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मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पाकिस्तान को घेरा -
PoK के रावलाकोट में प्रदर्शनों का महासैलाब, एक लाख से ज्यादा लोगों ने कहा- “पाकिस्तान के गुलाम नहीं रहेंगे”
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भारत की सामरिक तैयारी का जिक्र करते हुए बोले- “परमाणु पनडुब्बियां तैनात हैं और असीम मुनीर विदेशी दौरों में व्यस्त हैं”
लंदन/इस्लामाबाद, 16 जुलाई 2026। पाकिस्तान के निर्वासित नेता और मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन ने पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार और सेना प्रमुख (आर्मी चीफ) जनरल असीम मुनीर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लंदन से जारी एक बेहद तीखे वीडियो बयान में अल्ताफ हुसैन ने देश के भीतर सुलग रहे आंतरिक संकटों को लेकर पाकिस्तानी हुकूमत को जमकर लताड़ा।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर पोस्ट किए गए इस वीडियो में उन्होंने देश की बदहाली, मानवाधिकारों के हनन और कश्मीर व बलूचिस्तान के मौजूदा हालातों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
PoK और बलूचिस्तान के हालातों पर उठाए दर्दनाक सवाल
अल्ताफ हुसैन ने पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे गृहयुद्ध जैसे हालातों का जिक्र करते हुए सेना और सरकार की संवेदनहीनता को उजागर किया। उन्होंने कहा:
“बलूचिस्तान में आज भी माएं अपने बच्चों के शवों के साथ धरने पर बैठी हैं। उनका अंतिम संस्कार तक नहीं किया गया है। दूसरी तरफ कश्मीर (PoK) के लोग बुनियादी हकों के लिए सड़कों पर हैं। खैबर पख्तूनख्वा का हाल पूरी दुनिया के सामने है। लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और फील्ड मार्शल बने बैठे असीम मुनीर को इसकी कोई फिक्र नहीं है।”
पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में आजादी का बिगुल
अल्ताफ हुसैन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
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रावलाकोट में महासैलाब: PoK के रावलाकोट में चल रहे प्रदर्शनों में हाल ही में एक लाख से अधिक लोग सड़कों पर उतरे।
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गुलामी के खिलाफ हल्ला बोल: कश्मीर के स्थानीय नेताओं ने पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। प्रदर्शनकारियों ने खुले मंच से नारा दिया है कि ‘PoK अब पाकिस्तान का गुलाम नहीं रहेगा।’
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सेना की बर्बरता: प्रदर्शनों को दबाने के लिए आसिम मुनीर की सेना द्वारा की गई गोलीबारी में 6 नागरिकों की मौत की भी खबरें हैं, जिसने आग में घी डालने का काम किया है।
भारत की तैयारी और घरेलू मुद्दों से भागते हुक्मरान
अल्ताफ हुसैन ने पाकिस्तान की बदहाल अर्थव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर तंज कसते हुए भारत की बढ़ती सैन्य ताकत का भी हवाला दिया।
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परमाणु पनडुब्बियों का डर: उन्होंने कहा कि एक तरफ भारत ने अपनी परमाणु पनडुब्बियों और हथियारों को तैनात कर रणनीतिक दबाव बढ़ा दिया है, वहीं पाकिस्तान के शासक जमीनी हकीकत से आंखें मूंद चुके हैं।
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विदेशी मामलों की आड़: देश में रिकॉर्ड तोड़ महंगाई और बदहाली है, लेकिन हुक्मरान अमेरिका-ईरान और सऊदी-ईरान के कूटनीतिक खेल में उलझे हुए हैं।
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गंभीर आंतरिक संकट: अल्ताफ हुसैन के अनुसार, सरकार गिलगित-बाल्टिस्तान, पाक-अधिकृत कश्मीर (PoJK), बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा (KPK) में मानवाधिकारों के उल्लंघन और बुनियादी अधिकारों की मांग को सुलझाने में पूरी तरह नाकाम रही है।
कौन हैं अल्ताफ हुसैन?
जो लोग पाकिस्तान की राजनीति से वाकिफ हैं, वे जानते हैं कि अल्ताफ हुसैन का नाम वहां कितना बड़ा और विवादास्पद रहा है।
| विवरण | मुख्य जानकारी |
| नाम | अल्ताफ हुसैन |
| संगठन | मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के संस्थापक |
| राजनैतिक आधार | मुख्य रूप से कराची और सिंध के ‘मुहाजिर’ (विभाजन के बाद भारत से गए उर्दू भाषी मुस्लिम) |
| वर्तमान स्थिति | बीते कई दशकों से लंदन (यूके) में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं |
| प्रभाव | कभी कराची की राजनीति के बेताज बादशाह थे, लेकिन बाद में पाकिस्तानी हुकूमत ने उन्हें ‘गद्दार’ घोषित कर दिया। |
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लंदन में बैठकर भी अल्ताफ हुसैन का यह बयान पाकिस्तान के भीतर चल रहे असंतोष को और हवा दे सकता है, विशेषकर ऐसे समय में जब शहबाज सरकार चारों तरफ से घिरी हुई है।
Author: cg24x7




