मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल से मुख्यधारा में लौट रहे पूर्व नक्सली, बीजापुर में पुनर्वास के लिए बड़ी स्वीकृति
रायपुर, 4 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने और आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास को गति देते हुए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 के तहत बीजापुर जिले के 95 आत्मसमर्पित नक्सलियों को 1 करोड़ 40 लाख 86 हजार 700 रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।
राज्य सरकार का मानना है कि आर्थिक सहायता और पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था के माध्यम से आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सलियों को सम्मानजनक जीवन और आजीविका उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे न केवल हिंसा का दायरा घटेगा, बल्कि बस्तर क्षेत्र में विकास और स्थायी शांति को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री की संवेदनशील पहल का असर
सरकारी जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल तथा वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री एवं बीजापुर जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप के निर्देशों के अनुरूप यह कार्रवाई की गई है। सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है जिससे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
सरकार का कहना है कि पुनर्वास नीति केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मसमर्पण करने वालों को समाज में सम्मानजनक पुनर्स्थापना और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने का माध्यम भी है।
बीजापुर कलेक्टर ने दी राशि वितरण की स्वीकृति
बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप ने पुनर्वास नीति-2025 के प्रावधानों के तहत शस्त्रों के साथ आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करने के लिए राशि के आहरण और वितरण की प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है।
नीति के अनुसार पात्र आत्मसमर्पित नक्सलियों को उनके आत्मसमर्पण और हथियार जमा कराने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
मुख्यधारा से जोड़ने का है उद्देश्य
राज्य सरकार का कहना है कि इस प्रोत्साहन राशि का उद्देश्य आत्मसमर्पित नक्सलियों को नया जीवन शुरू करने के लिए आर्थिक आधार उपलब्ध कराना है। इसके माध्यम से उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और सम्मानजनक आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज का सक्रिय हिस्सा बन सकें।
सरकार का मानना है कि पुनर्वास की प्रभावी व्यवस्था से नक्सल संगठन भी कमजोर होंगे और युवाओं का विश्वास लोकतांत्रिक व्यवस्था तथा विकास योजनाओं में बढ़ेगा।
बस्तर में शांति और विकास को मिलेगी मजबूती
छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सलवादी आत्मसमर्पण, पीड़ित राहत एवं पुनर्वास नीति-2025 को बस्तर संभाग में शांति स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार लगातार सुरक्षा अभियानों के साथ-साथ विकास और पुनर्वास को भी समान प्राथमिकता दे रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कई अवसरों पर स्पष्ट किया है कि सरकार की प्राथमिकता नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से जोड़ना है। पुनर्वास नीति इसी व्यापक रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को समय पर आर्थिक सहायता, रोजगार और सामाजिक स्वीकार्यता मिलती रही तो बस्तर में स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी।
Author: cg24x7



