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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रिमंडल का जताया आभार
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सेमिकॉन 2.0, राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 और मोबाइल फोन विनिर्माण प्रोत्साहन योजना को मंजूरी का स्वागत
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सीएम साय बोले- “निवेश, रोजगार और तकनीकी आत्मनिर्भरता से समृद्ध होगा छत्तीसगढ़ का भविष्य”
रायपुर, 16 जुलाई 2026। केंद्र की ‘डबल इंजन’ सरकार के ऐतिहासिक फैसलों से छत्तीसगढ़ में औद्योगिक क्रांति और कृषि विकास को एक नया और मजबूत आधार मिलने जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा हाल ही में देशहित में तीन बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई है। इनमें सेमिकॉन 2.0 (Semicon 2.0), राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 (NIPU-2026) और मोबाइल फोन विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (MPMS) शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इन तीनों महत्वपूर्ण योजनाओं की स्वीकृति का पुरजोर स्वागत किया है। उन्होंने इसे ‘विकसित भारत’ के साथ-साथ ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है।
सेमिकॉन 2.0: छत्तीसगढ़ बनेगा हाई-टेक उद्योगों का नया गंतव्य
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत की गई ₹1,27,500 करोड़ की सेमिकॉन 2.0 योजना देश में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (Manufacturing) के लिए एक विश्वस्तरीय इकोसिस्टम तैयार करेगी। इससे भारत वैश्विक स्तर पर तकनीकी रूप से मजबूत होगा।
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छत्तीसगढ़ को फायदा: मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ अपनी नई औद्योगिक नीति, मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश-अनुकूल वातावरण के दम पर उच्च तकनीक वाले उद्योगों के लिए तेजी से उभर रहा है।
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रोजगार के नए अवसर: इस राष्ट्रीय पहल का सीधा लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिलेगा, जिससे राज्य में भारी निवेश आएगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए साधन विकसित होंगे।
राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026: किसानों की समृद्धि का नया आधार
कृषि प्रधान राज्य होने के नाते छत्तीसगढ़ के लिए यह नीति बेहद लाभकारी सिद्ध होने वाली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 देश में उर्वरकों की कमी को दूर करेगी।
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लाखों किसानों को लाभ: इस नीति के लागू होने से छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों को सही समय पर और पर्याप्त मात्रा में यूरिया व अन्य आवश्यक उर्वरक उपलब्ध हो सकेंगे।
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कृषि उत्पादन में वृद्धि: खाद की निर्बाध आपूर्ति से कृषि उत्पादन को मजबूती मिलेगी, जिससे किसानों की आय और समृद्धि दोनों में इजाफा होगा। केंद्र और राज्य सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।
मोबाइल फोन विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (MPMS): युवाओं को मिलेगा बड़ा मंच
इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ₹62,500 करोड़ की मोबाइल फोन विनिर्माण प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने इसे वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात का हब बनने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
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नवाचार को बढ़ावा: इस योजना से भारतीय मोबाइल ब्रांडों, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और स्थानीय स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
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उद्यमिता के अवसर: छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के भीतर इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी (Information Technology) और इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (उभरती तकनीकों) के लिए बेहतरीन माहौल तैयार कर रही है। इससे प्रदेश के युवाओं में उद्यमिता (Entrepreneurship) की भावना को बल मिलेगा।
“विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा पूरा”
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने बयान के समापन पर विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए जा रहे यह दूरदर्शी निर्णय आने वाले वर्षों में देश और प्रदेश दोनों की अर्थव्यवस्था का कायाकल्प कर देंगे। नवाचार, निवेश, तकनीकी आत्मनिर्भरता, आधुनिक विनिर्माण और कृषि सशक्तिकरण पर आधारित यह विकास मॉडल छत्तीसगढ़ को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
Author: cg24x7




