प्रदेश के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर लगाया तबादला उद्योग चलाने का आरोप, बोले- जहां भूपेश बघेल जाते हैं, वहीं हो रहा विवाद, अपने आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है पार्टी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने राज्य में विकास कार्यों, अधिकारियों की जवाबदेही, तबादला नीति और कांग्रेस की राजनीति को लेकर बुधवार को कई अहम बयान दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नगरीय निकायों में विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है और 40 नगरीय निकायों के लिए विकास मद की राशि जारी कर दी गई है। वहीं, जिन परियोजनाओं में कार्यों में देरी हो रही है, उनकी विभागीय स्तर पर समीक्षा की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

उपमुख्यमंत्री ने इस दौरान कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विरोध और ‘गो बैक’ के नारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल जहां-जहां जा रहे हैं, वहां-वहां कांग्रेस के भीतर विवाद सामने आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज अपने आंतरिक मतभेदों से जूझ रही है।

40 नगरीय निकायों में विकास कार्यों के लिए राशि जारी

अरुण साव ने कहा कि प्रदेश सरकार शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में 40 नगरीय निकायों को विभिन्न विकास कार्यों के लिए राशि उपलब्ध करा दी गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल राशि जारी करना नहीं, बल्कि समयबद्ध तरीके से विकास कार्यों को पूरा कराना भी है। जिन परियोजनाओं में अपेक्षा के अनुरूप प्रगति नहीं हो रही है, उनकी नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी अनावश्यक विलंब सामने आएगा, वहां कारणों की जांच कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों का सम्मान करने की नसीहत

संसद और विधानसभा में जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारियों के व्यवहार को लेकर उठाई जा रही शिकायतों पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का विशेष महत्व है और प्रशासनिक अधिकारियों का दायित्व है कि वे उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करें।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुनना चाहिए तथा नियमानुसार उनका समाधान करना चाहिए। उन्होंने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग पहले ही इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। यदि किसी अधिकारी के खिलाफ विशिष्ट शिकायत प्राप्त होती है तो सरकार उस पर संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करेगी।

‘कांग्रेस के शासनकाल में चलता था तबादला उद्योग’

तीन वर्ष से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों के तबादले संबंधी सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए अरुण साव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के शासनकाल में तबादलों को लेकर “तबादला उद्योग” चलने के आरोप लगते रहे हों, उसे इस विषय पर टिप्पणी करने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार प्रशासनिक आवश्यकता और पारदर्शिता के आधार पर तबादले कर रही है। समय-समय पर स्थानांतरण किए जाना प्रशासनिक व्यवस्था का सामान्य हिस्सा है, जिससे कार्य संस्कृति में सुधार आता है और प्रशासनिक दक्षता बनी रहती है।

भूपेश बघेल पर साधा निशाना

पंजाब में कांग्रेस नेताओं द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विरोध और ‘गो बैक’ के नारे लगाए जाने के घटनाक्रम पर भी अरुण साव ने प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल जहां भी जा रहे हैं, वहां कांग्रेस के भीतर विवाद और गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है। इससे स्पष्ट होता है कि कांग्रेस अपने ही नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करने में असफल हो रही है।

‘पहले आपसी विवाद खत्म करे कांग्रेस’

कांग्रेस द्वारा जिला और ब्लॉक स्तर पर नेताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर भी उपमुख्यमंत्री ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना अच्छी पहल है, लेकिन यदि पार्टी के वरिष्ठ नेता ही आपसी विवादों में उलझे रहें तो केवल निचले स्तर के पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को सबसे पहले अपने नेताओं के बीच चल रहे मतभेद और गुटबाजी को समाप्त करने पर ध्यान देना चाहिए। जब संगठन के शीर्ष स्तर पर एकजुटता होगी, तभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का वास्तविक लाभ पार्टी को मिल सकेगा।

विकास कार्यों में तेजी लाने पर सरकार का जोर

अरुण साव ने दोहराया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराना है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता से जुड़े हर विकास कार्य की नियमित निगरानी कर रही है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए विकास परियोजनाओं को तेजी से पूरा कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

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Author: cg24x7

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