रायपुर: छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। बंगाल की खाड़ी में बने एक नए वेदर सिस्टम के कारण प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, खाड़ी में सक्रिय हुए कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के चलते राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले तीन दिनों तक प्रदेश भर में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा, जिसके चलते कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
रायपुर में महज 20 मिनट की बारिश से बदला मौसम, उमस से मिली राहत
गुरुवार की शाम राजधानी रायपुर के निवासियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई। पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को उस वक्त सुकून मिला जब मौसम ने अचानक करवट ली।
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20 मिनट में 23.4 मिमी बारिश: शहर में महज 20 मिनट तक हुई तेज मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को सराबोर कर दिया। मौसम विभाग ने इस दौरान 23.4 मिमी बारिश दर्ज की है।
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गिरा पारा, वातावरण में घुली ठंडक: इस तेज बौछार के बाद रायपुर का अधिकतम तापमान गिरकर सीधे 32 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। ठंडी हवाओं के चलने से पूरे शहर का मौसम सुहाना हो गया है।
बंगाल की खाड़ी में बना ‘लो प्रेशर सिस्टम’, 13 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) का असर अब छत्तीसगढ़ के आसमान पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी सिस्टम की वजह से रायपुर सहित मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ के जिलों में घने बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश हो रही है।
IMD की चेतावनी:
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ के 13 जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग का अनुमान है कि शुक्रवार और उसके बाद भी अगले तीन दिनों तक अच्छी बारिश का यह सिलसिला जारी रहेगा। कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है, इसलिए लोगों को मौसम के अपडेट पर नजर रखने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
पिछले 24 घंटों में कहाँ कितनी हुई बारिश? देखें आंकड़े
छत्तीसगढ़ के उत्तर और मध्य इलाकों में पिछले 24 घंटों के दौरान रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। बलरामपुर और सरगुजा संभाग के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात हैं।
| जिला/क्षेत्र | दर्ज वर्षा (सेंटीमीटर में) |
| शंकरगढ़ | 9 सेमी |
| कुसमी | 9 सेमी |
| चांदो | 8 सेमी |
| पटना | 6 सेमी |
| सामरी | 5 सेमी |
| बलरामपुर | 4 सेमी |
| दौरा कोचली | 4 सेमी |
| बोरई, बिहारपुर, कोटो | 3 सेमी |
| रामानुजनगर, मरवाही, अंबिकापुर | 3 सेमी |
इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य अंदरूनी इलाकों में भी 1 से 2 सेंटीमीटर तक पानी बरसा है।
राहत के बीच चिंता: राज्य में अब भी सामान्य से 31% कम वर्षा
भले ही हालिया बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी हो और नदी-तालाबों का जलस्तर बढ़ाया हो, लेकिन आंकड़ों के लिहाज से छत्तीसगढ़ में मानसून का कोटा अब भी काफी पीछे चल रहा है।
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अब तक हुई कुल बारिश: 261.8 मिमी
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होनी चाहिए थी: 382.2 मिमी
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बारिश का घाटा: राज्य में वर्तमान में सामान्य से 31 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है।
रायपुर की स्थिति संतोषजनक
हालांकि, पूरे प्रदेश के मुकाबले राजधानी रायपुर की स्थिति काफी बेहतर है। रायपुर जिले में अब तक 303.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है, जो जिले के सामान्य औसत के बिल्कुल अनुरूप है। मौसम वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यदि अगले एक सप्ताह तक यह सिस्टम इसी तरह सक्रिय रहा, तो प्रदेश में बारिश की यह कमी काफी हद तक पूरी हो जाएगी।
किसानों के चेहरे खिले, खरीफ फसलों के लिए ‘संजीवनी’
इस झमाझम बारिश ने जहां आम लोगों को राहत पहुंचाई है, वहीं छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं है।
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खेती-किसानी में आई तेजी: खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों की बुवाई और धान की रोपाई के काम ने रफ्तार पकड़ ली है।
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लगातार जारी रहेगा दौर: कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश फसलों के लिए संजीवनी साबित होगी। मौसम विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि आने वाले कुछ दिनों तक बारिश का यह दौर थमने वाला नहीं है, जिससे आने वाले दिनों में खेती को और मजबूती मिलेगी।
Author: cg24x7




