भैरमगढ़ विकासखंड में बहुप्रतीक्षित परियोजना की दिशा में बढ़ा कदम, सर्वेक्षण से जल भंडारण क्षमता और संभावित सिंचाई रकबे का होगा आकलन
रायपुर, 31 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड में प्रस्तावित इदवारा बैराज के सर्वेक्षण कार्य के लिए 2 करोड़ 66 लाख 70 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। जल संसाधन विभाग की इस स्वीकृति से लंबे समय से प्रस्तावित इदवारा बैराज परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।
इदवारा बैराज को लेकर क्षेत्र में लंबे समय से उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। बैराज परियोजना के सर्वेक्षण का कार्य पूरा होने के बाद क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों, जल उपलब्धता, संभावित जल भंडारण क्षमता और इससे विकसित किए जा सकने वाले सिंचाई रकबे का विस्तृत आकलन किया जा सकेगा। इसके आधार पर परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में आगामी निर्णय लिए जा सकेंगे।
2.66 करोड़ से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति
छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग ने इदवारा बैराज के सर्वेक्षण कार्य के लिए कुल 2 करोड़ 66 लाख 70 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है। यह स्वीकृति परियोजना के प्रारंभिक चरण के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सर्वेक्षण किसी भी बड़े जल संसाधन प्रोजेक्ट की आधारभूत प्रक्रिया होती है। इसके माध्यम से प्रस्तावित स्थल और आसपास के क्षेत्र का तकनीकी एवं भौगोलिक अध्ययन किया जाता है। इसी अध्ययन के आधार पर यह निर्धारित करने में मदद मिलती है कि प्रस्तावित बैराज से कितनी मात्रा में पानी का भंडारण संभव होगा और उससे कितने क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
भैरमगढ़ क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने की उम्मीद
बीजापुर जिले का भैरमगढ़ विकासखंड ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। ऐसे इलाकों में खेती के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इदवारा बैराज परियोजना के सर्वेक्षण से क्षेत्र में उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर उपयोग की संभावनाओं का आकलन किया जा सकेगा।
सर्वेक्षण पूरा होने के बाद यदि परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होती है तो इससे क्षेत्र में जल भंडारण और सिंचाई के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की संभावना बनेगी। इसका सीधा लाभ खेती पर निर्भर ग्रामीण आबादी को मिलने की उम्मीद है।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह परियोजना?
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सिंचाई की उपलब्धता का सीधा संबंध कृषि उत्पादन और किसानों की आय से है। पर्याप्त और भरोसेमंद जल उपलब्ध होने से किसान वर्षा पर निर्भरता कम करते हुए कृषि गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित कर सकते हैं।
इदवारा बैराज के सर्वेक्षण के जरिए संभावित सिंचाई क्षेत्र का आकलन होने से यह भी स्पष्ट होगा कि परियोजना के माध्यम से कितने कृषि रकबे को भविष्य में लाभ पहुंचाया जा सकता है। इसके साथ ही क्षेत्र की जल भंडारण क्षमता का वैज्ञानिक आकलन परियोजना की आगे की योजना बनाने में मदद करेगा।
वनांचल क्षेत्र के विकास को मिल सकता है नया आधार
बीजापुर जैसे वनांचल जिले में सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ सिंचाई व्यवस्था का विस्तार ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। जल संसाधनों का बेहतर उपयोग होने से कृषि गतिविधियों को मजबूती मिल सकती है और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
इदवारा बैराज के सर्वेक्षण के लिए मिली प्रशासनिक स्वीकृति को इसी व्यापक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परियोजना के अगले चरण सर्वेक्षण से प्राप्त तकनीकी रिपोर्ट और संभावनाओं के आकलन के आधार पर आगे बढ़ेंगे।
सर्वेक्षण के बाद तय होगी परियोजना की आगे की दिशा
फिलहाल शासन ने सर्वेक्षण कार्य के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दी है। सर्वेक्षण के दौरान जुटाए जाने वाले तकनीकी आंकड़ों के आधार पर इदवारा बैराज की संभावनाओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जाएगा। जल भंडारण क्षमता, सिंचाई की संभावनाओं और क्षेत्र की जरूरतों का आकलन परियोजना के अगले चरण के लिए महत्वपूर्ण होगा।
इस तरह 2.66 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति केवल सर्वेक्षण कार्य के लिए बजट प्रावधान नहीं है, बल्कि बीजापुर के भैरमगढ़ क्षेत्र में लंबे समय से अपेक्षित सिंचाई परियोजना को तकनीकी रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम शुरुआत है। अब क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों की नजर सर्वेक्षण कार्य के परिणाम और परियोजना के आगामी चरणों पर रहेगी।
Author: cg24x7




