राजनांदगांव में यश नाहटा और मनीष भंसाली के ठिकानों पर फिर EOW की दबिश, टीम ने दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले

राजनांदगांव। जिला मुख्यालय राजनांदगांव में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) की एक बार फिर कार्रवाई से हलचल तेज हो गई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक EOW की टीम ने शहर के सत्यम विहार कॉलोनी स्थित यश नाहटा के ठिकाने और कामठी लाइन स्थित मनीष भंसाली के ठिकाने पर पहुंचकर जांच शुरू की है। दोनों स्थानों पर टीम द्वारा दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जाने की जानकारी सामने आ रही है।

हालांकि, मौजूदा कार्रवाई किस प्रकरण या शिकायत के सिलसिले में की जा रही है, इसे लेकर EOW की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

दो प्रमुख ठिकानों पर एक साथ जांच

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार EOW की टीम सत्यम विहार कॉलोनी और कामठी लाइन क्षेत्र में पहुंची है। टीम द्वारा संबंधित ठिकानों पर उपलब्ध दस्तावेजों, कारोबारी रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कागजात की जांच किए जाने की बात कही जा रही है।

जांच के दौरान अधिकारियों की ओर से किन दस्तावेजों और रिकॉर्ड को अपने कब्जे में लिया गया या जांच में क्या तथ्य सामने आए हैं, इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होने की संभावना है।

पहले भी हो चुकी है दोनों ठिकानों पर कार्रवाई

इस पूरे घटनाक्रम का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यश नाहटा और मनीष भंसाली से जुड़े ठिकाने EOW की जांच के दायरे में पहले भी आ चुके हैं।

29 अक्टूबर 2025 को राजनांदगांव में EOW की एक बड़ी कार्रवाई के दौरान भी सत्यम विहार कॉलोनी स्थित यश नाहटा के ठिकाने और कामठी लाइन क्षेत्र में मनीष भंसाली के ठिकाने पर छापेमारी की जानकारी सामने आई थी।

उस समय रायपुर से करीब 10 वाहनों में अधिकारियों की टीम के राजनांदगांव पहुंचने और अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई किए जाने की खबर सामने आई थी। कार्रवाई के दौरान कारोबार से संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य जानकारियों की जांच किए जाने की बात कही गई थी।

दोबारा कार्रवाई से बढ़ी चर्चाएं

अब करीब एक वर्ष से भी कम समय के अंतराल में इन्हीं ठिकानों पर EOW की दोबारा कार्रवाई की खबर सामने आने से राजनांदगांव के कारोबारी और राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।

लोगों की नजर इस बात पर है कि आखिर EOW की टीम को दोबारा इन ठिकानों तक पहुंचने की जरूरत क्यों पड़ी और पिछली कार्रवाई के दौरान सामने आए दस्तावेजों अथवा वित्तीय लेन-देन की जांच किस दिशा में आगे बढ़ी है।

हालांकि, जब तक जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक रूप से मामले की पृष्ठभूमि और कार्रवाई का कारण स्पष्ट नहीं किया जाता, तब तक इसके संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

कार्रवाई के बाद सामने आएगी तस्वीर

फिलहाल EOW की टीम द्वारा दोनों स्थानों पर जांच जारी रहने की जानकारी है। दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद जांच एजेंसी आगे क्या कदम उठाती है, यह महत्वपूर्ण होगा।

वर्तमान छापेमारी किस मामले से जुड़ी है, जांच में कौन-कौन से दस्तावेज या वित्तीय लेन-देन सामने आए और क्या आगे भी कार्रवाई की जाएगी—इन सभी सवालों के जवाब EOW की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होंगे।

राजनांदगांव में एक बार फिर हुई इस कार्रवाई ने पुराने मामले से जुड़े घटनाक्रम को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब शहर में सबसे ज्यादा नजर EOW की ओर से आने वाले अगले आधिकारिक अपडेट पर है।

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Author: cg24x7

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