छत्तीसगढ़ में जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों की नीट-2026 में शानदार सफलता, कलेक्टर से की सौजन्य भेंट
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के जनजातीय अंचलों में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव का जीवंत उदाहरण सामने आया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार द्वारा जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी और उज्ज्वल भविष्य के अवसर प्रदान करने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों के सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहे हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डोंगरिया एवं लाटा के 10 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने आज कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. से सौजन्य भेंट की।

कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने इन विद्यार्थियों को उनकी उल्लेखनीय सफलता पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी को स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कलेक्टर ने विद्यार्थियों के साथ आत्मीय संवाद करते हुए उनकी शैक्षणिक यात्रा, भविष्य की योजनाओं और विशेष रूप से चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। कलेक्टर ने विद्यार्थियों से अपेक्षा जताई कि वे चिकित्सा शिक्षा पूरी करने के बाद उत्कृष्ट चिकित्सक बनकर जिले और प्रदेश की जनता की सेवा करें। साथ ही अपनी सफलता से अन्य विद्यार्थियों को भी बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए प्रेरित करें।
शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ व्यक्तिगत सफलता नहीं, समाज सेवा भी है
कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक बेहतर सेवाएं पहुंचाना और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना भी है। उन्होंने सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को एक सफल चिकित्सक की सबसे बड़ी पहचान बताया। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को रायपुर में मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से हुई उनकी प्रेरणादायी मुलाकात के अनुभव भी साझा किए। मुख्यमंत्री द्वारा उत्साहवर्धन करते हुए बड़े सपने देखने, कठिन परिश्रम करने एवं समाज के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संदेश विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होगा।
प्रतिभाशाली विद्यार्थी, जनजातीय क्षेत्र की उम्मीद
नीट-2026 में सफल इन 10 विद्यार्थियों में 8 बालिकाएं और 2 बालक शामिल हैं, जो जनजातीय क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव का सशक्त उदाहरण हैं। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय लाटा से मोहनीश कुमार, शालिनी पैकरा, गायत्री ओट्टी, निमेंद्र कुमार एवं दुच्छा पैकरा तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डोंगरिया से हेमनंदनी पैकरा, राजनंदनी पोर्ते, आश्मा, रश्मि उरेती एवं शालू पोर्ते ने अपनी मेहनत और लगन से यह उपलब्धि हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
सरकार के प्रयास विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य दे रहे हैं
इस सफलता से स्पष्ट होता है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जनजातीय अंचलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपलब्ध कराए गए संसाधन विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं। यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और शिक्षा के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगी।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री गोपेश मनहर, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय डोंगरिया के प्राचार्य श्री राजीव कुमार पांडे, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय लाटा के प्राचार्य श्री अमित कुमार सहित संबंधित अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित थे।
Author: cg24x7



