केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री साय की प्रतिक्रिया, कहा – यह राष्ट्रहित सर्वोपरि रखने का प्रेरक निर्णय

रायपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे राष्ट्रहित, नैतिक मूल्यों और सार्वजनिक उत्तरदायित्व के प्रति प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण बताया है। मुख्यमंत्री साय ने धर्मेंद्र प्रधान के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में पद से अधिक महत्वपूर्ण राष्ट्रहित और नैतिक सिद्धांत होते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सार्वजनिक जीवन में जिन-जिन दायित्वों का निर्वहन किया, उन्हें निष्ठा, ईमानदारी और पूर्ण समर्पण के साथ निभाया। उनकी कार्यशैली, संगठनात्मक क्षमता और राष्ट्रहित के प्रति प्रतिबद्धता ने उन्हें जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत बनाया है।

राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का निर्णय

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का निर्णय सार्वजनिक जीवन में नैतिक मूल्यों और उत्तरदायित्व की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए लिया गया कोई भी निर्णय सार्वजनिक जीवन के लिए प्रेरणादायी होता है।

सीएम साय के अनुसार, धर्मेंद्र प्रधान ने अपने राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन में संगठन तथा सरकार से जुड़े विभिन्न दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया है। उनके कार्यों में राष्ट्रसेवा की भावना और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से दिखाई देती रही है।

शिक्षा क्षेत्र में धर्मेंद्र प्रधान के योगदान को सराहा

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के रूप में धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते वर्षों के दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलावों को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।

विशेष रूप से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था में सुधार, तकनीकी शिक्षा और उच्च शिक्षा के विस्तार तथा विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के सृजन में उनके योगदान को मुख्यमंत्री ने उल्लेखनीय बताया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को तैयार करना देश के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिशा में नई शिक्षा नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को अधिक व्यापक और अवसरपरक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में कई महत्वपूर्ण प्रयास किए गए।

उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के विस्तार पर जोर

धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल के दौरान उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा के विस्तार को लेकर भी कई पहल की गईं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में किए गए प्रयासों का व्यापक प्रभाव पड़ा है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है। ऐसे में शिक्षा क्षेत्र में नीतिगत सुधार और संस्थागत विस्तार देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

त्यागपत्र को बताया नैतिकता और मर्यादा का उदाहरण

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि अपने पद से त्यागपत्र देकर धर्मेंद्र प्रधान ने सार्वजनिक जीवन में मर्यादा, नैतिकता और सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय दिया है। उन्होंने इस निर्णय को उत्तरदायित्वपूर्ण सार्वजनिक जीवन का प्रेरक उदाहरण बताया।

सीएम साय ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में पद और दायित्व के साथ जवाबदेही भी जुड़ी होती है। ऐसे में नैतिक मूल्यों को प्राथमिकता देते हुए लिया गया निर्णय लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करता है।

CM साय ने धर्मेंद्र प्रधान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने धर्मेंद्र प्रधान के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विश्वास जताया कि राष्ट्रसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आगे भी जारी रहेगी और उनके अनुभव तथा प्रयास देश के विकास और जनकल्याण में योगदान देते रहेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का सार्वजनिक जीवन और संगठनात्मक अनुभव आने वाले समय में भी राष्ट्रसेवा के लिए उपयोगी साबित होगा।

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Author: cg24x7

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