दो मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने से बदला मौसम का मिजाज, रायपुर और मुंगेली में अति भारी बारिश; 10 अगस्त को एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी
रायपुर, 10 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में रविवार को झमाझम बारिश हुई। कई इलाकों में कुछ ही घंटों में अच्छी खासी बारिश दर्ज की गई, जबकि रायपुर और मुंगेली जिले में एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया। मौसम विभाग ने सोमवार, 10 अगस्त को भी प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। वहीं, एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में बारिश का यह दौर दो मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण बना हुआ है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे छत्तीसगढ़ के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ ही इससे संबंधित चक्रवाती परिसंचरण करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अलावा मानसून द्रोणिका भी इसी क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इन दोनों प्रणालियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
रायपुर में 120 मिमी बारिश, सड़कों पर भरा पानी
रविवार को राजधानी रायपुर में बारिश ने जोरदार दस्तक दी। शहर में 120 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कों और निचले हिस्सों में पानी भर गया। कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ।
लगातार बारिश के कारण राजधानी के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। रायपुर का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से करीब 0.3 डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पथरिया में सबसे ज्यादा 160 मिमी बारिश
प्रदेश में रविवार को सबसे अधिक बारिश वाले स्थानों में पथरिया सबसे आगे रहा। यहां 160 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा लोरमी में 110 मिलीमीटर, लभांडी में 100 मिलीमीटर और लालपुर थाना क्षेत्र में 100 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं भाटापारा, मुंगेली और सिमगा में 90-90 मिलीमीटर बारिश हुई।
तखतपुर और जांजगीर में 80-80 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। डोंगरगढ़, पोंडी बचरा, करपावंड, मान-रायपुर समेत प्रदेश के कई अन्य स्थानों पर भी करीब सात सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।
बारिश के इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मानसून ने रविवार को प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी सक्रियता दिखाई।
बिलासपुर में 53, दुर्ग में 40.8 मिमी बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश दर्ज की गई।
प्रमुख शहरों की बात करें तो बिलासपुर में 53 मिलीमीटर, दुर्ग में 40.8 मिलीमीटर, अंबिकापुर में 35.7 मिलीमीटर और जगदलपुर में 35.1 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
इस बारिश से जहां खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है, वहीं लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों और जलाशयों के जलस्तर पर भी असर पड़ रहा है।
अंबिकापुर सबसे गर्म, पेंड्रारोड में सबसे कम तापमान
बारिश के बावजूद प्रदेश के कुछ हिस्सों में तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहा। मौसम विभाग के अनुसार रविवार को अंबिकापुर में 30.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा।
वहीं, पेंड्रारोड में न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लगातार बादल और बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है।
10 अगस्त को भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना
मौसम विभाग ने 10 अगस्त को भी छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान जताया है। प्रदेश के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
वहीं, एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राजधानी रायपुर में सोमवार को आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। शहर में एक-दो बार बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। रायपुर में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
दो मौसमी प्रणालियां बना रही बारिश का माहौल
मौसम विभाग के मुताबिक वर्तमान बारिश के पीछे दो प्रमुख मौसमी प्रणालियों का प्रभाव है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे छत्तीसगढ़ के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तृत है।
दूसरी ओर मानसून द्रोणिका भी इसी क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण प्रदेश में नमी का प्रवाह बढ़ा है और बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इन प्रणालियों के प्रभाव से छत्तीसगढ़ में अभी बारिश का दौर पूरी तरह थमने वाला नहीं है।
किसानों के लिए राहत, लेकिन निचले इलाकों में बढ़ी चिंता
मानसून की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आई है। खरीफ फसलों, विशेषकर धान की खेती के लिए बारिश बेहद महत्वपूर्ण है। जिन क्षेत्रों में पिछले दिनों बारिश अपेक्षाकृत कम हुई थी, वहां इस बारिश से खेतों में नमी की स्थिति बेहतर हुई है।
हालांकि, लगातार और तेज बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति चिंता का कारण भी बन सकती है। नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बिजली गिरने के अलर्ट के बीच सावधानी जरूरी
भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी को देखते हुए लोगों को खुले मैदान, पेड़ के नीचे और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी जाती है। बारिश और आंधी के दौरान बिजली के खंभों, तारों तथा अन्य विद्युत उपकरणों से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।
फिलहाल मौसम विभाग की नजर प्रदेश में सक्रिय दोनों मौसमी प्रणालियों पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इनकी स्थिति के आधार पर बारिश की तीव्रता में बदलाव हो सकता है।
मौसम का मौजूदा संदेश
छत्तीसगढ़ में मानसून इस समय सक्रिय चरण में है। रायपुर में 120 मिमी और पथरिया में 160 मिमी बारिश ने इसकी तीव्रता का संकेत दे दिया है। 10 अगस्त को भी प्रदेश में बारिश जारी रहने तथा एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना के बीच प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
Author: cg24x7




