रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा उत्कृष्ट कार्य संस्कृति और स्वस्थ संसदीय परंपरा का जीवंत उदाहरण: राज्यपाल श्री रमेन डेका

  • नवनिर्मित प्रेक्षागृह का हुआ भव्य लोकार्पण, भजन सम्राट अनूप जलोटा की प्रस्तुति ने बांधा समां

  • धरमलाल कौशिक और राघवेंद्र कुमार सिंह बने साल के ‘उत्कृष्ट विधायक’

  • सीएम साय बोले- “छत्तीसगढ़ विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा, जहां गर्भगृह में आते ही स्वतः निलंबित हो जाते हैं विधायक”

रायपुर, 15 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा के इतिहास में आज का दिन एक और स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। विधानसभा परिसर में नवनिर्मित अत्याधुनिक प्रेक्षागृह (ऑडिटोरियम) का लोकार्पण आज राज्यपाल श्री रमेन डेका के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। अवसर था छत्तीसगढ़ विधानसभा के ‘उत्कृष्टता अलंकरण समारोह’ का, जहाँ संसदीय गरिमा को बनाए रखने वाले विधायकों और निष्पक्ष पत्रकारिता करने वाले मीडियाकर्मियों को सम्मानित किया गया।

इस गरिमामयी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश के विकास और जनहित के संकल्पों को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ विधानसभा एक सशक्त मंच है। वहीं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि हमारी विधानसभा ने देश के सामने उत्कृष्ट संसदीय परंपराएं स्थापित की हैं।

लोकतंत्र का मंदिर है विधानसभा: राज्यपाल श्री रमेन डेका

लोकार्पण के बाद सदन और नवनिर्मित प्रेक्षागृह की सराहना करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा:

“छत्तीसगढ़ विधानसभा लोकसेवा का वह पावन केंद्र है जहां जनसेवक जनता के कल्याण के लिए अनुष्ठान करते हैं। लोकतंत्र में सदन को मंदिर माना गया है, और इस मंदिर की मर्यादा यहाँ के सदस्यों के आचरण, विचार और व्यवहार पर टिकी होती है।”

राज्यपाल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच दिखने वाले आपसी तालमेल, सामंजस्य और सम्मान के भाव की सराहना की और इसे पूरे देश के लिए अनुकरणीय बताया। उन्होंने सभी विधायकों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और स्वच्छता अभियान जैसी जनभागीदारी की गतिविधियों से जुड़ने की अपील की।

राष्ट्रीय पटल पर विशिष्ट पहचान: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ विधानसभा की एक अनोखी नियमावली का जिक्र करते हुए देश में इसकी विशिष्ट पहचान को रेखांकित किया।

  • कड़ा और अनूठा नियम: छत्तीसगढ़ देश की पहली और एकमात्र ऐसी विधानसभा है, जहाँ यदि कोई विधायक गर्भगृह (House Well) में प्रवेश करता है, तो वह स्वतः ही सदन से निलंबित हो जाता है। सीएम साय ने कहा कि यह नियम केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि आत्मानुशासन और संसदीय मर्यादा का उत्कृष्ट उदाहरण है।

  • नवीन भवन और प्रेक्षागृह: मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 1 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण किया था, और आज प्रेक्षागृह के जुड़ने से इसकी संस्थागत क्षमता और सुदृढ़ हो गई है।

उत्कृष्टता अलंकरण समारोह 2026: इन्हें मिला सम्मान

समारोह में संसदीय मूल्यों और उत्कृष्ट जन-प्रतिनिधित्व को बढ़ावा देने के लिए साल के सर्वश्रेष्ठ विधायकों और संसदीय पत्रकारों को राज्यपाल एवं अतिथियों द्वारा अलंकृत किया गया:

1. उत्कृष्ट विधायक सम्मान

  • श्री धरमलाल कौशिक (बिल्हा विधायक): उनके समृद्ध सार्वजनिक जीवन, विधानसभा अध्यक्ष के रूप में पूर्व में किए गए कार्यों और संसदीय मर्यादाओं को समृद्ध करने के योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

  • श्री राघवेंद्र कुमार सिंह (अकलतरा विधायक): पहली बार विधायक चुने जाने के बावजूद सदन में बेहद अध्ययनशील, तथ्यपूर्ण और प्रभावी ढंग से जनता की बात रखने के लिए उन्हें उत्कृष्ट विधायक चुना गया।

2. उत्कृष्ट पत्रकारिता सम्मान

  • प्रिंट मीडिया: दैनिक पत्रिका के संवाददाता श्री संतराम साहू को उत्कृष्ट संसदीय पत्रकार अलंकरण दिया गया।

  • इलेक्ट्रॉनिक मीडिया: आईबीसी-24 (IBC24) के संवाददाता श्री सौरभ सिंह परिहार और डॉ. राजेश राज को उत्कृष्ट इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रिपोर्टर के अलंकरण से नवाजा गया।

राजनीतिक मतभेदों के बीच प्रदेशहित सर्वोपरि: डॉ. रमन सिंह

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने षष्ठम (6वीं) विधानसभा के इस सफर को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा:

“हमारी सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि सत्तापक्ष और प्रतिपक्ष के बीच राजनीतिक मतभेद चाहे जो भी हों, लेकिन जब बात छत्तीसगढ़ की प्रगति और जनहित की आती है, तो सभी दल बेहद सार्थक और सकारात्मक चर्चा करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि उत्कृष्टता अलंकरण केवल पुरस्कार नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक संस्थाओं को और अधिक जिम्मेदार और जन-उन्मुख बनाने की प्रेरणा है।

अनूप जलोटा के भजनों से भक्तिमय हुआ माहौल

समारोह के सांस्कृतिक सत्र में भारत के सुप्रसिद्ध भजन गायक श्री अनूप जलोटा ने अपनी सुरीली आवाज में जादुई समां बांध दिया। उन्होंने एक के बाद एक अपने लोकप्रिय और कालजयी भजनों की मनोहारी प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा प्रेक्षागृह आध्यात्मिक और भक्ति रस से सराबोर हो उठा।

इस ऐतिहासिक और गरिमामयी समारोह में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप, नेता प्रतिपक्ष श्री चरणदास महंत, विधानसभा के सचिव श्री दिनेश शर्मा सहित भारी संख्या में विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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Author: cg24x7

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