सरगुजा में पहली फील्ड पोस्टिंग के दौरान गंभीर आरोप; हवाला के जरिए 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में रकम लेने का दावा, WhatsApp कॉल रिकॉर्डिंग को बनाया गया शिकायत का आधार
रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल की पहली फील्ड पोस्टिंग के दौरान कथित तौर पर एक करोड़ रुपये से अधिक की रिश्वत लेने के आरोपों ने पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है। मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत ने गंभीर रुख अपनाते हुए छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के निदेशक को नोटिस जारी किया है।
विशेष अदालत ने छत्तीसगढ़ के डीजीपी से पूरे मामले की तथ्यात्मक रिपोर्ट और सीबीआई निदेशक से अब तक की गई कार्रवाई की Action Taken Report (ATR) पेश करने को कहा है। अदालत का यह आदेश ऐसे समय आया है, जब शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि शिकायत किए जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
क्या है पूरा मामला?
मामला छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर से जुड़ा है। शिकायत के मुताबिक, प्रशिक्षु आईपीएस राहुल बंसल और सरगुजा साइबर थाने में पदस्थ दो उपनिरीक्षकों पर आपराधिक साजिश के तहत आरोपियों के रिश्तेदारों से कथित तौर पर करीब एक करोड़ रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में दावा किया गया है कि मई 2026 में कथित रिश्वत की रकम 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में हवाला के माध्यम से पहुंचाई गई। आरोप है कि इस लेन-देन के लिए प्रत्यक्ष बैंकिंग माध्यम के बजाय हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना अभी बाकी है और मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तथा अदालत के समक्ष पेश होने वाली रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
WhatsApp कॉल रिकॉर्डिंग को बनाया गया आधार
शिकायतकर्ता आकाश कुमार की ओर से अदालत में दाखिल शिकायत में कथित WhatsApp कॉल रिकॉर्डिंग को अहम डिजिटल साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया है।
शिकायत के अनुसार, पुलिस अधिकारियों और संबंधित लोगों के बीच हुई बातचीत को रिकॉर्ड किया गया था। बाद में इन्हीं बातचीत की रिकॉर्डिंग के आधार पर कथित रिश्वत लेन-देन के संबंध में सीबीआई में शिकायत की गई।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उसने 8 जून 2026 को मामले की शिकायत की थी, लेकिन उसके बाद भी अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई। इसी आधार पर बाद में दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।
1 जुलाई को अदालत में दाखिल हुई शिकायत
इस मामले में आकाश कुमार की ओर से 1 जुलाई 2026 को राउज एवेन्यू स्थित विशेष सीबीआई अदालत में शिकायत दाखिल की गई। शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता मनमीत सिंह ने पैरवी की।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम)/सीबीआई-11 सुधांशु कौशिक की अदालत में हुई। अदालत ने शिकायत में लगाए गए आरोपों और सरकारी अधिकारियों से जुड़े होने के कारण मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित उच्च अधिकारियों से रिपोर्ट तलब करना उचित समझा।
DGP से क्यों मांगी गई रिपोर्ट?
अदालत के आदेश में सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक से मामले के तथ्यों और परिस्थितियों पर रिपोर्ट मांगी गई है।
इसका अर्थ यह है कि अदालत अब यह जानना चाहती है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों के संबंध में राज्य पुलिस स्तर पर क्या जानकारी उपलब्ध है, अब तक क्या कार्रवाई की गई और मामले की वास्तविक स्थिति क्या है।
दूसरी ओर, सीबीआई से अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा गया है। ऐसे में आने वाली रिपोर्ट यह स्पष्ट करने में महत्वपूर्ण हो सकती है कि शिकायत पर जांच एजेंसी ने क्या कदम उठाए हैं।
कौन हैं IPS राहुल बंसल?
राहुल बंसल मूल रूप से राजस्थान के जयपुर के रहने वाले बताए गए हैं। उनका जन्म 26 जून 1994 को हुआ था। उन्होंने बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा-2021 में सफलता हासिल की।
राहुल बंसल ने ऑल इंडिया स्तर पर 377वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद उन्हें छत्तीसगढ़ कैडर आवंटित हुआ। उन्होंने 29 अगस्त 2022 को भारतीय पुलिस सेवा में अपनी सेवा शुरू की।
सरगुजा में उनकी पोस्टिंग को शुरुआती फील्ड जिम्मेदारियों के तौर पर देखा जा रहा था। इसी दौरान उनके खिलाफ सामने आए कथित भ्रष्टाचार के आरोपों ने मामले को गंभीर बना दिया है।
पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा?
मामले को लेकर मीडिया ने सरगुजा पुलिस के अधिकारियों से प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की।
सरगुजा के पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल ने कहा कि मामला रेंज स्तर से संबंधित है और इस संबंध में पुलिस महानिरीक्षक (IG) ही बेहतर जानकारी दे सकते हैं।
वहीं, आईजी दीपक झा और आरोपी आईपीएस अधिकारी राहुल बंसल से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे तत्काल प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।
इस वजह से फिलहाल आरोपों के संबंध में संबंधित अधिकारियों का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है।
अब आगे क्या होगा?
दिल्ली की विशेष सीबीआई अदालत द्वारा DGP और CBI निदेशक से रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद अब मामले में अगली प्रक्रिया इन रिपोर्टों पर निर्भर करेगी।
यदि रिपोर्ट में शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की आवश्यकता सामने आती है, तो संबंधित एजेंसियां आगे की जांच, रिकॉर्ड की पड़ताल और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के सत्यापन की दिशा में कदम उठा सकती हैं।
विशेष रूप से कथित WhatsApp कॉल रिकॉर्डिंग, हवाला के जरिए रकम पहुंचाए जाने के दावे और संबंधित व्यक्तियों के बीच कथित बातचीत की जांच इस मामले में महत्वपूर्ण हो सकती है।
फिलहाल यह ध्यान रखना जरूरी है कि राहुल बंसल और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी आरोप मात्र हैं। अदालत ने इस स्तर पर आरोपों को सही ठहराने का कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। मामले में जांच और संबंधित अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
मामले की प्रमुख बातें
- सरगुजा में प्रशिक्षु IPS राहुल बंसल पर करीब एक करोड़ रुपये की कथित रिश्वत लेने का आरोप।
- शिकायत में सरगुजा साइबर थाने के दो उपनिरीक्षकों के भी शामिल होने का दावा।
- मई 2026 में 50-50 लाख रुपये की दो किस्तों में कथित हवाला लेन-देन का आरोप।
- कथित WhatsApp कॉल रिकॉर्डिंग को शिकायत का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया।
- 8 जून 2026 को शिकायत दिए जाने का दावा।
- 1 जुलाई 2026 को दिल्ली की विशेष CBI अदालत में शिकायत दाखिल।
- राउज एवेन्यू अदालत ने छत्तीसगढ़ के DGP और CBI निदेशक को नोटिस जारी किया।
- अदालत ने DGP से तथ्यात्मक रिपोर्ट और CBI से Action Taken Report मांगी।
- मामले में आरोपों की स्वतंत्र जांच और संबंधित पक्षों का जवाब अभी महत्वपूर्ण है।
Author: cg24x7





