रायपुर। प्रदेशभर के 33 जिलों में हेंडपंप तकनीशियन के 876 पद स्वीकृत हैं, पर वर्तमान में 462 कर्मचारी ही संबंधित एरिया में कार्यरत हैं, जबकि 400 से ज्यादा खाली पड़े हैं। ऐसे में हैंडपंप के रखरखाव और देखरेख का कार्य प्रभावित हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, एक हैंडपंप तकनीशियन के कार्यक्षेत्र में 10 से 12 गांवों के हैंडपंप मरम्मत का जिम्मा दिया गया है, इससे हैंडपंप खराब होने पर शिकायत के बाद भी उसकी मरम्मत का काम समय पर नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सेटअप के हिसाब से छत्तीसगढ़ के 33 जिलों में हैंडपंप तकनीशियन के 872 पद स्वीकृत हैं। वर्तमान में इसमें 462 तकनीशियन विभिन्न जिलों में कार्यरत हैं, जबकि 414 पद खाली हैं। यहीं नहीं, सेवानिवृत्ति के साथ ही आने वाले दिनों में इनकी संख्या में और कमी आएगी। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जलस्त्रोत होने के कारण हैंडपंप की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसे देखते हुए सेटअप रिवाइस करने की मांग कर्मचारी संगठनों द्वारा की जा रही है।
जिले का नाम स्वीकृत पद कार्यरत रिक्त पद
रायपुर 24 15 9
महासमुंद 30 15 15
धमतरी 24 4 10
बलौदाबाजार 30 19 11
गरियाबंद 30 12 18
दुर्ग 18 10 8
बालोद 19 17 12
बेमेतरा 23 11 12
राजनांदगांव 18 9 9
मोहला-मानपुर, अंबागढ़ चौकी 18 7 11
खैरागढ़, छुईखदान-गंडई 18 11 7
कबीरधाम 24 11 13
बिलासपुर 26 13 13
गौरेला-पेंड्रा मरवाही 15 7 8
मुंगेली 18 9 9
नारायणपुर 20 9 11
Author: cg24x7




