रायपुर। राजधानी रायपुर के पॉश इलाके मोवा स्थित अशोका आइकन अपार्टमेंट में हुई करोड़ों रुपये की हाई-प्रोफाइल चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। घर की अलमारी से 51 लाख रुपये नकद और करीब 70 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात चोरी होने के मामले में पुलिस ने घर में काम करने वाले रसोइए महेंद्र कुमार यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी वारदात की साजिश रची थी। जांच के दौरान चोरी की गई नकदी और जेवरात भी बरामद कर लिए गए हैं, जबकि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
यह मामला पंडरी थाना क्षेत्र का है और राजधानी में घरेलू कर्मचारियों की पृष्ठभूमि सत्यापन तथा आवासीय परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर रहा है।
परिवार के बाहर जाते ही रची गई चोरी की साजिश
पुलिस जांच के अनुसार घटना उस समय हुई, जब मकान मालिक का परिवार किसी आवश्यक कार्य से नवा रायपुर गया हुआ था। घर की गतिविधियों और परिवार की दिनचर्या से पूरी तरह परिचित रसोइए महेंद्र कुमार यादव ने इसी मौके का फायदा उठाया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ने पहले से योजना बनाकर अपने साथियों के साथ चोरी की वारदात को अंजाम दिया। परिवार की अनुपस्थिति का लाभ उठाते हुए आरोपियों ने घर में रखी अलमारी को निशाना बनाया।
अलमारी का लॉक तोड़कर उड़ाए लाखों रुपये और कीमती जेवर
आरोपियों ने घर की अलमारी का लॉक तोड़कर उसमें रखे 51 लाख रुपये नकद और लगभग 70 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। कुल मिलाकर चोरी गई संपत्ति का मूल्य करीब 1.21 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जांच शुरू की गई।
संदेह घर के कर्मचारी पर गया
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घर में काम करने वाले कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की। जांच के दौरान घर के रसोइए महेंद्र कुमार यादव की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं।
पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की। पूछताछ में मिले तथ्यों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी के कब्जे से नकदी और जेवर बरामद
पुलिस के अनुसार आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई नकदी और सोने-चांदी के जेवरात बरामद कर लिए गए हैं। बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी में शामिल अन्य सहयोगियों की क्या भूमिका थी और क्या किसी संगठित गिरोह का भी इस वारदात से संबंध है।
जांच एजेंसियां आरोपी के मोबाइल फोन, संपर्कों और आर्थिक लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला अकेले व्यक्ति द्वारा अंजाम दी गई चोरी का नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश का प्रतीत होता है। इसलिए फरार सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि चोरी की योजना कब बनाई गई, इसमें कितने लोग शामिल थे और चोरी के बाद संपत्ति को कहां ले जाने की तैयारी थी।
घरेलू कर्मचारियों के सत्यापन पर फिर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर घरेलू सहायकों और कर्मचारियों के पुलिस सत्यापन की आवश्यकता को रेखांकित करती है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि महंगे आवासीय परिसरों में रहने वाले परिवारों को घरेलू कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले पुलिस वेरिफिकेशन कराना चाहिए और घर में सीसीटीवी, डिजिटल लॉक तथा अन्य सुरक्षा उपायों का उपयोग करना चाहिए।
पुलिस कर रही पूरे नेटवर्क की जांच
पंडरी थाना पुलिस अब इस मामले में आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड, उसके संपर्कों और संभावित गिरोह की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख बिंदु
- मोवा स्थित अशोका आइकन अपार्टमेंट में दिनदहाड़े बड़ी चोरी।
- अलमारी से 51 लाख रुपये नकद और करीब 70 लाख रुपये के जेवरात चोरी।
- घर में काम करने वाला रसोइया महेंद्र कुमार यादव गिरफ्तार।
- पुलिस ने चोरी की नकदी और आभूषण बरामद करने का दावा किया।
- पंडरी थाना पुलिस अन्य आरोपियों और पूरे नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
- मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई पुलिस विवेचना के आधार पर की जाएगी।
Author: cg24x7




