BSP लोहा चोरी मामला: बीजेपी नेता गिरफ्तार, विधायक रिकेश सेन का बड़ा आरोप—‘फैक्ट्री मालिक को बचाने के लिए अधिकारी ने ली 25 करोड़ की रिश्वत’

दुर्ग/भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) में करोड़ों रुपये के लोहा और स्क्रैप चोरी मामले में पुलिस की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। इस बहुचर्चित मामले में पुलिस ने भाजपा के वैशाली नगर मंडल के पूर्व कोषाध्यक्ष और कारोबारी भास्कर मुदलियार को गिरफ्तार किया है। उनकी गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है।

इधर, वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने इस पूरे मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि चोरी का लोहा खरीदने वाले एक फैक्ट्री संचालक को बचाने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी ने कथित तौर पर 25 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। हालांकि विधायक ने स्वयं स्वीकार किया है कि फिलहाल उनके पास इस आरोप के समर्थन में ठोस साक्ष्य नहीं हैं और उन्होंने यह दावा सूत्रों के हवाले से किया है।

क्या है पूरा मामला?

भिलाई स्टील प्लांट से पिछले चार से पांच महीनों से बड़ी मात्रा में लोहा और स्क्रैप चोरी किए जाने की शिकायतें सामने आ रही थीं। जांच में पता चला कि संगठित गिरोह कथित तौर पर फ्ल्यू डस्ट (भट्ठी की धूल) की खेप के भीतर लोहे की प्लेटें, बीम, कटिंग सामग्री और अन्य स्क्रैप छिपाकर संयंत्र से बाहर निकाल रहा था।

पुलिस ने 26 मई को गुप्त सूचना के आधार पर भिलाई के हथखोज क्षेत्र स्थित एके ट्रेडर्स परिसर में छापेमारी की। यहां से भारी मात्रा में चोरी का लोहा और स्क्रैप बरामद किया गया।

250 टन लोहा और भारी मशीनें जब्त

पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान करीब 250 टन लोहे की प्लेटें, बीम की कटिंग, स्क्रैप और अन्य लौह सामग्री बरामद की गई। इसके अलावा चोरी के माल की ढुलाई में इस्तेमाल किए जा रहे ट्रक, जेसीबी मशीन, हाइड्रा क्रेन और अन्य उपकरण भी जब्त किए गए।

जांच एजेंसियों ने जब्त किए गए सामान और मशीनरी की कुल कीमत लगभग 3.22 करोड़ रुपये आंकी है, जिसमें करीब 90 लाख रुपये मूल्य का लोहा स्क्रैप शामिल है।

भाजपा नेता भास्कर मुदलियार गिरफ्तार

भिलाई नगर के नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) सत्यप्रकाश तिवारी ने रविवार को बताया कि वैशाली नगर निवासी कारोबारी भास्कर मुदलियार को शनिवार को गिरफ्तार किया गया। जांच में उनके संबंध उन वाहनों से पाए गए, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर चोरी किए गए लोहा स्क्रैप की ढुलाई में किया जा रहा था।

सीएसपी के अनुसार पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गई। पुलिस का कहना है कि यह मामला भिलाई स्टील प्लांट के भीतर और बाहर सक्रिय एक संगठित गिरोह से जुड़ा हुआ है, जिसकी विस्तृत जांच जारी है।

गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने किया निष्कासित

भास्कर मुदलियार की गिरफ्तारी के बाद भाजपा ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया।

भाजपा प्रवक्ता विजय सिंह ने बताया कि मुदलियार वैशाली नगर मंडल इकाई में कोषाध्यक्ष के पद पर थे। पार्टी ने स्पष्ट किया कि कानून अपना काम करेगा और संगठन भ्रष्टाचार या आपराधिक गतिविधियों से जुड़े किसी भी व्यक्ति को संरक्षण नहीं देगा।

विधायक रिकेश सेन लगातार उठा रहे थे मामला

भिलाई स्टील प्लांट में कथित लोहा चोरी का मुद्दा वैशाली नगर से भाजपा विधायक रिकेश सेन पिछले कई महीनों से लगातार उठाते रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग करते हुए संबंधित एजेंसियों को पत्र भी लिखा है।

विधायक का आरोप है कि इस पूरे मामले में कई महत्वपूर्ण साक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि चोरी में इस्तेमाल किए गए कुछ वाहनों को रातोंरात काटकर खत्म कर दिया गया ताकि सबूत मिटाए जा सकें।

‘10 हजार करोड़ की लूट के असली आरोपी अब भी बाहर’

रिकेश सेन का दावा है कि अब तक हुई गिरफ्तारियां केवल शुरुआती कार्रवाई हैं और इस पूरे मामले में कथित तौर पर करीब 10 हजार करोड़ रुपये मूल्य के लोहे की लूट हुई है। उनके अनुसार इस बड़े नेटवर्क के मुख्य जिम्मेदार लोग अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर हैं।

हालांकि पुलिस ने अब तक बरामदगी और जांच के आधार पर ही कार्रवाई की है तथा इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

‘फैक्ट्री मालिक को बचाने के लिए 25 करोड़ की रिश्वत’ का आरोप

रिकेश सेन ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से आरोप लगाया कि भिलाई स्टील प्लांट से चोरी किया गया लोहा रसमड़ा स्थित एक फैक्ट्री से बरामद हुआ था, लेकिन कथित तौर पर उस फैक्ट्री संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

उन्होंने दावा किया कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने फैक्ट्री मालिक को बचाने के लिए 25 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि मामले से जुड़े सीसीटीवी फुटेज तीन बार डिलीट किए गए तथा कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी हटाए गए।

हालांकि इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई दस्तावेज या प्रत्यक्ष साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया है और न ही पुलिस अथवा किसी जांच एजेंसी ने इन आरोपों की पुष्टि की है।

‘फिलहाल मेरे पास सबूत नहीं हैं’

रिकेश सेन ने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि फिलहाल उनके पास इन आरोपों के समर्थन में ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में पर्याप्त सबूत सामने आते हैं तो छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार किसी वरिष्ठ अधिकारी की गिरफ्तारी हो सकती है।

जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और पूरे नेटवर्क की भूमिका खंगाली जा रही है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे भी कार्रवाई और नई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भिलाई स्टील प्लांट जैसे रणनीतिक औद्योगिक प्रतिष्ठान से इतने बड़े पैमाने पर कथित लोहा चोरी का मामला सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी तंत्र और आंतरिक नियंत्रण प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की रिपोर्ट से इस पूरे मामले के कई और पहलुओं का खुलासा होने की संभावना है।

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Author: cg24x7

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