छत्तीसगढ़ में बिजली हुई महंगी: 1 जुलाई से 50 पैसे तक बढ़ीं दरें, घरेलू उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा मासिक बिल का बोझ

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लाखों घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 1 जुलाई से महंगी बिजली का झटका लगा है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नए टैरिफ आदेश के तहत घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में संशोधन कर दिया गया है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो गई हैं। इसके बाद जारी होने वाले सभी बिजली बिल संशोधित दरों के आधार पर तैयार किए जाएंगे।

नए टैरिफ के अनुसार विभिन्न खपत श्रेणियों में बिजली की कीमतों में 30 पैसे से लेकर 50 पैसे प्रति यूनिट तक की वृद्धि की गई है। इसका सीधा असर घरेलू उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिल पर पड़ेगा, विशेष रूप से उन परिवारों पर जिनकी बिजली खपत 200 यूनिट से अधिक रहती है।

अलग-अलग खपत श्रेणियों में बढ़ीं बिजली दरें

विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी संशोधित टैरिफ के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए नई दरें इस प्रकार निर्धारित की गई हैं—

मासिक खपत पुरानी दर नई दर
100 यूनिट तक ₹4.10 प्रति यूनिट ₹4.40 प्रति यूनिट
101 से 200 यूनिट ₹4.20 प्रति यूनिट ₹4.50 प्रति यूनिट
201 से 400 यूनिट ₹5.60 प्रति यूनिट ₹6.00 प्रति यूनिट
401 से 600 यूनिट ₹6.60 प्रति यूनिट ₹7.00 प्रति यूनिट
600 यूनिट से अधिक ₹8.30 प्रति यूनिट ₹8.80 प्रति यूनिट

नई दरों के अनुसार उच्च खपत वाले उपभोक्ताओं पर अपेक्षाकृत अधिक अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।

घरेलू बजट पर पड़ेगा सीधा असर

बिजली दरों में हुई बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर उन परिवारों पर पड़ेगा, जहां एयर कंडीशनर, गीजर, रेफ्रिजरेटर, वॉटर पंप और अन्य विद्युत उपकरणों का नियमित उपयोग होता है।

विशेषज्ञों के अनुसार 200 यूनिट से अधिक बिजली की मासिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के बिल में पहले की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है। गर्मी और बारिश के मौसम में बिजली की खपत सामान्यतः अधिक रहती है, ऐसे में बढ़ी हुई दरों का प्रभाव आगामी बिलों में स्पष्ट दिखाई देगा।

पूरे प्रदेश के लाखों उपभोक्ता होंगे प्रभावित

नई टैरिफ व्यवस्था का प्रभाव छत्तीसगढ़ के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। राज्य में लाखों बिजली उपभोक्ता अब संशोधित दरों के अनुसार भुगतान करेंगे।

हालांकि फिलहाल राज्य सरकार की ओर से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए किसी अतिरिक्त राहत, विशेष छूट या नई सब्सिडी की घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में उपभोक्ताओं को बढ़ी हुई दरों के अनुसार ही बिजली बिल का भुगतान करना होगा।

1 जुलाई से लागू हुआ नया टैरिफ

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के आदेश के अनुसार संशोधित बिजली दरें 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई हैं। बिजली वितरण कंपनियों को नए टैरिफ के अनुरूप बिल तैयार करने और वसूली करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

इसका अर्थ है कि 1 जुलाई के बाद की बिजली खपत पर जारी होने वाले बिल नई दरों के अनुसार ही बनाए जाएंगे।

बिजली बचाने की बढ़ेगी जरूरत

बिजली दरों में वृद्धि के बाद ऊर्जा विशेषज्ञ उपभोक्ताओं को बिजली की बचत पर विशेष ध्यान देने की सलाह दे रहे हैं। एलईडी बल्बों का उपयोग, ऊर्जा दक्ष (स्टार रेटेड) उपकरण अपनाना, अनावश्यक बिजली खपत से बचना तथा एयर कंडीशनर और अन्य भारी विद्युत उपकरणों का संतुलित उपयोग जैसे उपाय बिजली बिल को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा संरक्षण न केवल उपभोक्ताओं के मासिक खर्च को कम करेगा, बल्कि बिजली की समग्र मांग को नियंत्रित रखने में भी सहायक होगा।

उपभोक्ताओं की निगाह आगे की राहत पर

बिजली दरों में वृद्धि के बाद अब उपभोक्ताओं की नजर राज्य सरकार और विद्युत वितरण कंपनियों की आगामी नीतियों पर रहेगी। यदि भविष्य में किसी प्रकार की सब्सिडी, राहत योजना या विशेष रियायत की घोषणा की जाती है तो इससे घरेलू उपभोक्ताओं को बढ़े हुए बिजली बिल के बोझ से कुछ राहत मिल सकती है। फिलहाल पूरे प्रदेश में नई बिजली दरें लागू हो चुकी हैं और उपभोक्ताओं को इन्हीं संशोधित दरों के आधार पर बिजली बिल का भुगतान करना होगा।

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Author: cg24x7

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