छत्तीसगढ़ में मौसम का बदला मिजाज: बंगाल की खाड़ी में बने कम दाब का असर, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट; भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के मजबूत होकर अवदाब (Depression) में बदलने के कारण प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के अनेक जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा का दौर जारी रहेगा। राजधानी रायपुर सहित कई जिलों में पूरे दिन बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने तथा बिजली गिरने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से बढ़ी मानसूनी गतिविधियां

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में विकसित मौसम प्रणाली अब मजबूत होकर अवदाब का रूप ले चुकी है। इसके साथ ही समुद्र तल पर सक्रिय मानसून द्रोणिका (Monsoon Trough) पश्चिमी राजस्थान, उरई, सीधी, रांची होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से छत्तीसगढ़ में व्यापक वर्षा की स्थिति बन रही है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन परिस्थितियों के कारण प्रदेश में नमी की मात्रा बढ़ गई है, जिससे अगले कुछ दिनों तक अधिकांश क्षेत्रों में वर्षा की गतिविधियां बनी रह सकती हैं।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट, तेज हवाओं और वज्रपात की चेतावनी

मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना जताई है। जिन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है, उनमें—

  • रायपुर
  • दुर्ग
  • बेमेतरा
  • बलौदाबाजार
  • महासमुंद
  • गरियाबंद
  • धमतरी
  • बालोद
  • राजनांदगांव
  • जांजगीर-चांपा
  • रायगढ़
  • बिलासपुर
  • कोरबा
  • मुंगेली
  • कबीरधाम
  • जशपुर
  • गौरेला-पेंड्रा-मरवाही
  • सरगुजा
  • सूरजपुर
  • कोरिया
  • बलरामपुर
  • सुकमा
  • बीजापुर
  • दंतेवाड़ा
  • बस्तर
  • कोंडागांव
  • नारायणपुर
  • कांकेर

सहित प्रदेश के अधिकांश जिले शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना व्यक्त की गई है।

किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि यह वर्षा खरीफ फसलों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। धान की रोपाई वाले क्षेत्रों में पर्याप्त नमी मिलने से खेती को फायदा होगा। हालांकि लगातार तेज बारिश वाले इलाकों में जलभराव और फसलों को नुकसान की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।

रायपुर में दिनभर छाए रहेंगे बादल

राजधानी रायपुर के लिए जारी स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार शहर में पूरे दिन आकाश सामान्यतः मेघमय रहेगा। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार रायपुर का—

  • अधिकतम तापमान: लगभग 29 डिग्री सेल्सियस
  • न्यूनतम तापमान: लगभग 25 डिग्री सेल्सियस

रहने का अनुमान है।

लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह

लगातार बदलते मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि—

  • आकाशीय बिजली के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
  • तेज बारिश के समय जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
  • खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा न करें।
  • मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है बारिश

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। यदि यह प्रणाली और अधिक मजबूत होती है या उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ती है, तो प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर भारी वर्षा का दौर देखने को मिल सकता है। ऐसे में प्रशासन और मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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Author: cg24x7

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