LTCG खत्म करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं: सरकार ने संसद में किया स्पष्ट, शेयर बाजार निवेशकों को नहीं मिलेगी तत्काल राहत

नई दिल्ली, 20 जुलाई 2026। शेयर बाजार में निवेश करने वाले करोड़ों रिटेल निवेशकों के लिए फिलहाल राहत की कोई खबर नहीं है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि इक्विटी निवेश पर लगने वाले लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स (LTCG) को समाप्त करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। यह जानकारी लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक लिखित उत्तर में दी।

सरकार के इस जवाब के बाद यह साफ हो गया है कि शेयर बाजार में निवेश पर लागू मौजूदा LTCG व्यवस्था में तत्काल कोई बदलाव नहीं होने जा रहा है। हालांकि, सरकार ने यह भी कहा कि कर नीतियों की समय-समय पर समीक्षा की जाती है और भविष्य में परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लिए जा सकते हैं।

लोकसभा में सरकार ने दिया स्पष्ट जवाब

लोकसभा में पूछे गए एक प्रश्न में सरकार से जानना चाहा गया था कि क्या रिटेल और घरेलू निवेशकों के लिए LTCG टैक्स समाप्त करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि शेयर बाजार में निवेशकों का विश्वास बढ़े, घरेलू निवेशकों को प्रोत्साहन मिले और विदेशी एवं भारतीय निवेशकों के बीच समान अवसर सुनिश्चित हो सके।

इस पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

समय-समय पर होती है कर नीतियों की समीक्षा

सरकार ने अपने जवाब में यह भी बताया कि कैपिटल गेन्स टैक्स सहित सभी कर नीतियों की नियमित समीक्षा की जाती है। यह प्रक्रिया वार्षिक बजट और कर कानूनों में संशोधन के दौरान आर्थिक परिस्थितियों, राजस्व आवश्यकताओं और व्यापक आर्थिक संकेतकों को ध्यान में रखकर की जाती है।

सरकार का कहना है कि कर व्यवस्था एक गतिशील प्रक्रिया है और इसमें बदलाव आवश्यक परिस्थितियों के अनुसार किए जाते हैं।

LTCG से सरकार की आय में बड़ा इजाफा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, शेयर बाजार में तेजी और निवेश बढ़ने के कारण LTCG टैक्स से सरकार की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

  • आकलन वर्ष 2024-25 (वित्त वर्ष 2023-24) में सरकार को LTCG से 72,249 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
  • आकलन वर्ष 2025-26 (वित्त वर्ष 2024-25) में यह बढ़कर 1,29,158 करोड़ रुपये हो गया।

इन दोनों वर्षों को मिलाकर सरकार को करीब 2.01 लाख करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

वर्तमान में कितना है LTCG टैक्स?

वर्तमान नियमों के अनुसार—

  • सूचीबद्ध (Listed) इक्विटी शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड पर 12.5 प्रतिशत लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स टैक्स लागू है।
  • यह टैक्स एक वित्तीय वर्ष में 1.25 लाख रुपये से अधिक के लाभ पर लगाया जाता है।
  • यदि किसी शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड को 12 महीने से अधिक समय तक रखा जाता है, तो उसे लॉन्ग-टर्म कैपिटल एसेट माना जाता है।

क्या विदेशी निवेशकों को मिलती है छूट?

लोकसभा में यह सवाल भी पूछा गया कि क्या विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) को LTCG टैक्स में कोई विशेष छूट दी गई है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों, घरेलू संस्थागत निवेशकों और रिटेल निवेशकों—सभी पर इक्विटी निवेश से होने वाले लॉन्ग-टर्म लाभ पर 12.5 प्रतिशत की समान कर दर लागू होती है। यानी इस मामले में किसी भी वर्ग को अलग कर लाभ नहीं दिया गया है।

निवेशकों की मांग बनी हुई है

शेयर बाजार से जुड़े विशेषज्ञों और निवेशक संगठनों का मानना है कि LTCG और शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG) टैक्स में राहत देने से घरेलू निवेश को और बढ़ावा मिल सकता है। कई निवेशक लंबे समय से सरकार से LTCG व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग कर रहे हैं।

इसी संदर्भ में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इससे पहले कहा था कि सरकार पूंजीगत लाभ कर (Capital Gains Tax) से जुड़े सुझावों को सुनने और उन पर विचार करने के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने किसी संभावित बदलाव की घोषणा नहीं की थी।

फिलहाल यथावत रहेगी कर व्यवस्था

सरकार के ताजा बयान से स्पष्ट है कि फिलहाल LTCG टैक्स समाप्त करने या इसमें तत्काल बदलाव की कोई योजना नहीं है। ऐसे में शेयर बाजार में निवेश करने वाले निवेशकों को मौजूदा कर व्यवस्था के अनुसार ही निवेश की रणनीति बनानी होगी। यदि भविष्य में बजट या कर सुधारों के दौरान कोई संशोधन किया जाता है, तो सरकार उसकी अलग से घोषणा करेगी।

डिस्क्लेमर: यह समाचार केवल सूचना के उद्देश्य से है। इसमें किसी प्रकार की निवेश सलाह नहीं दी गई है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश का निर्णय लेने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।

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Author: cg24x7

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