सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में लगातार हो रही बारिश ने ग्रामीण इलाकों में एक बार फिर आवागमन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम सुखदेवपुर में बांकी नदी पर बने पुल के टूटने के बाद बनाए गए रपटा पुल तक पहुंचने वाली सड़क भी बारिश की भेंट चढ़ गई है। रपटा पुल के दोनों ओर मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए बनाई गई सड़क का हिस्सा लगातार बारिश के कारण बह गया, जिसके चलते इस मार्ग पर आवागमन एक बार फिर बाधित हो गया है।
यह मार्ग प्रतापपुर रोड को बनारस रोड से जोड़ता है। सड़क के बह जाने से आसपास के ग्रामीणों और इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों के सामने आवाजाही की नई समस्या खड़ी हो गई है।
पुल टूटने के बाद बनाया गया था रपटा
ग्राम सुखदेवपुर के पास बांकी नदी पर बना पुल पहले ही क्षतिग्रस्त होकर टूट चुका है। इसके बाद लोगों की आवाजाही को पूरी तरह बंद होने से बचाने के लिए नदी के समीप रपटा पुल तैयार किया गया था।
रपटा पुल के दोनों तरफ से मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए अस्थायी तौर पर सड़क बनाई गई थी, ताकि प्रतापपुर रोड और बनारस रोड के बीच आवागमन जारी रखा जा सके। लेकिन लगातार हो रही बारिश ने इस वैकल्पिक व्यवस्था को भी प्रभावित कर दिया है।
तेज बारिश से बह गई संपर्क सड़क
बारिश के कारण नदी और आसपास के नालों में पानी का बहाव बढ़ने के साथ ही रपटा पुल के दोनों ओर बनाई गई संपर्क सड़क का हिस्सा बह गया। सड़क का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद रपटा पुल तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।
इससे क्षेत्र के लोगों को एक बार फिर आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर सड़क बहने के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है और लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ सकता है।
प्रतापपुर-बनारस रोड कनेक्टिविटी पर असर
सुखदेवपुर का यह मार्ग प्रतापपुर रोड को बनारस रोड से जोड़ता है। ऐसे में सड़क के बह जाने से केवल स्थानीय ग्रामीणों की आवाजाही ही प्रभावित नहीं हुई है, बल्कि दोनों प्रमुख मार्गों के बीच संपर्क भी बाधित हुआ है।
इस रास्ते का इस्तेमाल आसपास के गांवों के लोग रोजमर्रा के कामकाज, बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए करते हैं। सड़क बाधित होने से ग्रामीणों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है।
बारिश ने बढ़ाई निर्माण और मरम्मत की चुनौती
क्षेत्र में लगातार बारिश होने के कारण क्षतिग्रस्त सड़क और रपटा पुल के आसपास की व्यवस्था को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। पानी के तेज बहाव के कारण अस्थायी तौर पर तैयार किए गए मार्गों को बार-बार नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन मौके का निरीक्षण कर जल्द से जल्द वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करे, ताकि जरूरी सेवाओं और ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित न हो।
ग्रामीणों के सामने फिर खड़ी हुई परेशानी
पुल टूटने के बाद रपटा पुल बनाए जाने से लोगों को कुछ राहत मिली थी, लेकिन अब रपटा पुल तक पहुंचने वाली सड़क के बह जाने से समस्या फिर सामने आ गई है। बारिश के मौसम में इस मार्ग से जुड़े ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि बारिश का दौर आगे भी जारी रहता है तो सड़क और आसपास के मार्ग को और नुकसान हो सकता है। ऐसे में प्रशासन के सामने तत्काल आवागमन बहाल करने के साथ-साथ स्थायी समाधान की चुनौती भी है।
अब स्थायी समाधान की जरूरत
बांकी नदी पर पुल टूटने और उसके बाद रपटा पुल के संपर्क मार्ग के बह जाने की घटना ने क्षेत्र में मजबूत और स्थायी सड़क-पुल व्यवस्था की जरूरत को फिर सामने ला दिया है। अस्थायी इंतजाम बारिश के तेज बहाव के सामने टिक नहीं पा रहे हैं।
फिलहाल सुखदेवपुर में सड़क बहने से प्रतापपुर रोड और बनारस रोड के बीच आवागमन प्रभावित है। बारिश थमने के बाद क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत और आवागमन बहाल करने की दिशा में प्रशासन की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।
Author: cg24x7




