक्रय खातों की सूची भी वित्त विभाग ने जारी की है और कहा है कि इन खातों में जमा राशि को संबंधित विभागीय राजस्व प्राप्ति शीर्ष में राज्य की संचित निधि में ट्रांसफर करें।

विभागों के दफ्तरों ने करोड़ों रुपए जमा रखे
वित्त विभाग ने निर्षक्रय खातों में जमा राशि की जो सूची जारी की है, उसके हिसाब से करीब 34 करोड़ रुपए निष्क्रय खातों में पड़े रखे गए हैं। इस तरह के कई विभागों और कार्यालयों की उल्लेख सूची में है। सूची के मुताबिक कार्यालय अभियंता ग्रामीण अभियांत्रिकी सेवा राजनांदगांव 4 करोड़ 12 लाख 58 हजार कलेक्टर कबीरधाम के निर्षक्रय के डिपॉजिट खाते में 2 करोड़ 93 लाख 85 हजार, श्रम पदाधिकारी सुकमा 2 करोड़ 31 लाख 88 हजार, श्रम पदाधिकारी सुरजपुर 1 करोड़, 84 लाख, उप संचालक उद्यानिकी कार्यालय रायपुर में 1 करोड़ 2 लाख 57 हजार, एकीकृत आदिवासी विकास विभाग अंबिकापुर 1 करोड़ 27 लाख 46 हजार, उप संचालक कृषि जशपुर 1 करोड़ 92 लाख 94 हजार, एकीकृत आदिवासी विकास परियोजन अंबिकापुर 1 करोड़ 1 करोड़ 27 लाख 46 हजार बिना खर्च किए निक्रिय खातों में जमा रखे रहे। इनके अलावा भी कई और विभागों, कार्यालयों ने लाखों और हजारों रुपए निर्षक्रया खातों में जमा रखे।

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Author: cg24x7

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