छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में बड़ी कार्रवाई, कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल न्यायिक हिरासत में, जांच एजेंसियों पर भूपेश बघेल का हमला

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को अदालत ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। शनिवार को हुई सुनवाई के दौरान उन्हें 5 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर भेजने का आदेश दिया गया। उनकी पेशी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी अदालत परिसर पहुंचे और रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की।

मामले में जांच एजेंसी आर्थिक लेन-देन और कथित अवैध धन के नेटवर्क से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। एजेंसी का आरोप है कि रामगोपाल अग्रवाल की भूमिका कथित शराब घोटाले, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े पैसों के लेन-देन और उन्हें ठिकाने लगाने में रही है।

कोर्ट परिसर पहुंचे भूपेश बघेल, सरकार और जांच एजेंसियों पर साधा निशाना

रामगोपाल अग्रवाल की पेशी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी अदालत पहुंचे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाए। बघेल ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेताओं को चुन-चुनकर कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है और जांच एजेंसियों की कार्रवाई राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। कांग्रेस लगातार आरोप लगाती रही है कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं पर दबाव बनाने के लिए कर रही है।

ईओडब्ल्यू का आरोप- अवैध पैसों के लेन-देन में भूमिका

जांच एजेंसी ईओडब्ल्यू के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल पर शराब घोटाले, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े कथित अवैध पैसों के लेन-देन में भूमिका निभाने का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि मामले में पैसों के प्रवाह और कथित तौर पर रकम को अलग-अलग माध्यमों से ठिकाने लगाने से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की जा रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित अवैध रकम का लेन-देन किन माध्यमों से हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। मामले में आर्थिक लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने के लिए दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है।

3,200 करोड़ रुपये से अधिक के कथित शराब घोटाले की जांच

छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) कर रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले की जांच की जा रही है।

मामले की जांच के दौरान तत्कालीन आबकारी विभाग से जुड़े अधिकारियों, कारोबारियों और अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की गई है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि शराब कारोबार में कथित तौर पर एक संगठित नेटवर्क के माध्यम से कमीशन वसूली की व्यवस्था संचालित की गई।

कथित सिंडिकेट के जरिए कमीशन वसूली का आरोप

ईडी की जांच में दावा किया गया है कि तत्कालीन सरकार के कार्यकाल के दौरान शराब कारोबार से जुड़े एक कथित सिंडिकेट के जरिए कमीशन वसूली का नेटवर्क चलाया गया। एजेंसी के अनुसार, इस कथित नेटवर्क में तत्कालीन आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के तत्कालीन एमडी एपी त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर की भूमिका सामने आई थी।

जांच एजेंसियों का कहना है कि कथित सिंडिकेट के जरिए शराब कारोबार से जुड़े विभिन्न स्तरों पर अवैध वसूली की गई। हालांकि, मामले में आरोपों और जांच के निष्कर्षों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

कांग्रेस ने कार्रवाई पर उठाए सवाल

रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत के बाद कांग्रेस नेताओं ने जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पार्टी नेताओं का आरोप है कि राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

वहीं, जांच एजेंसियों का कहना है कि कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर की जा रही है। मामले में आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान कई अन्य तथ्य सामने आने की संभावना है।

मामले की मुख्य बातें

  • कांग्रेस नेता और प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल न्यायिक हिरासत में भेजे गए।
  • अदालत ने 5 अगस्त तक न्यायिक रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।
  • पेशी के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कांग्रेस के कई नेता कोर्ट पहुंचे।
  • ईओडब्ल्यू का आरोप है कि अग्रवाल की कथित अवैध वित्तीय लेन-देन में भूमिका रही।
  • शराब घोटाले की जांच ईडी और ईओडब्ल्यू कर रहे हैं।
  • जांच एजेंसियों के अनुसार, मामले में 3,200 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले की जांच की जा रही है।
  • कांग्रेस ने जांच एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है।
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Author: cg24x7

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