महानदी के पावन तट पर पहली बार हुई भव्य गंगा आरती, सावन के हर सोमवार होगा आयोजन; रुद्रेश्वर धाम बनेगा प्रदेश का प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र
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एस.आर.पाराशर, उप संचालक जनसंपर्क का विशेष आलेख
छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला अब केवल प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक महत्व के लिए ही नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाने की ओर अग्रसर है। महानदी के पावन तट पर स्थित रुद्री के प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में सावन माह के प्रथम सोमवार को पहली बार आयोजित भव्य महानदी गंगा आरती ने धमतरी को नई आध्यात्मिक पहचान दी है। वहीं राज्य सरकार द्वारा लगभग 20 करोड़ रुपये की समग्र विकास परियोजना के माध्यम से रुद्रेश्वर धाम को आधुनिक सुविधाओं से युक्त धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है।
यह पहल केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि आस्था, संस्कृति, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला व्यापक विकास अभियान माना जा रहा है।https://cg24x7.in/wp-content/uploads/2026/08/dhamtari-event-300×200.jpeg
बनारस की तर्ज पर पहली बार हुई महानदी गंगा आरती
सावन के प्रथम सोमवार, 3 अगस्त को चित्रोत्पला महानदी के तट पर पहली बार बनारस की तर्ज पर भव्य महानदी गंगा आरती का आयोजन किया गया। धमतरी युवा ब्रिगेड एवं श्री रुद्रेश्वर महादेव परिवार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद, घंटियों की गूंज और 108 दीपों से सुसज्जित महाआरती ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। दीपों की सुनहरी आभा जब महानदी की शांत लहरों पर झिलमिलाई तो उपस्थित श्रद्धालुओं को काशी के प्रसिद्ध घाटों जैसा आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हुआ।
आयोजकों ने घोषणा की कि अब सावन माह के प्रत्येक सोमवार को रुद्रेश्वर घाट पर नियमित रूप से महानदी गंगा आरती आयोजित की जाएगी।
भक्ति और संस्कृति का अनूठा संगम
रुद्रेश्वर घाट को आकर्षक विद्युत सज्जा, दीपों की श्रृंखलाओं और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। संध्या होते ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ घाट पर उमड़ पड़ी। “हर-हर महादेव” और “जय मां महानदी” के जयघोषों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
महाआरती से पहले विद्याकुंज स्कूल के विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम, भगवान शिव और भगवान जगन्नाथ की स्तुति में मधुर भजनों की प्रस्तुति दी, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
इसके बाद रुद्रेश्वर महादेव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई और वैदिक परंपरा के अनुसार महानदी की गंगा आरती कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और जनकल्याण की मंगलकामना की गई। आरती के पश्चात श्रद्धालुओं पर पवित्र जल का छिड़काव किया गया तथा महाप्रसाद वितरित किया गया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने बताया ऐतिहासिक आयोजन
इस अवसर पर धमतरी विधायक ओंकार साहू, महापौर जगदीश रामू रोहरा, कलेक्टर अभिनाश मिश्रा, पूर्व विधायक रंजना साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सभी ने इस आयोजन को धमतरी की सांस्कृतिक विरासत और जनआस्था का ऐतिहासिक पर्व बताते हुए महानदी की अविरल धारा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सद्भाव की कामना की।
20 करोड़ की परियोजना से बदलेगी रुद्रेश्वर धाम की तस्वीर
महानदी गंगा आरती के साथ ही रुद्रेश्वर धाम के समग्र विकास की महत्वाकांक्षी योजना भी चर्चा का केंद्र बनी हुई है। संस्कृति एवं पर्यटन विभाग द्वारा लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई इस परियोजना का उद्देश्य रुद्रेश्वर धाम को राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।
तीन चरणों में प्रस्तावित इस परियोजना के तहत पारंपरिक भारतीय मंदिर स्थापत्य शैली को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जाएगा।
श्रद्धालुओं को मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
परियोजना के अंतर्गत मंदिर परिसर में मुख्य प्रवेश द्वार, भव्य शिखर, दीप स्तंभ, नंदी प्रतिमा, तोरण द्वार और आकर्षक सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चौड़े पैदल मार्ग, विश्राम स्थल, प्रसाद एवं स्मृति केंद्र, फूड कोर्ट, डिजिटल सूचना प्रणाली, स्वास्थ्य केंद्र, एआई आधारित हेल्थ चेकअप कियोस्क, स्वच्छ शौचालय, दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं, सुरक्षित घाट, रेलिंगयुक्त विसर्जन कुंड तथा पर्याप्त बैठने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
रिवर फ्रंट और मेरीन ड्राइव जैसी आधुनिक अवधारणाएं
परियोजना में उद्यान, सांस्कृतिक मंडप, रिवर फ्रंट कॉटेज, ओपन एयर स्टेज और भविष्य में मेरीन ड्राइव जैसी आधुनिक अवधारणाओं को भी शामिल किया गया है। इन सुविधाओं के विकसित होने से रुद्रेश्वर धाम धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक आयोजनों का भी प्रमुख केंद्र बन सकेगा।
पर्यावरण संरक्षण को मिलेगी प्राथमिकता
समग्र विकास योजना में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। इसके तहत सौर ऊर्जा आधारित पार्किंग, ईवी चार्जिंग स्टेशन, वर्षा जल संचयन, हरित क्षेत्र का विस्तार और वैज्ञानिक अपशिष्ट प्रबंधन जैसी पर्यावरण-अनुकूल व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
इससे धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सतत विकास (Sustainable Development) के लक्ष्य को भी मजबूती मिलेगी।
धमतरी के विकास की नई इबारत
विशेषज्ञों का मानना है कि महानदी गंगा आरती की शुरुआत और रुद्रेश्वर धाम के समग्र विकास की परियोजना मिलकर धमतरी को राष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिला सकती है।
यह पहल केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय रोजगार, पर्यटन उद्योग, सांस्कृतिक संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जनसहभागिता को एक साथ जोड़ने वाला व्यापक विकास मॉडल साबित हो सकती है। आने वाले वर्षों में रुद्रेश्वर धाम श्रद्धा, संस्कृति और सतत विकास का ऐसा केंद्र बनने की ओर अग्रसर है, जो धमतरी को नई प्रतिष्ठा और नई पहचान प्रदान करेगा।
मुख्य बिंदु (Highlights)
- धमतरी के रुद्रेश्वर घाट पर पहली बार बनारस की तर्ज पर हुई भव्य महानदी गंगा आरती।
- सावन के प्रत्येक सोमवार को नियमित रूप से आयोजित होगी महानदी गंगा आरती।
- 108 दीपों, वैदिक मंत्रोच्चार और शंखनाद से भक्तिमय हुआ महानदी तट।
- रुद्रेश्वर धाम के समग्र विकास के लिए लगभग 20 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार।
- मंदिर परिसर में आधुनिक सुविधाओं, रिवर फ्रंट, सांस्कृतिक मंडप और पर्यावरण-अनुकूल अधोसंरचना का होगा विकास।
- धार्मिक पर्यटन, स्थानीय रोजगार और सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा नया आयाम।
- रुद्रेश्वर धाम को राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी।
Author: cg24x7



